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ACMA: भारतीय ऑटो कम्पोनेंट उद्योग में FY2025 की पहली छमाही में 11.3% की बढ़ोतरी की उम्मीद, रिपोर्ट में खुलासा
Mon, 16 Dec 2024 02:40 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 16 Dec 2024 02:40 PM IST
सार
ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ACMA) (एसीएमए) की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय ऑटो कंपोनेंट उद्योग ने वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की है।
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Auto Components Industry
- फोटो : IBEF
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विस्तार
ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ACMA) (एसीएमए) की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय ऑटो कंपोनेंट उद्योग ने वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की है। इसके मार्केट साइज में 11.3 प्रतिशत का शानदार इजाफा हुआ है।
वित्त वर्ष 2024 की पहली छमाही में इस उद्योग का मूल्य 36.1 अरब अमेरिकी डॉलर था। जो वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में बढ़कर 39.6 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। बाजार में कई रुझान उभरे हैं, जिसमें उपभोक्ता सभी सेगमेंट में बड़े और ज्यादा पावरफुल वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं।
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वित्त वर्ष 2024 की पहली छमाही में इस उद्योग का मूल्य 36.1 अरब अमेरिकी डॉलर था। जो वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में बढ़कर 39.6 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। बाजार में कई रुझान उभरे हैं, जिसमें उपभोक्ता सभी सेगमेंट में बड़े और ज्यादा पावरफुल वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं।
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पैसेंजर व्हीकल (पीवी) सेगमेंट में यूटिलिटी व्हीकल्स (यूवी) की मांग में 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। जिसमें यूवी1 मॉडल (4000 से 4400 मिमी लंबाई और 20 लाख रुपये से कम कीमत) की बिक्री में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई।
दोपहिया वाहन बाजार में 350 सीसी और 500 सीसी के बीच इंजन क्षमता वाली मोटरसाइकिलों की बिक्री में 74 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई।
इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) ने महत्वपूर्ण रफ्तार पकड़ी है। पिछले वर्ष की तुलना में वित्त वर्ष 25 की पहली छमाही में बिक्री में 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों (ई-2डब्ल्यू) में 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों (ई-पीवी) में 19 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
दोपहिया वाहन बाजार में 350 सीसी और 500 सीसी के बीच इंजन क्षमता वाली मोटरसाइकिलों की बिक्री में 74 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई।
इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) ने महत्वपूर्ण रफ्तार पकड़ी है। पिछले वर्ष की तुलना में वित्त वर्ष 25 की पहली छमाही में बिक्री में 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों (ई-2डब्ल्यू) में 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों (ई-पीवी) में 19 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
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- फोटो : IBEF
ऑटो कंपोनेंट सेक्टर से निर्यात मजबूत रहा है, निर्यात में 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी और 150 मिलियन अमरीकी डॉलर का व्यापार अधिशेष (ट्रेड सरप्लस) रहा है।
अमेरिका, जर्मनी और तुर्की भारतीय ऑटो कंपोनेंट निर्यात के लिए शीर्ष गंतव्य बनकर उभरे। जबकि चीन, जर्मनी, जापान और कोरिया आयात के प्रमुख स्रोत थे।
वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में उद्योग का कुल आकार 3.32 लाख करोड़ रुपये (39.6 अरब अमरीकी डॉलर) रहा। जिसमें मूल उपकरण निर्माताओं (OEM) को आपूर्ति 2.83 लाख करोड़ रुपये (33.8 अरब अमरीकी डॉलर) तक पहुंच गई।
अकेले एशिया में निर्यात 2.74 अरब अमरीकी डॉलर रहा, जबकि क्षेत्रवार कुल आयात 7.16 अरब अमरीकी डॉलर रहा।
अमेरिका, जर्मनी और तुर्की भारतीय ऑटो कंपोनेंट निर्यात के लिए शीर्ष गंतव्य बनकर उभरे। जबकि चीन, जर्मनी, जापान और कोरिया आयात के प्रमुख स्रोत थे।
वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में उद्योग का कुल आकार 3.32 लाख करोड़ रुपये (39.6 अरब अमरीकी डॉलर) रहा। जिसमें मूल उपकरण निर्माताओं (OEM) को आपूर्ति 2.83 लाख करोड़ रुपये (33.8 अरब अमरीकी डॉलर) तक पहुंच गई।
अकेले एशिया में निर्यात 2.74 अरब अमरीकी डॉलर रहा, जबकि क्षेत्रवार कुल आयात 7.16 अरब अमरीकी डॉलर रहा।
ओवरऑल प्रदर्शन के लिहाज से, कुल उद्योग कारोबार वित्त वर्ष 25 की पहली छमाही में 3.32 लाख करोड़ रुपये (39.6 अरब अमरीकी डॉलर) रहा। जो वित्त वर्ष 24 की पहली छमाही में 2.98 लाख करोड़ रुपये (36.1 अरब अमरीकी डॉलर) से 11.3 प्रतिशत ज्यादा है।
मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) को आपूर्ति में 11.2 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 2.55 लाख करोड़ रुपये (30.8 अरब अमरीकी डॉलर) की तुलना में 2.83 लाख करोड़ रुपये (33.8 अरब अमरीकी डॉलर) तक पहुंच गई।
मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) को आपूर्ति में 11.2 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 2.55 लाख करोड़ रुपये (30.8 अरब अमरीकी डॉलर) की तुलना में 2.83 लाख करोड़ रुपये (33.8 अरब अमरीकी डॉलर) तक पहुंच गई।
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आफ्टरमार्केट सेगमेंट में 5.0 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। जो कुल 47,416 करोड़ रुपये (5.7 अरब अमरीकी डॉलर) हो गई। जो कि वित्त वर्ष 24 की पहली छमाही में 45,158 करोड़ रुपये (5.5 अरब अमरीकी डॉलर) थी।
उद्योग से निर्यात में 8.7 प्रतिशत का इजाफा हुआ, जो 93,342 करोड़ रुपये (11.1 अरब अमरीकी डॉलर) रहा। जबकि वित्त वर्ष 24 की पहली छमाही में यह 85,870 करोड़ रुपये (10.4 अरब अमरीकी डॉलर) था।
आयात में भी 5.3 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। जो पिछले वर्ष के 87,425 करोड़ रुपये (10.6 अरब अमरीकी डॉलर) की तुलना में कुल 92,050 करोड़ रुपये (11.0 अरब अमरीकी डॉलर) रहा।
उद्योग से निर्यात में 8.7 प्रतिशत का इजाफा हुआ, जो 93,342 करोड़ रुपये (11.1 अरब अमरीकी डॉलर) रहा। जबकि वित्त वर्ष 24 की पहली छमाही में यह 85,870 करोड़ रुपये (10.4 अरब अमरीकी डॉलर) था।
आयात में भी 5.3 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। जो पिछले वर्ष के 87,425 करोड़ रुपये (10.6 अरब अमरीकी डॉलर) की तुलना में कुल 92,050 करोड़ रुपये (11.0 अरब अमरीकी डॉलर) रहा।