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Auto Sales: अगस्त में भारत में यात्री कारों की बिक्री में 1.8% की गिरावट, जमकर बिके दोपहिया और तीन पहिया वाहन
Fri, 13 Sep 2024 07:13 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 13 Sep 2024 07:13 PM IST
सार
अगस्त के महीने में साल दर साल आधार पर मामूली गिरावट दर्ज की गई है। अगस्त में कुल यात्री वाहन की बिक्री 1.8 प्रतिशत घटकर 3,52,921 यूनिट्स हो गई, जो पिछले साल इसी महीने 3,59,228 यूनिट्स थी।
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Automobile Industry
- फोटो : PTI
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विस्तार
अगस्त के महीने में साल दर साल आधार पर मामूली गिरावट दर्ज की गई है। अगस्त में कुल यात्री वाहन की बिक्री 1.8 प्रतिशत घटकर 3,52,921 यूनिट्स हो गई, जो पिछले साल इसी महीने 3,59,228 यूनिट्स थी। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफेक्चरर्स (SIAM) ने शुक्रवार वाहन बिक्री के ताजा आंकड़ें जारी किए, जिससे यह जानकारी मिली है।
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हालांकि उद्योग ने यात्री वाहन की बिक्री में गिरावट का कोई कारण नहीं बताया। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि यह मुख्य रूप से इस मानसून सीजन में अत्यधिक बारिश के साथ-साथ ग्राहकों द्वारा त्योहारी सीजन के लिए अपनी खरीदारी को स्थगित करने के कारण था।
कई ऑटोमेकर्स कार की बिक्री की मांग को बढ़ावा देने के लिए आकर्षक त्योहारी सीजन के ऑफर लेकर आए हैं।
कई ऑटोमेकर्स कार की बिक्री की मांग को बढ़ावा देने के लिए आकर्षक त्योहारी सीजन के ऑफर लेकर आए हैं।
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Two Wheeler
- फोटो : Freepik
लेकिन, अच्छी बात यह रही कि, अगस्त में तीन-पहिया और दो-पहिया वाहनों की जमकर बिक्री हुई। SIAM के आंकड़ों के अनुसार, तीन-पहिया और दो-पहिया की बिक्री क्रमशः 7.7 प्रतिशत और 9.3 प्रतिशत बढ़कर 69,962 यूनिट्स और 1,711,662 यूनिट्स हो गई।
SIAM के महानिदेशक राजेश मेनन ने कहा, "आगे देखते हुए, जैसे-जैसे देश त्योहारी सीजन में प्रवेश करता है, वाहनों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। जिसे भारत सरकार की PM E-DRIVE (पीएम ई-ड्राइव) और PM-eBus Sewa (पीएम ई-बस सेवा) योजनाओं की हालिया घोषणाओं द्वारा भी उचित रूप से बढ़ाया जाएगा।"
Kinetic Green Electric Three-Wheeler
- फोटो : Amar Ujala/Amar Sharma
बुधवार को, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए PM E-Drive योजना को मंजूरी दी। इस योजना का परिव्यय दो वर्षों की अवधि में 10,900 करोड़ रुपये है।
e-2Ws (इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन), e-3Ws (इलेक्ट्रिक तीन-पहिया वाहन), e-एम्बुलेंस (इलेक्ट्रिक एंबुलेंस), e-ट्रक (इलेक्ट्रिक ट्रक) और अन्य उभरते EVs (इलेक्ट्रिक वाहन) को प्रोत्साहित करने के लिए 3,679 करोड़ रुपये के सब्सिडी या मांग प्रोत्साहन दिए जाएंगे। यह योजना 24.79 लाख e-2Ws, 3.16 लाख e-3Ws और 14,028 e-बसों को सपोर्ट करेगी। भारी उद्योग मंत्रालय भी योजना के तहत मांग प्रोत्साहन का लाभ उठाने के लिए ईवी खरीदारों के लिए ई-वाउचर पेश कर रहा है।
e-2Ws (इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन), e-3Ws (इलेक्ट्रिक तीन-पहिया वाहन), e-एम्बुलेंस (इलेक्ट्रिक एंबुलेंस), e-ट्रक (इलेक्ट्रिक ट्रक) और अन्य उभरते EVs (इलेक्ट्रिक वाहन) को प्रोत्साहित करने के लिए 3,679 करोड़ रुपये के सब्सिडी या मांग प्रोत्साहन दिए जाएंगे। यह योजना 24.79 लाख e-2Ws, 3.16 लाख e-3Ws और 14,028 e-बसों को सपोर्ट करेगी। भारी उद्योग मंत्रालय भी योजना के तहत मांग प्रोत्साहन का लाभ उठाने के लिए ईवी खरीदारों के लिए ई-वाउचर पेश कर रहा है।
इसी दिन, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक परिवहन प्राधिकरणों (PTAs) द्वारा ई-बसों की खरीद और संचालन के लिए 3,435.33 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ एक योजना को भी मंजूरी दी।
"PM-eBus Sewa-पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM)" नाम के इस योजना का समर्थन 2024-25 से 2028-29 तक 38,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसों (ई-बस) की तैनाती करेगा। वर्तमान में, सार्वजनिक परिवहन प्राधिकरणों (PTAs) द्वारा संचालित ज्यादातर बसें डीजल/सीएनजी पर चलती हैं, जिससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
"PM-eBus Sewa-पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM)" नाम के इस योजना का समर्थन 2024-25 से 2028-29 तक 38,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसों (ई-बस) की तैनाती करेगा। वर्तमान में, सार्वजनिक परिवहन प्राधिकरणों (PTAs) द्वारा संचालित ज्यादातर बसें डीजल/सीएनजी पर चलती हैं, जिससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।