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Mumbai-Pune Expressway: भारत का सबसे महंगा हाईवे, इसके बारे में वह सबकुछ जो जानना है जरूरी
Wed, 17 Jul 2024 08:11 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 17 Jul 2024 08:11 PM IST
सार
देश का सबसे पुराना और पहला एक्सप्रेसवे माना जाने वाला यह एक्सप्रेसवे 22 साल पहले, 2002 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा बनवाया गया था। जानें इसके बारे में अहम बातें।
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Mumbai Pune Expressway
- फोटो : iStock
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विस्तार
भारत में सड़क का बुनियादी ढांचा पिछले कुछ वर्षों में बेहतर हुआ है। कई नए एक्सप्रेसवे और मौजूदा सड़कों में सुधार किए गए हैं। सरकार हर शहरी क्षेत्र को छोटे शहरों से जोड़ने के लिए लगातार भारतीय सड़कों का विस्तार कर रही है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि भारत में सबसे महंगा एक्सप्रेसवे कौन सा है?
देश का सबसे पुराना और पहला एक्सप्रेसवे माना जाने वाला यह एक्सप्रेसवे 22 साल पहले, 2002 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा बनवाया गया था।
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देश का सबसे पुराना और पहला एक्सप्रेसवे माना जाने वाला यह एक्सप्रेसवे 22 साल पहले, 2002 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा बनवाया गया था।
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आप सोच रहे होंगे कि हम किस एक्सप्रेसवे की बात कर रहे हैं? यह मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे है जो मुंबई को पुणे से जोड़ता है, जो महाराष्ट्र के सबसे व्यस्त शहरों में से एक है। इस एक्सप्रेसवे के बारे में सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि यह देश का पहला 6 लेन वाला हाईवे भी है।
कितनी है लागत
निर्माण लागत की बात करें तो देश में इस एक्सप्रेसवे को लगभग 1,63,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम द्वारा निर्मित मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की लंबाई महज 94.5 किलोमीटर है।
कितनी है लागत
निर्माण लागत की बात करें तो देश में इस एक्सप्रेसवे को लगभग 1,63,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम द्वारा निर्मित मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की लंबाई महज 94.5 किलोमीटर है।
यात्रा समय हुआ बहुत कम
यह नवी मुंबई के कलमबोली क्षेत्र से शुरू होकर पुणे के किवले में खत्म होता है। 95 किलोमीटर लंबे, छह लेन वाले मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर पांच टोल प्लाजा हैं, जिनमें से खालापुर और तालेगांव मुख्य हैं। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के दोनों ओर तीन-तीन लेन की कंक्रीट सर्विस लेन भी बनाई गई हैं।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के खुलने से मुंबई और पुणे के बीच यात्रा का समय 3 घंटे से घटकर महज 1 घंटे रह गया है। एक्सप्रेसवे ने दोनों शहरों के बीच रोजाना यात्रा करने वालों की संख्या में भी इजाफा किया है।
यह नवी मुंबई के कलमबोली क्षेत्र से शुरू होकर पुणे के किवले में खत्म होता है। 95 किलोमीटर लंबे, छह लेन वाले मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर पांच टोल प्लाजा हैं, जिनमें से खालापुर और तालेगांव मुख्य हैं। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के दोनों ओर तीन-तीन लेन की कंक्रीट सर्विस लेन भी बनाई गई हैं।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के खुलने से मुंबई और पुणे के बीच यात्रा का समय 3 घंटे से घटकर महज 1 घंटे रह गया है। एक्सप्रेसवे ने दोनों शहरों के बीच रोजाना यात्रा करने वालों की संख्या में भी इजाफा किया है।
कितनी है स्पीड लिमिट
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे आपको एक रोमांचक यात्रा पर ले जाता है जब यात्री सह्याद्री पर्वत श्रृंखला को पार करते हैं। सरकार ने इस पहाड़ को पार करने के लिए सुरंगें और अंडरपास बनाए हैं। और एक्सप्रेसवे पर वाहनों के चलने की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे तय की गई है।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे आपको एक रोमांचक यात्रा पर ले जाता है जब यात्री सह्याद्री पर्वत श्रृंखला को पार करते हैं। सरकार ने इस पहाड़ को पार करने के लिए सुरंगें और अंडरपास बनाए हैं। और एक्सप्रेसवे पर वाहनों के चलने की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे तय की गई है।
कितनी है टोल दरें
जैसा कि पहले बताया गया है, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे देश का सबसे महंगा है। यहां कार और जीप जैसी चार पहिया गाड़ियों से यात्रा करने वाले यात्रियों को एक तरफ से 320 रुपये टोल देना पड़ता है। मिनी बस और टेम्पो वालों को 495 रुपये देने होते हैं।
बसों के लिए टोल दर 940 रुपये है, दो-एक्सल ट्रकों को 685 रुपये, तीन-एक्सल ट्रकों को 1,630 रुपये देने होंगे और बहु-एक्सल ट्रकों और अन्य मशीनरी के लिए टोल 2,165 रुपये है।
जैसा कि पहले बताया गया है, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे देश का सबसे महंगा है। यहां कार और जीप जैसी चार पहिया गाड़ियों से यात्रा करने वाले यात्रियों को एक तरफ से 320 रुपये टोल देना पड़ता है। मिनी बस और टेम्पो वालों को 495 रुपये देने होते हैं।
बसों के लिए टोल दर 940 रुपये है, दो-एक्सल ट्रकों को 685 रुपये, तीन-एक्सल ट्रकों को 1,630 रुपये देने होंगे और बहु-एक्सल ट्रकों और अन्य मशीनरी के लिए टोल 2,165 रुपये है।
कितना महंगा है
इसका मतलब है कि इस एक्सप्रेसवे पर प्रति किलोमीटर टोल करीब 3.20 रुपये है, जो दूसरे रास्तों की तुलना में प्रति किलोमीटर एक रुपये ज्यादा है। देश के अन्य एक्सप्रेसवे का औसत टोल किराया लगभग 2.40 रुपये प्रति किलोमीटर है।
ये टोल दरें अप्रैल 2023 में एमएसआरडीसी द्वारा 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद लागू हुईं। पीटीआई के अनुसार, टोल दरें 2030 तक समान रहने की उम्मीद है।
इसका मतलब है कि इस एक्सप्रेसवे पर प्रति किलोमीटर टोल करीब 3.20 रुपये है, जो दूसरे रास्तों की तुलना में प्रति किलोमीटर एक रुपये ज्यादा है। देश के अन्य एक्सप्रेसवे का औसत टोल किराया लगभग 2.40 रुपये प्रति किलोमीटर है।
ये टोल दरें अप्रैल 2023 में एमएसआरडीसी द्वारा 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद लागू हुईं। पीटीआई के अनुसार, टोल दरें 2030 तक समान रहने की उम्मीद है।