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EV Charger: भारत का सबसे बड़ा ईवी चार्जिंग स्टेशन गुरुग्राम में नेशनल हाईवे पर खुला, फास्ट चार्जिंग से टेंशन होगी दूर
Fri, 28 Jan 2022 03:54 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 28 Jan 2022 03:54 PM IST
सार
नेशनल हाइवे फॉर इलेक्ट्रिक व्हीकल ने देश के सबसे बड़े चार्जिंग स्टेशन एलेक्ट्रीफाई का अनावरण किया है। ये स्टेशन देश भर में बनने वाले चार्जिंग स्टेशनों के लिए इज ऑफ डूइंग बिजनेस का अब तक का सबसे बड़ा मानक प्रारूप है।
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India's largest Electric Vehicles charging station
- फोटो : NHEV
विस्तार
इज ऑफ डूइंग बिजनेस कार्यक्रम में भारत के सबसे बड़े चार्जिंग स्टेशन की शुरुआत शुक्रवार को ई-हाइवे के तकनीकी पायलट National Highway for Electric Vehicle (नेशनल हाइवे फॉर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (एन.एच.ई.वी.) के अंतर्गत गुरुग्राम के सेक्टर 52 में एलेक्ट्रीफाई हब से हुई। 100 चार्जरों वाले इस स्टेशन को आज से 'प्रमाणन-अनुपालन' (Certification Compliance) और 'सुरक्षा अनुदेश मानकों' (Safety Standards) के निरीक्षण के लिए खोला गया। जिसमे ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जनवरी 2022 में जारी संशोधित दिशा-निर्देश और मानकों पर खरा उतरने वाला ये अब तक पहला बड़ा चार्जिंग स्टेशन होगा। जिसके अंतर्गत चार्जिंग स्टेशनों को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने के लिए भूमि उपयोग के लिए ऊर्जा मंत्रालय के एक राजस्व साझेदारी मॉडल को लागू करनेवाला और एन.एच.ई.वी. की आरंभिक परियोजना में जयपुर - दिल्ली - आगरा के जोड़ने वाला पहला ई-हाइवे बनेगा।
100 चार्जिंग पॉइंट
इलेक्ट्रिक करों के लिए 100 चार्जिंग पॉइंट वाला ये भारत का सबसे बड़ा चार्जिंग स्टेशन है। इससे पहले नवी मुंबई में स्थित 16 AC और 4 DC चार्जर वाला स्टेशन सबसे बड़ा माना जाता था। ये स्टेशन केवल इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के लिए ही नहीं बल्कि देश में आगे बनने वाले स्टेशनों के लिए मानक भी है। कार्यक्रम में सम्मिलित निति आयोग एवं विभिन्न सरकारी संस्थानों से आये अतिथियों को एन.एच.ई.वी. कार्यक्रम निदेशक अभिजीत सिन्हा ने स्टेशन की तकनिकी क्षमता और व्यवहार में लाए जाने वाले सुरक्षा मानकों की भी जानकारी दी।
पेट्रोल पंप को देगी टक्कर
कार्यक्रम के दौरान इज ऑफ डूइंग बिजनेस कार्यक्रम निदेशक और अतिरिक्त प्रभार में एन.एच.ई.वी. परियोजना निदेशक अभिजीत सिन्हा ने बताया कि, "भारत इलेक्ट्रिक आवागमन की आधारभूत संरचना और इंफ्रा में होने वाले निवेश को पेट्रोलियम यातायात से होने वाले आय के ऊपर प्राथमिकता देने के दौर में पहुंचने वाला है। एन.एच.ई.वी. जैसी पायलट परियोजनाओं ने लाइसेंस, निर्माण, संस्थापन, प्रतिष्ठापन, विद्दियुतीकरण और मानकों के प्रमाणन व अनुपालन में सुगमता की सेवा दे कर निवेशकों के लिए चार्जिंग स्टेशनों को पेट्रोल पंप का प्रतिद्वंदी बना दिया है।
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इतने बड़े और व्यापक स्तर के चार्जिंग स्टेशन देश में अब तक नहीं बने थे और ये स्टेशन प्रमाणन अनुपालन (Certification Compliance) एवं सुरक्षा अनुदेश मानकों (Safety Standards) में आज उद्योग जगत के लिए इज ऑफ डूइंग बिजनेस का उदाहरण है। इलेक्ट्रिक वाहन हमारा भविष्य है और ये प्रारूप स्टेशन उस भविष्य के लिए हमारी तैयारी। इस आधुनिक स्टेशन को आज सभी मानकों के परिक्षण के लिए खोला जा रहा है ताकि जयपुर-दिल्ली- आगरा पर पायलट परियोजना में बनने वाले एन.एच.ई.वी. स्टेशनों को विश्वस्तरीय और बेहतरीन बनाया जा सके।"
