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Toll Collection: 10 महीने में 53 हजार करोड़ से अधिक टोल टैक्स नया रिकॉर्ड, बहुत जल्द GPS आधारित संग्रह होगा
Thu, 29 Feb 2024 06:49 AM IST
ज्योति भास्कर
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 29 Feb 2024 06:49 AM IST
सार
राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल संग्रह का नया रिकॉर्ड बना है। एक साल में लगभग 53,000 करोड़ रुपये का राजस्व आया है। वित्त वर्ष 2022-23 में 48,028 करोड़ रुपये का टोल संग्रह हुआ था। आंकड़े अप्रैल, 2023 से जनवरी, 2024 की अवधि के हैं।
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टोल कलेक्शन के मामले में बना नया रिकॉर्ड (सांकेतिक)
- फोटो : social media
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विस्तार
टोल वाली सड़कों का विस्तार और फास्टैग के ग्राहकों की संख्या बढ़ने से राष्ट्रीय राजमार्गों पर इस वित्त वर्ष में जनवरी के अंत तक टोल संग्रह रिकॉर्ड 53,000 करोड़ से ज्यादा हो गया है, जो आगे 62,000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकता है।
देश में टोल वाली सड़कों की कुल लंबाई
रिपोर्ट के मुताबिक, इस वित्त वर्ष के पहले दस महीनों में टोल वाली सड़कों में तेज वृद्धि हुई है। अप्रैल से जनवरी तक औसत मासिक टोल संग्रह 5,329 करोड़ रुपये था। नवंबर के अंत तक देश में टोल वाली सड़कों की कुल लंबाई 75 फीसदी बढ़कर 25,996 किमी से 45,428 किमी हो गई है। पिछले साल नवंबर अंत तक 7.98 करोड़ से ज्यादा फास्टैग जारी हुए थे।
फास्टैग से रोजाना औसत टोल संग्रह
राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क प्लाजा पर फास्टैग से रोजाना औसत टोल संग्रह करीब 147.31 करोड़ है। 2018-19 में टोल संग्रह 25,155 करोड़, 2019-20 में 27,638 करोड़, 2020-21 में 27,924 करोड़, 2021-22 में 33,908 करोड़ और 2022-23 में 48,028 करोड़ रुपये का संग्रह रहा है।
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टोल सड़कों पर ट्रैफिक बढ़ सकता है; नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं
जीपीएस आधारित टोल संग्रह की होगी शुरुआत...सरकार जल्द ही जीपीएस आधारित टोल संग्रह की शुरुआत करेगी। इससे संग्रह में और इजाफा होने की उम्मीद है। यह ड्राइवरों को वैकल्पिक रास्तों के बजाय टोल सड़कों का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। हालांकि, इससे टोल सड़कों पर ट्रैफिक बढ़ सकता है और नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
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देश में टोल वाली सड़कों की कुल लंबाई
रिपोर्ट के मुताबिक, इस वित्त वर्ष के पहले दस महीनों में टोल वाली सड़कों में तेज वृद्धि हुई है। अप्रैल से जनवरी तक औसत मासिक टोल संग्रह 5,329 करोड़ रुपये था। नवंबर के अंत तक देश में टोल वाली सड़कों की कुल लंबाई 75 फीसदी बढ़कर 25,996 किमी से 45,428 किमी हो गई है। पिछले साल नवंबर अंत तक 7.98 करोड़ से ज्यादा फास्टैग जारी हुए थे।
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फास्टैग से रोजाना औसत टोल संग्रह
राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क प्लाजा पर फास्टैग से रोजाना औसत टोल संग्रह करीब 147.31 करोड़ है। 2018-19 में टोल संग्रह 25,155 करोड़, 2019-20 में 27,638 करोड़, 2020-21 में 27,924 करोड़, 2021-22 में 33,908 करोड़ और 2022-23 में 48,028 करोड़ रुपये का संग्रह रहा है।
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टोल सड़कों पर ट्रैफिक बढ़ सकता है; नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं
जीपीएस आधारित टोल संग्रह की होगी शुरुआत...सरकार जल्द ही जीपीएस आधारित टोल संग्रह की शुरुआत करेगी। इससे संग्रह में और इजाफा होने की उम्मीद है। यह ड्राइवरों को वैकल्पिक रास्तों के बजाय टोल सड़कों का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। हालांकि, इससे टोल सड़कों पर ट्रैफिक बढ़ सकता है और नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।