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Traffic Advisory: दिल्ली के सरिता विहार फ्लाईओवर की मरम्मत 15 जून से होगी शुरू, जानें ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान
Tue, 11 Jun 2024 03:30 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 11 Jun 2024 03:30 PM IST
सार
पीडब्ल्यूडी 15 जून से सारिता विहार फ्लाईओवर पर मरम्मत कार्य शुरू करने के लिए तैयार है। जिससे राजधानी की सबसे ज्यादा भीड़-भाड़ वाली सड़कों में से एक पर ट्रैफिक जाम लगने की उम्मीद है। जानें क्या है पुलिस का ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान
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Delhi Traffic
- फोटो : PTI
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विस्तार
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) 15 जून से सारिता विहार फ्लाईओवर पर मरम्मत कार्य शुरू करने के लिए तैयार है। इस मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि यह एक ऐसा कदम है जिससे राजधानी की सबसे ज्यादा भीड़-भाड़ वाली सड़कों में से एक पर ट्रैफिक जाम लगने की उम्मीद है। इससे बदरपुर, जैतपुर, कालिंदी कुंज और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में रहनेवाले लोगों को असुविधा होगी।
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अधिकारियों ने बताया कि एक्सपैंशन जॉइन्ट (विस्तार जोड़ों) की मरम्मत चार चरणों में की जाएगी। यह लगभग 60 दिनों में पूरी हो जाएगी, और इस अवधि के दौरान फ्लाईओवर आंशिक रूप से बंद रहेगा।
कंक्रीट डेके स्लैब के बीच विस्तार जोड़ों को डेके के थर्मल एक्सपैंशन (विस्तार) और कॉन्ट्रैक्शन (संकुचन) के साथ-साथ ट्रैफिक के कारण होने वाली रफ्तार को एडजस्ट करने के लिए प्रदान किया जाता है।
कंक्रीट डेके स्लैब के बीच विस्तार जोड़ों को डेके के थर्मल एक्सपैंशन (विस्तार) और कॉन्ट्रैक्शन (संकुचन) के साथ-साथ ट्रैफिक के कारण होने वाली रफ्तार को एडजस्ट करने के लिए प्रदान किया जाता है।
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पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने कहा कि सारिता विहार फ्लाईओवर में समानांतर विस्तार जोड़ों के सात सेट हैं जिन्हें बदला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले चरण में, आश्रम से बदरपुर की ओर जाने वाली फ्लाईओवर कैरिजवे का एक आधा हिस्सा मरम्मत किया जाएगा। और दूसरे चरण में, कैरिजवे के दूसरे आधे हिस्से की मरम्मत की जाएगी।
इसके अलावा, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि उन्होंने मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी को अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी किया है जो दो महीने के लिए वैध है। और जरूरत पड़ने पर अनुमति बढ़ाई जा सकती है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "बदरपुर से आश्रम कैरिजवे के राशनिंग की इसी तरह की व्यवस्था तीसरे और चौथे चरण में की जाएगी।"
इसके अलावा, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि उन्होंने मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी को अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी किया है जो दो महीने के लिए वैध है। और जरूरत पड़ने पर अनुमति बढ़ाई जा सकती है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "बदरपुर से आश्रम कैरिजवे के राशनिंग की इसी तरह की व्यवस्था तीसरे और चौथे चरण में की जाएगी।"
पहले ही हो चुकी है काफी देरी
एक अधिकारी ने कहा कि सारिता विहार फ्लाईओवर पर मरम्मत कार्य को अप्रैल 2022 में तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा मंजूरी दे दी गई थी। लेकिन यह परियोजना दो साल से ज्यादा समय से लंबित है।
अधिकारी ने अपनी पहचान नहीं उजागर करने का अनुरोध करते हुए बताया, "विस्तार जोड़ों की मरम्मत का काम पहले जून और जुलाई 2023 में निर्धारित किया गया था। और तब से इसे कई बार स्थगित कर दिया गया है। हमने सिर्फ 2023 में ही तीन बार ट्रैफिक पुलिस से एनओसी के लिए आवेदन किया था। लेकिन ट्रैफिक पुलिस से एनओसी आखिरकार हासिल हो गई है। और काम उसी तरह से किया जाएगा जैसा कि चिराग दिल्ली फ्लाईओवर (मार्च-अप्रैल 2023 में) पर किया गया था। हर चरण में 15 दिनों के चार चरणों में पूरे कार्य को विभाजित करते हुए, मरम्मत कार्य के लिए कैरिजवे का आधा हिस्सा एक बार बंद कर दिया जाएगा।"
एक अधिकारी ने कहा कि सारिता विहार फ्लाईओवर पर मरम्मत कार्य को अप्रैल 2022 में तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा मंजूरी दे दी गई थी। लेकिन यह परियोजना दो साल से ज्यादा समय से लंबित है।
अधिकारी ने अपनी पहचान नहीं उजागर करने का अनुरोध करते हुए बताया, "विस्तार जोड़ों की मरम्मत का काम पहले जून और जुलाई 2023 में निर्धारित किया गया था। और तब से इसे कई बार स्थगित कर दिया गया है। हमने सिर्फ 2023 में ही तीन बार ट्रैफिक पुलिस से एनओसी के लिए आवेदन किया था। लेकिन ट्रैफिक पुलिस से एनओसी आखिरकार हासिल हो गई है। और काम उसी तरह से किया जाएगा जैसा कि चिराग दिल्ली फ्लाईओवर (मार्च-अप्रैल 2023 में) पर किया गया था। हर चरण में 15 दिनों के चार चरणों में पूरे कार्य को विभाजित करते हुए, मरम्मत कार्य के लिए कैरिजवे का आधा हिस्सा एक बार बंद कर दिया जाएगा।"
अधिकारी ने कहा, "सारिता विहार फ्लाईओवर का निर्माण दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा 2001 में, लगभग 23 साल पहले किया गया था। और इसकी तत्काल मरम्मत की जरूरत है।"
किए जाने वाले कार्यों का डिटेल्स देते हुए अधिकारी ने बताया कि फ्लाईओवर पर लगी 28 मेटल की प्लेटों में से प्रत्येक को दो महीने की अवधि में बदला जाएगा।
पीडब्लूडी अधिकारी ने कहा, "28 मेटल की प्लेटों को चार चरणों में बदला जाएगा, जिसमें प्रत्येक लेन में सात प्लेटें शामिल होंगी। प्रत्येक कैरिजवे को लगभग 30 दिनों के लिए बंद करना होगा। विस्तार जोड़ों को बदलने के बाद, कंक्रीट का काम और ब्लैकटॉपिंग होगा, उसके बाद क्यूरिंग के लिए लगभग 10 दिन का समय लगेगा।"
किए जाने वाले कार्यों का डिटेल्स देते हुए अधिकारी ने बताया कि फ्लाईओवर पर लगी 28 मेटल की प्लेटों में से प्रत्येक को दो महीने की अवधि में बदला जाएगा।
पीडब्लूडी अधिकारी ने कहा, "28 मेटल की प्लेटों को चार चरणों में बदला जाएगा, जिसमें प्रत्येक लेन में सात प्लेटें शामिल होंगी। प्रत्येक कैरिजवे को लगभग 30 दिनों के लिए बंद करना होगा। विस्तार जोड़ों को बदलने के बाद, कंक्रीट का काम और ब्लैकटॉपिंग होगा, उसके बाद क्यूरिंग के लिए लगभग 10 दिन का समय लगेगा।"
पुलिस का ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान
जानकारी देने वाले ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने यह भी बताया कि फ्लाईओवर और सभी डॉयवर्जन पॉइन्ट पर पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक कर्मियों को तैनात किया जाएगा। ताकि वे मोटर चालकों का मार्गदर्शन कर सकें और उन्हें वैकल्पिक रूट का इस्तेमाल करके अपने गंतव्य तक पहुंचने में मदद कर सकें।
अधिकारी ने बताया कि पीडब्ल्यूडी को भी वाहनों के सुचारू प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक कर्मियों की मदद के लिए निजी गार्ड/मार्शल तैनात करने के लिए कहा गया है।
जानकारी देने वाले ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने यह भी बताया कि फ्लाईओवर और सभी डॉयवर्जन पॉइन्ट पर पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक कर्मियों को तैनात किया जाएगा। ताकि वे मोटर चालकों का मार्गदर्शन कर सकें और उन्हें वैकल्पिक रूट का इस्तेमाल करके अपने गंतव्य तक पहुंचने में मदद कर सकें।
अधिकारी ने बताया कि पीडब्ल्यूडी को भी वाहनों के सुचारू प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक कर्मियों की मदद के लिए निजी गार्ड/मार्शल तैनात करने के लिए कहा गया है।
अधिकारी ने कहा, "हम विभिन्न सार्वजनिक प्लेटफार्मों जैसे समाचार पत्रों में विज्ञापन, एफएम रेडियो चैनलों पर घोषणाएं और सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए ट्रैफिक सलाह और यातायात व्यवस्था योजनाओं पर नियमित अपडेट भी जारी करेंगे।"
ट्रैफिक पुलिस के अन्य अधिकारी ने कहा कि जरूरत के अनुसार मथुरा रोड पर फ्लाईओवर की ओर जाने वाले भारी और व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित किया जा सकता है।
ट्रैफिक पुलिस के अन्य अधिकारी ने कहा कि जरूरत के अनुसार मथुरा रोड पर फ्लाईओवर की ओर जाने वाले भारी और व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित किया जा सकता है।
केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) में ट्रैफिक इंजीनियरिंग और सुरक्षा प्रभाग के मुख्य वैज्ञानिक और प्रमुख एस वेलमुरुगन ने कहा कि मार्शलों की तैनाती बढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रैफिक पुलिस को स्क्रीन लगाकर और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का इस्तेमाल करके यात्रियों को उनके मार्ग पर भीड़भाड़ और वैकल्पिक मार्गों के बारे में चेतावनी देनी चाहिए।
उन्होंने कहा, "पहले चरण के दौरान, दिल्ली से फरीदाबाद की ओर जाने वाले यात्रियों को भीषण जाम का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि उनके पास कोई अन्य अच्छा वैकल्पिक मार्ग नहीं है। बदरपुर की ओर सुबह के समय की तुलना में शाम के वक्त भारी ट्रैफिक होता है। सारिता विहार लिंक रोड के रास्ते ही एकमात्र अन्य वैकल्पिक रूट है।"