फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   Kerala High Court refuses to stay Motor Vehicles Department circular on new driving test regulations

DL: केरल HC ने नए ड्राइविंग टेस्ट नियमों पर सरकारी सर्कुलर पर रोक लगाने से किया इनकार, रिपोर्ट में खुलासा

Sat, 04 May 2024 05:40 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Sat, 04 May 2024 05:40 PM IST
सार

केरल मोटर वाहन विभाग (MVD) ने हाल ही में ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट की शर्तों में संशोधन करते हुए एक सर्कुलर जारी किया था। इसका केरल मोटर ड्राइविंग स्कूल इंस्ट्रक्टर्स एंड वर्कर्स एसोसिएशन ने विरोध किया था।

विज्ञापन
Kerala High Court refuses to stay Motor Vehicles Department circular on new driving test regulations
केरल उच्च न्यायालय (फाइल) - फोटो : एएनआई

विस्तार

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को केरल मोटर वाहन विभाग के परिपत्र (सर्कुलर) पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। जो ड्राइविंग टेस्ट के लिए नए नियमों को लागू करता है। इन नियमों में अनिवार्य डैशबोर्ड कैमरे और 15 साल से ज्यादा पुरानी गाड़ियों का टेस्ट के लिए इस्तेमाल पर रोक लगाना शामिल है।
विज्ञापन


न्यायमूर्ति कौसर एडप्पगथ ने यह कहते हुए मोटर वाहन विभाग (MVD) के सर्कुलर पर रोक लगाने से इनकार कर दिया कि परिवहन आयुक्त के पास ऐसे निर्देश जारी करने का अधिकार है। और यह प्रासंगिक केंद्रीय कानून के खिलाफ नहीं है।
विज्ञापन

अदालत केरल मोटर ड्राइविंग स्कूल इंस्ट्रक्टर्स एंड वर्कर्स एसोसिएशन और अन्य द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

MVD ने 4 अप्रैल, 2024 को ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट की शर्तों में संशोधन करते हुए एक सर्कुर जारी किया था।

सर्कुलर के मुताबिक, आवेदक को लाइसेंस हासिल करने के लिए कई रियल-लाइफ ड्राइविंग चुनौतियों से गुजरना होगा और पास होना होगा।

सर्कुलर में जमीन पर 'एच' टेस्ट आयोजित करने से पहले व्यस्त ट्रैफिक वाली सड़क पर रोड टेस्ट कराना और एंगुलर पार्किंग, पैरेलल पार्किंग, जिग-जैग ड्राइविंग और ग्रेडिएंट टेस्टिंग पर टेस्ट कराना अनिवार्य कर दिया गया। साथ ही यह भी अनिवार्य कर दिया गया है कि हर दिन सिर्फ 30 ड्राइविंग टेस्ट होंगे, जिनमें 20 नए और 10 पहले असफल हुए बैच से लिए जा सकते हैं।
विज्ञापन

याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था कि यह सर्कुलर अवैध है और मोटर वाहन अधिनियम और नियमों के विरुद्ध है। और उन्होंने राज्य सरकार पर जल्दबाजी में प्रतिबंध और शर्तें लगाने का आरोप लगाया था।

सर्कुलर के अनुसार, दोपहिया वाहन चलाने के लाइसेंस के लिए, सिर्फ 95 सीसी से ज्यादा गियर पैडल वाली मोटरसाइकिलों की अनुमति होगी। फोर-व्हीलर ड्राइविंग टेस्ट के लिए किसी भी इलेक्ट्रिक कार या ऑटोमैटिक कार की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इसने टेस्ट के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हल्के मोटर वाहन पर एक डैशबोर्ड कैमरा और वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस होना भी अनिवार्य कर दिया है, और इन्हें ड्राइविंग स्कूल के मालिक द्वारा लगवाना होगा।

ड्राइविंग इंस्ट्रक्टर को कैमरे का इस्तेमाल करके टेस्ट रिकॉर्ड करना चाहिए, और मेमोरी कार्ड को मोटर वाहन निरीक्षक के पास ले जाना चाहिए।

फिर इस डेटा को MVD सिस्टम में ट्रांसफर कर दिया जाएगा, और मालिक को अगले तीन महीनों तक मेमोरी कार्ड को सुरक्षित रखना होगा।

सर्कुलर में यह भी अनिवार्य किया गया है कि ड्राइविंग टेस्ट के लिए 15 साल से ज्यादा पुरानी किसी भी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed