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Apple Electric Car: एपल ने इलेक्ट्रिक कार प्रोजेक्ट शुरू होने के एक दशक बाद किया बंद, एलन मस्क ने यह कहा
Wed, 28 Feb 2024 03:39 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 28 Feb 2024 03:39 PM IST
सार
एक दशक तक चले शोध और विकास के बाद, टेक्नोलॉजी की दिग्गज कंपनी Apple (एपल) ने अपनी इलेक्ट्रिक कार विकास परियोजना को रद्द करने का फैसला किया है।
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Apple Electric Car
- फोटो : For Reference Only
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विस्तार
एक दशक तक चले शोध और विकास के बाद, टेक्नोलॉजी की दिग्गज कंपनी Apple (एपल) ने अपनी इलेक्ट्रिक कार विकास परियोजना को रद्द करने का फैसला किया है। कुछ कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग में स्थानांतरित किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला ऑटोमोबाइल उद्योग में चुनौतियों और बाजार की मांग में बदलाव के कारण आया है, जिसने परियोजना के विकास पर दबाव डाला है। इलेक्ट्रिक कार परियोजना, जिसे प्रोजेक्ट टाइटन के नाम से जाना जाता है, सिलिकॉन वैली की दिग्गज कंपनी के इतिहास में सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक थी। एपल iPhone जैसे उत्पादों के लिए जानी जाती है।
रिपोर्टों के मुताबिक, एपल के प्रोजेक्ट टाइटन के कर्मचारियों के बीच यह फैसला कुछ अधिकारियों द्वारा गुप्त रूप से साझा किया गया था। फैसला लेने के समय, एपल की इलेक्ट्रिक कार परियोजना में लगभग 2,000 लोग कार्यरत थे। रिपोर्ट के अनुसार, सीईओ जेफ विलियम्स और परियोजना के प्रभारी उपाध्यक्ष केविन लिंच ने मंगलवार को यह फैसला सभी को बताया। उन्होंने कर्मचारियों को सूचित किया कि परियोजना बंद हो जाएगी और एपल की इलेक्ट्रिक कार टीम के कई सदस्यों को जेनरेटिव AI प्रोजेक्ट पर ध्यान केंद्रित करने के लिए शिफ्ट कर दिया जाएगा। तकनीकी दिग्गज ने अभी तक इस फैसले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
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रिपोर्टों के मुताबिक, एपल के प्रोजेक्ट टाइटन के कर्मचारियों के बीच यह फैसला कुछ अधिकारियों द्वारा गुप्त रूप से साझा किया गया था। फैसला लेने के समय, एपल की इलेक्ट्रिक कार परियोजना में लगभग 2,000 लोग कार्यरत थे। रिपोर्ट के अनुसार, सीईओ जेफ विलियम्स और परियोजना के प्रभारी उपाध्यक्ष केविन लिंच ने मंगलवार को यह फैसला सभी को बताया। उन्होंने कर्मचारियों को सूचित किया कि परियोजना बंद हो जाएगी और एपल की इलेक्ट्रिक कार टीम के कई सदस्यों को जेनरेटिव AI प्रोजेक्ट पर ध्यान केंद्रित करने के लिए शिफ्ट कर दिया जाएगा। तकनीकी दिग्गज ने अभी तक इस फैसले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
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Apple Electric Car
- फोटो : For Reference Only
प्रोजेक्ट टाइटन हाल के दिनों में एपल द्वारा शुरू की गई सबसे बड़ी और सबसे महंगी परियोजनाओं में से एक था। इसने 2014 के आसपास लगभग 162 अरब डॉलर का निवेश करके इलेक्ट्रिक कार पर काम करना शुरू किया था। कंपनी ने एस्टन मार्टिन, लेम्बोर्गिनी, बीएमडब्ल्यू और पोर्शे जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक ऑटो ब्रांडों के विशेषज्ञों को शामिल किया था। एपल ने एक लिमोसिन जैसी आंतरिक और आवाज-निर्देशित नेविगेशन के साथ पूरी तरह से ऑटोनॉमस इलेक्ट्रिक कार विकसित करने का लक्ष्य रखा था।
एपल द्वारा लॉन्च करने की योजना बनाई गई इलेक्ट्रिक कार स्टीयरिंग व्हील और पैडल के बिना आती। कंपनी ने उस तकनीक पर भी काम करने की योजना बनाई थी जो उसकी कार को दूर से चलाने की पेशकश कर सके। कंपनी ने अपनी इलेक्ट्रिक कार की कीमत लगभग 100,000 डॉलर होने का अनुमान लगाया था। तकनीकी दिग्गज ने 2017 से लेक्सस एसयूवी का इस्तेमाल करके अपनी सेल्फ-ड्राइविंग टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग भी शुरू कर दी थी।
तमाम प्रयासों के बावजूद, एपल को कम सफलता मिली और बढ़ती लागत और देरी के कारण परियोजना हाल ही में निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई। एपल बोर्ड निश्चित नहीं था कि इलेक्ट्रिक कार पर भारी मात्रा में निवेश किया जाए, जो एपल के लिए तेजी से असंभव सपना लग रहा था।
एपल द्वारा लॉन्च करने की योजना बनाई गई इलेक्ट्रिक कार स्टीयरिंग व्हील और पैडल के बिना आती। कंपनी ने उस तकनीक पर भी काम करने की योजना बनाई थी जो उसकी कार को दूर से चलाने की पेशकश कर सके। कंपनी ने अपनी इलेक्ट्रिक कार की कीमत लगभग 100,000 डॉलर होने का अनुमान लगाया था। तकनीकी दिग्गज ने 2017 से लेक्सस एसयूवी का इस्तेमाल करके अपनी सेल्फ-ड्राइविंग टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग भी शुरू कर दी थी।
तमाम प्रयासों के बावजूद, एपल को कम सफलता मिली और बढ़ती लागत और देरी के कारण परियोजना हाल ही में निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई। एपल बोर्ड निश्चित नहीं था कि इलेक्ट्रिक कार पर भारी मात्रा में निवेश किया जाए, जो एपल के लिए तेजी से असंभव सपना लग रहा था।
एलन मस्क
- फोटो : सोशल मीडिया
टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने एपल द्वारा अपनी इलेक्ट्रिक कार परियोजना को बंद करने की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया जाहिर की। मंगलवार को उन्होंने एक सलाम करने वाली इमोजी और एक सिगरेट के साथ एक पोस्ट साझा किया। उन्होंने पहले एपल के प्रयासों के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा था, "प्रोटोटाइप बनाना आसान है, बड़े पैमाने पर उत्पादन मुश्किल है, पॉजिटिव कैश फ्लो बहुत कठिन है।"
टेस्ला, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता है, इस फैसले से फायदा उठा सकता है। ज्यादा कारें बेचने के लिए टेस्ला अपनी इलेक्ट्रिक कारों की कीमतों में कटौती कर रही है, जिनमें से कुछ की कीमत में 25 प्रतिशत तक कटौती की गई है। टेक और एआई-लोडेड इलेक्ट्रिक कार के साथ सेगमेंट में एपल की एंट्री उसके बाजार के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकती थी।
टेस्ला, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता है, इस फैसले से फायदा उठा सकता है। ज्यादा कारें बेचने के लिए टेस्ला अपनी इलेक्ट्रिक कारों की कीमतों में कटौती कर रही है, जिनमें से कुछ की कीमत में 25 प्रतिशत तक कटौती की गई है। टेक और एआई-लोडेड इलेक्ट्रिक कार के साथ सेगमेंट में एपल की एंट्री उसके बाजार के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकती थी।