{"_id":"68035e64011edc8f58035d3f","slug":"niti-aayog-says-india-lacks-innovations-in-automobile-sector-need-to-hike-investments-in-r-and-d-2025-04-19","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"NITI Aayog: नीति आयोग ने कहा- भारत में ऑटोमोबाइल सेक्टर में इनोवेशन की कमी, शोध पर बड़े निवेश की जरूरत","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
NITI Aayog: नीति आयोग ने कहा- भारत में ऑटोमोबाइल सेक्टर में इनोवेशन की कमी, शोध पर बड़े निवेश की जरूरत
Sat, 19 Apr 2025 01:57 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 19 Apr 2025 01:57 PM IST
सार
नीति आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर ग्लोबल लेवल पर इसलिए पिछड़ रहा है क्योंकि देश में इनोवेशन (नवाचार) की भारी कमी है। इसकी सबसे बड़ी वजह है रिसर्च और डेवलपमेंट (आर एंड डी) इंफ्रास्ट्रक्चर का कमजोर होना।
विज्ञापन
Car Plant
- फोटो : Freepik
विस्तार
नीति आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर ग्लोबल लेवल पर इसलिए पिछड़ रहा है क्योंकि देश में इनोवेशन (नवाचार) की भारी कमी है। इसकी सबसे बड़ी वजह है रिसर्च और डेवलपमेंट (आर एंड डी) इंफ्रास्ट्रक्चर का कमजोर होना। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का आर एंड डी पर खर्च दुनिया के कई बड़े देशों के मुकाबले बहुत कम है। खासकर जर्मनी, जापान और अमेरिका जैसे ऑटोमोबाइल दिग्गज देशों की तुलना में।
नीति आयोग ने साफ कहा है कि "भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर के ग्लोबल ग्रोथ में सबसे बड़ी रुकावट इनोवेशन की कमी है, जो सीधे-सीधे कमजोर रिसर्च और डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी है।"
यह भी पढ़ें - Traffic Radar: केंद्र ने 'वाहनों की गति मापने के लिए रडार उपकरण' के नए नियम किए अधिसूचित, जानें आम लोगों को कैसे होगा फायदा
विज्ञापन
विज्ञापन
नीति आयोग ने साफ कहा है कि "भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर के ग्लोबल ग्रोथ में सबसे बड़ी रुकावट इनोवेशन की कमी है, जो सीधे-सीधे कमजोर रिसर्च और डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी है।"
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Traffic Radar: केंद्र ने 'वाहनों की गति मापने के लिए रडार उपकरण' के नए नियम किए अधिसूचित, जानें आम लोगों को कैसे होगा फायदा
विज्ञापन
नई टेक्नोलॉजी में पीछे रह रहा है भारत
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कम निवेश की वजह से भारत उभरती हुई नई टेक्नोलॉजी, जैसे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी), ऑटोनॉमस ड्राइविंग (स्वचालित ड्राइविंग) और स्मार्ट मोबिलिटी सॉल्यूशंस में प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहा है। इसकी वजह से भारत को ग्लोबल मार्केट में पिछड़ने का खतरा बना हुआ है।
लो-कॉस्ट गाड़ियों में महारथ, लेकिन इनोवेशन में कमी
रिपोर्ट यह भी बताती है कि भारतीय कंपनियां कम लागत में ज्यादा गाड़ियां बनाने के लिए तो जानी जाती हैं, लेकिन इनोवेशन की कमी के चलते वे एडवांस और अनोखे उत्पाद नहीं बना पातीं। इस वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत के ऑटोमोबाइल प्रोडक्ट्स भीड़ में अलग नजर नहीं आते, जिससे ग्लोबल पहचान बनाना मुश्किल हो जाता है।
यह भी पढ़ें - Toll Tax: क्या सच में एक मई से देशभर में लागू हो रही है सैटेलाइट टोल प्रणाली? सरकार ने साफ की स्थिति
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कम निवेश की वजह से भारत उभरती हुई नई टेक्नोलॉजी, जैसे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी), ऑटोनॉमस ड्राइविंग (स्वचालित ड्राइविंग) और स्मार्ट मोबिलिटी सॉल्यूशंस में प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहा है। इसकी वजह से भारत को ग्लोबल मार्केट में पिछड़ने का खतरा बना हुआ है।
लो-कॉस्ट गाड़ियों में महारथ, लेकिन इनोवेशन में कमी
रिपोर्ट यह भी बताती है कि भारतीय कंपनियां कम लागत में ज्यादा गाड़ियां बनाने के लिए तो जानी जाती हैं, लेकिन इनोवेशन की कमी के चलते वे एडवांस और अनोखे उत्पाद नहीं बना पातीं। इस वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत के ऑटोमोबाइल प्रोडक्ट्स भीड़ में अलग नजर नहीं आते, जिससे ग्लोबल पहचान बनाना मुश्किल हो जाता है।
यह भी पढ़ें - Toll Tax: क्या सच में एक मई से देशभर में लागू हो रही है सैटेलाइट टोल प्रणाली? सरकार ने साफ की स्थिति
इंडस्ट्री और रिसर्च के बीच तालमेल की कमी
नीति आयोग ने एक और बड़ी कमी पर ध्यान दिलाया है। इसने कहा है कि भारत में इंडस्ट्री, अकादमिक संस्थानों और रिसर्च ऑर्गेनाइजेशंस के बीच तालमेल बहुत कम है। इस वजह से नए आइडिया और टेक्नोलॉजी ब्रेकथ्रूज की गुंजाइश सीमित हो जाती है। जबकि आज के दौर में अगली पीढ़ी के ऑटोमोटिव सॉल्यूशंस के लिए ऐसे इनोवेशन बेहद जरूरी हैं।
विदेशी टेक्नोलॉजी पर निर्भरता बढ़ रही है
इन कमजोरियों की वजह से भारतीय कंपनियों को अक्सर विदेशी तकनीकों पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ जाती है और भारत में खुद से अत्याधुनिक वाहन बनाने की क्षमता भी घट जाती है।
यह भी पढ़ें - Porsche Macan: भारत में बंद हुआ पोर्शे मैकेन का पेट्रोल वेरिएंट, कीमत हैं करोड़ों में, जानें पूरी डिटेल्स
नीति आयोग ने एक और बड़ी कमी पर ध्यान दिलाया है। इसने कहा है कि भारत में इंडस्ट्री, अकादमिक संस्थानों और रिसर्च ऑर्गेनाइजेशंस के बीच तालमेल बहुत कम है। इस वजह से नए आइडिया और टेक्नोलॉजी ब्रेकथ्रूज की गुंजाइश सीमित हो जाती है। जबकि आज के दौर में अगली पीढ़ी के ऑटोमोटिव सॉल्यूशंस के लिए ऐसे इनोवेशन बेहद जरूरी हैं।
विदेशी टेक्नोलॉजी पर निर्भरता बढ़ रही है
इन कमजोरियों की वजह से भारतीय कंपनियों को अक्सर विदेशी तकनीकों पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ जाती है और भारत में खुद से अत्याधुनिक वाहन बनाने की क्षमता भी घट जाती है।
यह भी पढ़ें - Porsche Macan: भारत में बंद हुआ पोर्शे मैकेन का पेट्रोल वेरिएंट, कीमत हैं करोड़ों में, जानें पूरी डिटेल्स
बैटरी टेक्नोलॉजी और AI मैन्युफैक्चरिंग में भी पिछड़ रहा है भारत
रिपोर्ट में साफ तौर पर बताया गया है कि भारत बैटरी टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम्स (ADAS) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मैन्युफैक्चरिंग जैसे अहम क्षेत्रों में भी काफी पीछे है। जबकि ये तकनीकें ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के भविष्य के लिए बेहद जरूरी मानी जा रही हैं।
यह भी पढ़ें - 2025 TVS Apache RR 310: टीवीएस ने लॉन्च की नई 2025 अपाचे RR 310, जानें क्या है खास
रिपोर्ट में साफ तौर पर बताया गया है कि भारत बैटरी टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम्स (ADAS) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मैन्युफैक्चरिंग जैसे अहम क्षेत्रों में भी काफी पीछे है। जबकि ये तकनीकें ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के भविष्य के लिए बेहद जरूरी मानी जा रही हैं।
यह भी पढ़ें - 2025 TVS Apache RR 310: टीवीएस ने लॉन्च की नई 2025 अपाचे RR 310, जानें क्या है खास
क्या है समाधान
इन सभी चुनौतियों से पार पाने के लिए नीति आयोग ने जोर देकर कहा है कि भारत को अपने आए एंड डी खर्च में बड़ा इजाफा करना होगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि "अगर भारत को ग्लोबल मुकाबले में टिके रहना है और लंबी अवधि में विकास हासिल करना है, तो उसे रिसर्च और डेवलपमेंट पर बड़े पैमाने पर निवेश करना पड़ेगा और एक ऐसा मजबूत इकोसिस्टम बनाना होगा जो इनोवेशन और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा दे।"
यह भी पढ़ें - Honda Elevate and Amaze CNG: होंडा की नई पेशकश, अब एलिवेट और अमेज में भी मिलेगा सीएनजी ऑप्शन, जानें अहम बातें
इन सभी चुनौतियों से पार पाने के लिए नीति आयोग ने जोर देकर कहा है कि भारत को अपने आए एंड डी खर्च में बड़ा इजाफा करना होगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि "अगर भारत को ग्लोबल मुकाबले में टिके रहना है और लंबी अवधि में विकास हासिल करना है, तो उसे रिसर्च और डेवलपमेंट पर बड़े पैमाने पर निवेश करना पड़ेगा और एक ऐसा मजबूत इकोसिस्टम बनाना होगा जो इनोवेशन और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा दे।"
यह भी पढ़ें - Honda Elevate and Amaze CNG: होंडा की नई पेशकश, अब एलिवेट और अमेज में भी मिलेगा सीएनजी ऑप्शन, जानें अहम बातें
मजबूत इनोवेशन इकोसिस्टम बनाने की अपील
नीति आयोग ने सुझाव दिया है कि भारत को एक ऐसा माहौल तैयार करना चाहिए, जहां इनोवेशन को बढ़ावा मिले, इंडस्ट्री और शिक्षा संस्थानों के बीच तालमेल मजबूत हो और भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियां ग्लोबल लेवल पर मुकाबला करने लायक बन सकें।
यह भी पढ़ें - 2025 Kawasaki Eliminator: 2025 कावासाकी एलिमिनेटर बाइक लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
यह भी पढ़ें - 2025 Kawasaki Ninja 650 KRT: भारत में लॉन्च हुई 2025 निंजा 650 केआरटी एडिशन, जानें कीमत और खूबियां
नीति आयोग ने सुझाव दिया है कि भारत को एक ऐसा माहौल तैयार करना चाहिए, जहां इनोवेशन को बढ़ावा मिले, इंडस्ट्री और शिक्षा संस्थानों के बीच तालमेल मजबूत हो और भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियां ग्लोबल लेवल पर मुकाबला करने लायक बन सकें।
यह भी पढ़ें - 2025 Kawasaki Eliminator: 2025 कावासाकी एलिमिनेटर बाइक लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
यह भी पढ़ें - 2025 Kawasaki Ninja 650 KRT: भारत में लॉन्च हुई 2025 निंजा 650 केआरटी एडिशन, जानें कीमत और खूबियां