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Hindi News ›   Automobiles News ›   How Many EVs Registered in Nepal: Electric Mobility Expands Rapidly in Himalayan Nation

Electric Vehicles: नेपाल में तेजी से बढ़ा इलेक्ट्रिक वाहनों का क्रेज, कितने ईवी हुए पंजीकृत, जानें डिटेल्स

Sat, 22 Aug 2026 07:43 PM IST
Amar Sharma आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Sat, 22 Aug 2026 07:43 PM IST
सार

नेपाल के ऑटोमोबाइल बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की पकड़ तेजी से मजबूत हो रही है। नई निजी कारों के आयात में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत से ज्यादा पहुंच गई है। जानें डिटेल्स।

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How Many EVs Registered in Nepal: Electric Mobility Expands Rapidly in Himalayan Nation
Electric Vehicle Growth In Nepal - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पड़ोसी देश नेपाल के ऑटोमोबाइल बाजार में इलेक्ट्रिक वाहन बेहद तेजी से अपनी पैठ बना रहे हैं। बुनियादी ढांचा विकास मंत्रालय द्वारा जारी 'राष्ट्रीय परिवहन नीति 2026' के आंकड़ों के अनुसार, मध्य जुलाई में समाप्त हुए वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक नेपाल में कुल 63,280 इलेक्ट्रिक वाहन (दोपहिया, तीन-पहिया और चार-पहिया) पंजीकृत हो चुके हैं।
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नेपाल के कुल 62.5 लाख पंजीकृत वाहनों के विशाल बेड़े की तुलना में यह संख्या अभी छोटी लग सकती है। लेकिन एक दशक से भी कम समय में ईवी की इस तेज पैठ ने पारंपरिक ईंधन (ICE) वाहनों को काफी पीछे छोड़ दिया है।
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निजी कार सेगमेंट में नेपाल ने वैश्विक स्तर पर क्या नया कीर्तिमान स्थापित किया है?

नेपाल के आयात आंकड़ों में एक बड़ा ऐतिहासिक बदलाव देखा गया है:
  • वैश्विक रैंकिंग में दूसरा स्थान: नेपाल में आयात की जाने वाली कुल नई निजी कारों में से 70 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी केवल इलेक्ट्रिक चार-पहिया वाहनों की है। इसके साथ ही नेपाल नई ईवी बिक्री के मामले में नॉर्वे के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन गया है।
  • सालाना आयात: अकेले पिछले वित्त वर्ष में ही नेपाल ने 11,666 इलेक्ट्रिक चार-पहिया वाहनों का आयात किया है।
  • बाजार में बदलाव: दशकों से नेपाल के ऑटो बाजार पर भारतीय आईसीई (पेट्रोल/डीजल) वाहनों का दबदबा था, लेकिन अब इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट में चीनी ब्रांड्स तेजी से अपनी बढ़त बना रहे हैं।

नेपाल में ईवी क्रांति के अचानक इतने तेज होने के मुख्य कारण क्या हैं?

नेपाल में इलेक्ट्रिक वाहनों की इस भारी मांग के पीछे सरकार की रणनीतिक नीतियां और देश के प्राकृतिक संसाधन मुख्य वजह हैं:
  • सस्ता टैक्स और आसान लोन: सरकार ने पारंपरिक गाड़ियों की तुलना में ईवी पर टैक्स दरें काफी कम रखी हैं। इसके अलावा आसान फाइनेंसिंग सुविधाओं और नए मॉडल्स की उपलब्धता ने बिक्री को बढ़ावा दिया है।
  • प्रचुर जलविद्युत (Hydropower): नेपाल के पास प्रचुर मात्रा में जलविद्युत संसाधन मौजूद हैं। आयातित महंगे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने और स्वदेशी बिजली की खपत बढ़ाने के लिए सरकार ईवी को हरित विकास के रूप में बढ़ावा दे रही है।
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भविष्य के लिए नेपाल सरकार के लक्ष्य और चुनौतियां क्या हैं?

पेरिस समझौते के तहत पेश किए गए 'नेपाल NDC 3.0' के अनुसार देश ने बड़े दीर्घकालिक लक्ष्य तय किए हैं:
  • 2030 और 2035 के लक्ष्य: नेपाल का लक्ष्य 2030 तक निजी यात्री वाहनों की कुल बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत और सार्वजनिक वाहनों में 70 प्रतिशत करने का है। वहीं 2035 तक इसे क्रमशः 95 प्रतिशत और 90 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
  • अवसंरचनात्मक चुनौतियां: हालांकि, मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि इस तेज वृद्धि के साथ देश में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बैटरी रिसाइकलिंग, सुरक्षा मानकों और नियमों का विकास अभी शुरुआती चरणों में है, जिन्हें मजबूत करने की तत्काल जरूरत है।
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