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100 चार्जिंग पॉइंट
इलेक्ट्रिक करों के लिए 100 चार्जिंग पॉइंट वाला ये भारत का सबसे बड़ा चार्जिंग स्टेशन है। इससे पहले नवी मुंबई में स्थित 16 AC और 4 DC चार्जर वाला स्टेशन सबसे बड़ा माना जाता था। ये स्टेशन केवल इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के लिए ही नहीं बल्कि देश में आगे बनने वाले स्टेशनों के लिए मानक भी है। कार्यक्रम में सम्मिलित निति आयोग एवं विभिन्न सरकारी संस्थानों से आये अतिथियों को एन.एच.ई.वी. कार्यक्रम निदेशक अभिजीत सिन्हा ने स्टेशन की तकनिकी क्षमता और व्यवहार में लाए जाने वाले सुरक्षा मानकों की भी जानकारी दी।
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पेट्रोल पंप को देगी टक्कर
कार्यक्रम के दौरान इज ऑफ डूइंग बिजनेस कार्यक्रम निदेशक और अतिरिक्त प्रभार में एन.एच.ई.वी. परियोजना निदेशक अभिजीत सिन्हा ने बताया कि, "भारत इलेक्ट्रिक आवागमन की आधारभूत संरचना और इंफ्रा में होने वाले निवेश को पेट्रोलियम यातायात से होने वाले आय के ऊपर प्राथमिकता देने के दौर में पहुंचने वाला है। एन.एच.ई.वी. जैसी पायलट परियोजनाओं ने लाइसेंस, निर्माण, संस्थापन, प्रतिष्ठापन, विद्दियुतीकरण और मानकों के प्रमाणन व अनुपालन में सुगमता की सेवा दे कर निवेशकों के लिए चार्जिंग स्टेशनों को पेट्रोल पंप का प्रतिद्वंदी बना दिया है।
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इतने बड़े और व्यापक स्तर के चार्जिंग स्टेशन देश में अब तक नहीं बने थे और ये स्टेशन प्रमाणन अनुपालन (Certification Compliance) एवं सुरक्षा अनुदेश मानकों (Safety Standards) में आज उद्योग जगत के लिए इज ऑफ डूइंग बिजनेस का उदाहरण है। इलेक्ट्रिक वाहन हमारा भविष्य है और ये प्रारूप स्टेशन उस भविष्य के लिए हमारी तैयारी। इस आधुनिक स्टेशन को आज सभी मानकों के परिक्षण के लिए खोला जा रहा है ताकि जयपुर-दिल्ली- आगरा पर पायलट परियोजना में बनने वाले एन.एच.ई.वी. स्टेशनों को विश्वस्तरीय और बेहतरीन बनाया जा सके।"
India's largest Electric Vehicles charging station
- फोटो : NHEV
कार्बन उत्सर्जन को कम करना है
नीति आयोग में आधारभूत संरचना, इंफ्रा एकीकृत संयोजी यातायात के वरिष्ठ सलाहकार सुधेन्दु सिन्हा ने अपने अभिभाषण में कहा कि देश पर्यावरण के विघटन को रोकने और कार्बन उत्सर्जन को 2070 तक पूरी तरह रोकने की दिशा में कोशिश के लिए वचनबद्ध है। इलेक्ट्रिक वाहन और यातायात इस प्रयास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। आज के इस स्टेशन के उद्घाटन से इसमें दिशा में तेजी आएगी और इससे प्रेरित होकर वाहनों के चार्जिंग इंफ्रा में निवेश को भी बढ़वा मिलेगा और ज्यादा लोग इस कारोबार में आयेंगे।" उन्होंने इज ऑफ डूइंग बिजनेस कार्यक्रम में किये जा रहे ऐसे प्रयासों की भी सराहना की।
पूरे दिन में 576 गाड़ियां होंगी चार्ज
