फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   NCRTC developing over 8000 vehicle parking spaces at its stations on Delhi-Ghaziabad-Meerut RRTS corridor

RRTS: आरआरटीएस कॉरिडोर के सभी स्टेशनों पर पार्किंग की बड़ी योजना, खड़े हो सकेंगे 1,600 कार और 6,500 टू-व्हीलर

Thu, 18 Jul 2024 08:28 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Thu, 18 Jul 2024 08:28 PM IST
सार

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर अपने स्टेशनों पर 8,000 से ज्यादा वाहन पार्किंग स्थान विकसित कर रहा है। 

विज्ञापन
NCRTC developing over 8000 vehicle parking spaces at its stations on Delhi-Ghaziabad-Meerut RRTS corridor
EV charging station at Sahibabad RRTS - फोटो : PTI

विस्तार

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर अपने स्टेशनों पर 8,000 से ज्यादा वाहन पार्किंग स्थान विकसित कर रहा है। यह जानकारी गुरुवार को जारी एक बयान में दी गई।
विज्ञापन


बयान में कहा गया है, "दिल्ली से मेरठ तक पूरे आरआरटीएस कॉरिडोर पर 25 स्टेशन हैं। इन स्टेशनों पर आने वाले लोगों की संभावित संख्या को ध्यान में रखते हुए पार्किंग स्थान बनाए जा रहे हैं। सबसे बड़ी पार्किंग सुविधा मेरठ दक्षिण स्टेशन पर बनाई जा रही है। जहां लगभग 300 कार और 900 दोपहिया वाहन खड़े किए जा सकते हैं।"
विज्ञापन

"दिल्ली के सराय काले खां स्टेशन पर दूसरी सबसे बड़ी पार्किंग सुविधा विकसित की जा रही है। जहां लगभग 275 कार और 900 दोपहिया वाहन खड़े किए जा सकते हैं। इन पार्किंग स्थलों में सुविधा बढ़ाने, स्वच्छ ऊर्जा अपनाने और अंतिम-मील संपर्क को सुगम बनाने के लिए इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन भी लगाए जा रहे हैं।"

बयान में यह भी बताया गया है कि "नमो भारत" ट्रेन सेवाएं पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हाई स्पीड के साथ क्षेत्रीय केंद्रों को जोड़ रही हैं। आरआरटीएस स्टेशन रणनीतिक रूप से 5 से 10 किलोमीटर की औसत दूरी पर स्थित हैं। सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए, एनसीआरटीसी सर्वोत्तम फर्स्ट/लास्ट माइल कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए विभिन्न पहल कर रहा है।

इसी दिशा में, इसने यात्रियों को स्टेशन पार्किंग क्षेत्र में अपने निजी वाहन खड़े करने और "नमो भारत" की आरामदायक, सुरक्षित और विश्वसनीय यात्रा का आनंद लेने के लिए पर्याप्त जगह प्रदान की है। इससे न सिर्फ दिल्ली-मेरठ मार्ग पर निजी वाहनों का भार काफी कम होगा। बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को भी बचाया जा सकेगा और वायु प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।

बयान में बताया गया है कि पूरी दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के लागू होने से सार्वजनिक परिवहन का हिस्सा मौजूदा 37 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत होने का अनुमान है। एनसीआरटीसी यात्रियों को अंतिम-मील संपर्क के विभिन्न ऑप्शन देने पर भी काम कर रहा है। और हाल ही में सभी 25 स्टेशनों पर विभिन्न तरह की फीडर सर्विस प्रदान करने के लिए रुचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित की गई है।
विज्ञापन

कितनी होगी पार्किंग फीस
बयान में कहा गया है कि, "पूरे कॉरिडोर की पार्किंग सुविधा में संभावित रूप से 1,600 से ज्यादा कारों और 6,500 से अधिक दोपहिया वाहन खड़े हो सकते हैं। फिलहाल, सिर्फ उतारने और लेने आने वाले यात्रियों के लिए कोई पार्किंग शुल्क नहीं है। क्योंकि वे अपने वाहन को पहले 10 मिनट के लिए निःशुल्क पार्क कर सकते हैं। इसके बाद, एक शुल्क संरचना लागू होगी, जो छह घंटे तक के लिए है, साइकिल के लिए 5 रुपये, दोपहिया वाहनों के लिए 10 रुपये और कारों के लिए 25 रुपये; छह से 12 घंटे के लिए, साइकिल के लिए 5 रुपये, दोपहिया वाहनों के लिए 25 रुपये और कारों के लिए 50 रुपये; और 12 घंटे के बाद आरआरटीएस परिचालन घंटे समाप्त होने तक, साइकिल के लिए 10 रुपये, दोपहिया वाहनों के लिए 30 रुपये और कारों के लिए 100 रुपये है।"

रात के समय जब सेवाएं बंद होंगी, तब पार्किंग के लिए शुल्क लगेगा, जो साइकिल के लिए 20 रुपये, दोपहिया वाहनों के लिए 60 रुपये और कारों के लिए 200 रुपये होगा।

बयान में यह भी बताया गया है कि इस कॉरिडोर का 34 किलोमीटर का हिस्सा पहले से ही जनता के लिए चालू है। जहां आठ आरआरटीएस स्टेशन हैं और यात्रियों के लिए पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इन पार्किंग स्थलों में ऑटो रिक्शा पार्क करने की सुविधा भी उपलब्ध है।

स्टेशनों पर पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ की सुविधा के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। स्टेशनों को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि मुख्य सड़क से आने वाले वाहन आसानी से यात्रियों को ले जा सकते हैं और छोड़ सकते हैं।

बयान में कहा गया है कि इसके साथ ही, दिव्यांग यात्रियों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए उनके वाहनों को पार्क करने के लिए अलग जगह निर्धारित की गई है। और स्टेशन में आसानी से प्रवेश करने के लिए रैंप भी बनाए गए हैं। ताकि वे "नमो भारत" ट्रेन में यात्रा करने की सुविधा का आसानी से लाभ उठा सकें।

एनसीआरटीसी अपने पार्किंग क्षेत्रों में यात्रियों और अंतिम-मील सेवा प्रदाताओं दोनों के लिए बैटरी-स्वैपिंग स्टेशन लगाने की भी योजना बना रहा है। यह पहल यात्रियों के लिए किफायती मूल्य पर परिवहन के सतत तरीकों को बढ़ावा देगी। बैटरी स्वैपिंग स्टेशन न सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करेंगे। बल्कि लोगों के लिए अंतिम-मील संपर्क को भी बेहतर बनाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed