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Drunk Driving: भारत में शराब पीकर गाड़ी चलाने से जुड़े कानून, जानें वयस्कों और नाबालिगों के लिए क्या हैं नियम
Wed, 22 May 2024 08:26 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 22 May 2024 08:26 PM IST
सार
पुणे में हाल ही में एक घातक दुर्घटना भारत में सड़क दुर्घटनाओं और मौतों के मौजूदा मुद्दे को उजागर करती है। जिनमें से कई शराब पीकर गाड़ी चलाने के कारण होती हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि भारत के वयस्कों और नाबालिगों के लिए शराब पीकर गाड़ी चलाने के क्या कानून हैं।
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Man holds a beer bottle while is driving a car
- फोटो : Freepik
विस्तार
पुणे में हाल ही में एक घातक दुर्घटना का कारण बने 17 वर्षीय लड़के को दुर्घटना के सिर्फ 15 घंटे बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया। इस सड़क दुर्घटना में दो मोटरसाइकिल सवारों की मौत हो गई। जब पुणे पुलिस ने नाबालिग को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, तो उन्होंने अनुरोध किया कि आरोपियों के साथ एक वयस्क के रूप में व्यवहार किया जाए। अदालत ने इस अनुरोध को खारिज कर दिया, और किशोर न्याय अधिनियम के तहत कई शर्तों के साथ जमानत दे दिया।
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दुर्घटना के बाद, पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और नाबालिग पर लापरवाही से गाड़ी चलाने, जान को खतरे में डालने और आईपीसी की धारा 304ए, 279, 337, 338, 427 के साथ-साथ महाराष्ट्र मोटर वाहन अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। मामला पुणे शहर के येरवदा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। यह घटना भारत में सड़क दुर्घटनाओं और मौतों के मौजूदा मुद्दे को उजागर करती है। जिनमें से कई शराब पीकर गाड़ी चलाने के कारण होती हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि भारत के वयस्कों और नाबालिगों के लिए शराब पीकर गाड़ी चलाने के क्या कानून हैं।
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निजी वाहन मालिकों के लिए कानूनी तौर पर ब्लड एल्कोहल कंटेंट (बीएसी) सीमा 0.03 प्रतिशत (प्रति 100 मिलीलीटर रक्त में 30 मिलीग्राम अल्कोहल) है। वाणिज्यिक वाहन चालकों के लिए, अनुमेय बीएसी सीमा और भी सख्त है, अक्सर जीरो टॉलरेंस पर। उल्लंघन के लिए दंड की बात करें तो, पहले अपराध के लिए पुलिस 10,000 रुपये तक का जुर्माना, छह महीने तक की कैद और ड्राइवरों को उनके ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन का सामना करना पड़ सकता है।
दूसरे/बाद के अपराध के लिए, अपराधी को 15,000 रुपये तक का जुर्माना, दो साल तक की कैद और ड्राइविंग लाइसेंस के लंबे समय तक निलंबन या स्थायी रद्दीकरण का सामना करना पड़ेगा। शराब पीकर गाड़ी चलाने से किसी अन्य व्यक्ति को चोट लगने पर, अपराधी को दो साल तक की अवधि के कारावास से दंडित किया जा सकता है। यदि इससे किसी अन्य व्यक्ति की मौत हो जाती है, तो अपराधी को दो से सात साल तक के कारावास के साथ-साथ भारी जुर्माना भी भुगतना पड़ सकता है।
अब नाबालिगों के लिए शराब पीकर गाड़ी चलाने के कानूनों की बात करें तो, विभिन्न राज्य कानूनों के अनुसार, शराब पीने की कानूनी उम्र 18 से 25 वर्ष के बीच होती है। गुजरात, बिहार, नागालैंड और मणिपुर जैसे राज्यों में शराब पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। हरियाणा, गोवा और अन्य राज्यों में शराब पीने की कानूनी उम्र 25 वर्ष है। जबकि अन्य राज्यों में 21 वर्ष या उससे ज्यादा उम्र के लोग शराब का सेवन कर सकते हैं। और नाबालिगों के लिए गाड़ी चलाते समय खून में किसी भी मात्रा में अल्कोहल होना गैर-कानूनी है।
अगर नाबालिग ने कोई अपराध किया है, तो नाबालिग के अभिभावक या वाहन के मालिक पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। क्योंकि वे नाबालिग के लिए जिम्मेदार हैं। उन्हें तीन साल तक की कैद और 25,000 रुपये के जुर्माने की सजा दी जाएगी। और अपराध के लिए इस्तेमाल किए गए वाहन का पंजीकरण भी 12 महीने के लिए रद्द कर दिया जाएगा। अगर नाबालिग के पास ड्राइविंग लाइसेंस है, तो उसे निलंबित कर दिया जाएगा और उसे 25 साल की उम्र तक गाड़ी चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।