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Hindi News ›   Automobiles News ›   PM E-DRIVE Update: Govt Allocates ₹2,000 Cr Expand EV Charging Network Across India 2026

EV: भारत में 27 हजार के पार पहुंची चार्जिंग स्टेशनों की संख्या, PM E-DRIVE योजना के लिए करोड़ों रुपये आवंटित

Sat, 28 Mar 2026 10:58 AM IST
Jagriti ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jagriti Updated Sat, 28 Mar 2026 10:58 AM IST
सार

EV Charging Stations India March 2026: भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, देश में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यह जानकारी राज्यसभा में भारी उद्योग मंत्रालय की ओर से साझा की गई है, जो यह दर्शाती है कि देश में लोग कितनी तेजी से ईवी अपना रहे हैं।
 

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PM E-DRIVE Update: Govt Allocates ₹2,000 Cr Expand EV Charging Network Across India 2026
EV Charging Stations - फोटो : Freepik

विस्तार

एक मार्च 2026 तक भारत में कुल 27,737 सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें से 22,753 सक्रिय हैं। सरकार ने फेम-II योजना के तहत आवंटित बजट का बड़ा हिस्सा उपयोग कर लिया है और अब पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत दो हजार करोड़ की नई राशि आवंटित की गई है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक और महाराष्ट्र इस दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। राज्यसभा में एक लिखित जवाब के दौरान भारी उद्योग राज्य मंत्री भूपथिराजु श्रीनिवास वर्मा ने बताया कि देश के कोने-कोने तक चार्जिंग पॉइंट पहुंचाने के लिए भारी-भरकम निवेश कर रही है।
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फेम से पीएम ई-ड्राइव तक
फेम-II (2019-2024):  इस योजना के तहत सरकार ने करीब 912.50 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी, जिसमें से 655.43 करोड़ रुपये का सफल उपयोग चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए किया गया है।
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ईएमपीएस और पीएम ई-ड्राइव: अप्रैल-सितंबर 2024 के बीच चली इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम (EMPS) को अब पीएम ई-ड्राइव में बदल दिया गया है। इस नई योजना का मुख्य फोकस पूरे देश में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की तैनाती सुनिश्चित करना है।
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बजट का आवंटन
सरकार ने आगे आने वाली जरूरतों को देखते हुए पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत दो हजार करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है। यह फंड मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में चार्जिंग नेटवर्क विकसित करने के लिए खर्च होगा, जहां अभी ईवी की पहुंच बहुत कम है।

अग्रणी राज्य 
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, चार्जिंग स्टेशनों की संख्या के मामले कुछ राज्य आगे भी हैं। जैसे:
  • कर्नाटक और महाराष्ट्र: आईटी और औद्योगिक हब होने की वजह से यहां सबसे ज्यादा स्टेशन हैं।
  • उत्तर प्रदेश और दिल्ली: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर की बढ़ती मांग की वजह से यहां चार्जिंग पॉइंट्स की संख्या तेजी से बढ़ी है।
क्या अभी भी है चुनौती?
हालांकि चार्जिंग स्टेशन की संख्या बढ़ रही है, लेकिन अगले तीन वर्षों के लिए अभी भी कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है। साथ ही ग्रामीण और छोटे-शहरों में अभी भी इसकी कमी है। ऐसे में माना जा रहा है कि तेज चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार जरूरी है।


क्यों महत्वपूर्ण है EV इंफ्रास्ट्रक्चर?
धीरे-धीरे पेट्रोल-डीजल के दाम न केवल बढ़ रहे हैं, बल्कि इनकी कमी भी सामने आ रही है। ऐसे में ऑटो में एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईवी से पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम होगी। प्रदूषण में कमी आएगी। साथ में ग्रीन और सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा मिल सकता है।

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