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NHAI: कोहरे के कारण घटती दृश्यता से निपटने के लिए एनएचएआई के उठाए कई कदम, जानें डिटेल्स
Mon, 15 Dec 2025 06:40 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 15 Dec 2025 06:40 PM IST
सार
सर्दियों के मौसम में नेशनल हाईवे पर कोहरे की वजह से कम विजिबिलिटी का सामना करने के लिए, सरकारी एजेंसी NHAI ने हाईवे इस्तेमाल करने वालों की सुरक्षा के लिए बचाव के उपाय किए हैं।
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घना कोहरा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सर्दियों के मौसम में राष्ट्रीय राजमार्गों पर कोहरे की वजह से घटती दृश्यता (विजिबिलिटी) को देखते हुए, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) (एनएचएआई) ने सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई उपाय किए हैं। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि इन कदमों का उद्देश्य कोहरे के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को कम करना और हाईवे पर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है।
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इंजीनियरिंग उपायों पर विशेष जोर
कोहरे के हालात में सड़क सुरक्षा बेहतर बनाने के लिए एनएचएआई ने उपायों को दो प्रमुख श्रेणियों में बांटा है, जिनमें पहली श्रेणी इंजीनियरिंग उपायों की है। इसके तहत गायब या क्षतिग्रस्त सड़क संकेतकों और रोड स्टड्स को दोबारा लगाया जा रहा है। इसके साथ ही फीकी पड़ चुकी या अपर्याप्त लेन मार्किंग और सड़क पर बनी अन्य चिन्हों को ठीक किया जा रहा है, ताकि चालकों को रास्ता साफ नजर आ सके। इसके अलावा, रिफ्लेक्टिव मार्कर्स और मेटल बीम क्रैश बैरियर जैसे रोड सेफ्टी उपकरणों पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव पीले स्टिकर लगाए जा रहे हैं। निर्माणाधीन हिस्सों में भी अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं, जिनमें बैरिकेडिंग और स्पष्ट डायवर्जन संकेत शामिल हैं।
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कोहरे के हालात में सड़क सुरक्षा बेहतर बनाने के लिए एनएचएआई ने उपायों को दो प्रमुख श्रेणियों में बांटा है, जिनमें पहली श्रेणी इंजीनियरिंग उपायों की है। इसके तहत गायब या क्षतिग्रस्त सड़क संकेतकों और रोड स्टड्स को दोबारा लगाया जा रहा है। इसके साथ ही फीकी पड़ चुकी या अपर्याप्त लेन मार्किंग और सड़क पर बनी अन्य चिन्हों को ठीक किया जा रहा है, ताकि चालकों को रास्ता साफ नजर आ सके। इसके अलावा, रिफ्लेक्टिव मार्कर्स और मेटल बीम क्रैश बैरियर जैसे रोड सेफ्टी उपकरणों पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव पीले स्टिकर लगाए जा रहे हैं। निर्माणाधीन हिस्सों में भी अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं, जिनमें बैरिकेडिंग और स्पष्ट डायवर्जन संकेत शामिल हैं।
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कोहरा
- फोटो : संवाद
सड़क उपयोगकर्ताओं को सतर्क करने के लिए जागरूकता उपाय
दूसरी श्रेणी में सुरक्षा जागरूकता से जुड़े कदम शामिल हैं। जिनका मकसद राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वाले यात्रियों को कम दृश्यता की स्थिति से पहले ही सतर्क करना है। इसके तहत वेरिएबल मैसेज साइन (VMS) या इलेक्ट्रॉनिक साइन बोर्ड के जरिए 'कोहरे की चेतावनी' और तय गति सीमा की जानकारी दी जा रही है।
कोहरे वाले इलाकों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से यात्रियों को सावधान किया जा रहा है। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक बिलबोर्ड, रेडियो और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए जनहित संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जरूरी जानकारी पहुंच सके।
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कोहरे वाले इलाकों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से यात्रियों को सावधान किया जा रहा है। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक बिलबोर्ड, रेडियो और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए जनहित संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जरूरी जानकारी पहुंच सके।
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निगरानी और फील्ड स्तर पर सख्ती
बयान के मुताबिक, एनएचएआई के फील्ड कार्यालयों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे साप्ताहिक आधार पर रात के समय राष्ट्रीय राजमार्गों का निरीक्षण करें। इस निरीक्षण का उद्देश्य दृश्यता का आकलन करना और उन स्थानों की पहचान करना है, जहां अतिरिक्त सुरक्षा प्रावधानों की जरूरत है। इसके साथ ही, घने कोहरे वाले हिस्सों के पास हाईवे पेट्रोल वाहन तैनात किए जा रहे हैं, जिनमें ट्रैफिक को दिशा देने के लिए ब्लिंकिंग बैटन रखे जाएंगे।
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कोहरा
- फोटो : संवाद
कर्मियों की सुरक्षा भी अनिवार्य
कोहरे के दौरान हाईवे पर काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, एनएचएआई ने उनके लिए रिफ्लेक्टिव जैकेट पहनना अनिवार्य कर दिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कम दृश्यता की स्थिति में भी वे दूर से नजर आ सकें और किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
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