एन.एच.ई.वी. कार्यकारी समूह के सदस्य और एलेक्ट्रीफाई स्टेशन के प्रबंध संचालक प्रवीण कुमार ने बताया की स्टेशन में 96 चार्जर वर्तमान में चल रहे हैं और स्टेशन एक साथ 96 इलेक्ट्रिक कारों को चार्ज कर सकता है और एक पूरे दिन में 576 वाहनों को चार्ज किया जा सकता है। एक AC चार्जर एक कार को 6 घंटे में पूरा चार्ज करता है और पूरे दिन में ऐसी 4 गाड़ियों को चार्ज करता है। हमारे पास ऐसे 72 चार्जर हैं जो पूरे दिन में 288 गाड़ियों को बिना रुके चार्ज कर सकते हैं। जबकि एक DC फास्ट चार्जर एक कार को आराम से 2 घंटे से कम समय में चार्ज कर सकता है और पूरे 1 दिन में 12 और ऐसे 24 चार्जर लगे हुए है जो 1 दिन में 288 इलेक्ट्रिक कारों को फास्ट चार्ज कर सकते है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधान मंत्री के इज ऑफ डूइंग बिजनेस उपक्रमण में अपने तकनिकी पायलट परियोजनाओं से योगदान देने वाली आयोजक संस्था ई.ओ.डी.बी. सर्विसेज ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में अपने प्रमुख पायलट कार्यक्रम एन.एच.ई.वी. स्टेशन के आधुनिक सरंचनात्मक प्रारूप का भी अनावरण किया जो भारत को इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन की श्रेणी में अबतक बने सबसे आधुनिक राष्ट्र के श्रेणी में ले कर आता है। इसके कार्यक्रम निदेशक सिन्हा ने बताया की "जहां ये अर्ध वृताकार स्टेशन पर्यावरण और निर्माण के हरित मानकों में गोल्ड स्टैंडर्ड के है साथ ही न पर्यावरण से किसी प्रकार का दोहन करते है न ही किसी तरह का प्रदूषण वातावरण में छोड़ते है।
नीति आयोग में आधारभूत संरचना, इंफ्रा एकीकृत संयोजी यातायात के वरिष्ठ सलाहकार सुधेन्दु सिन्हा ने अपने अभिभाषण में कहा कि देश पर्यावरण के विघटन को रोकने और कार्बन उत्सर्जन को 2070 तक पूरी तरह रोकने की दिशा में कोशिश के लिए वचनबद्ध है। इलेक्ट्रिक वाहन और यातायात इस प्रयास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। आज के इस स्टेशन के उद्घाटन से इसमें दिशा में तेजी आएगी और इससे प्रेरित होकर वाहनों के चार्जिंग इंफ्रा में निवेश को भी बढ़वा मिलेगा और ज्यादा लोग इस कारोबार में आयेंगे।" उन्होंने इज ऑफ डूइंग बिजनेस कार्यक्रम में किये जा रहे ऐसे प्रयासों की भी सराहना की।
पूरे दिन में 576 गाड़ियां होंगी चार्ज
एन.एच.ई.वी. कार्यकारी समूह के सदस्य और एलेक्ट्रीफाई स्टेशन के प्रबंध संचालक प्रवीण कुमार ने बताया की स्टेशन में 96 चार्जर वर्तमान में चल रहे हैं और स्टेशन एक साथ 96 इलेक्ट्रिक कारों को चार्ज कर सकता है और एक पूरे दिन में 576 वाहनों को चार्ज किया जा सकता है। एक AC चार्जर एक कार को 6 घंटे में पूरा चार्ज करता है और पूरे दिन में ऐसी 4 गाड़ियों को चार्ज करता है। हमारे पास ऐसे 72 चार्जर हैं जो पूरे दिन में 288 गाड़ियों को बिना रुके चार्ज कर सकते हैं। जबकि एक DC फास्ट चार्जर एक कार को आराम से 2 घंटे से कम समय में चार्ज कर सकता है और पूरे 1 दिन में 12 और ऐसे 24 चार्जर लगे हुए है जो 1 दिन में 288 इलेक्ट्रिक कारों को फास्ट चार्ज कर सकते है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधान मंत्री के इज ऑफ डूइंग बिजनेस उपक्रमण में अपने तकनिकी पायलट परियोजनाओं से योगदान देने वाली आयोजक संस्था ई.ओ.डी.बी. सर्विसेज ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में अपने प्रमुख पायलट कार्यक्रम एन.एच.ई.वी. स्टेशन के आधुनिक सरंचनात्मक प्रारूप का भी अनावरण किया जो भारत को इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन की श्रेणी में अबतक बने सबसे आधुनिक राष्ट्र के श्रेणी में ले कर आता है। इसके कार्यक्रम निदेशक सिन्हा ने बताया की "जहां ये अर्ध वृताकार स्टेशन पर्यावरण और निर्माण के हरित मानकों में गोल्ड स्टैंडर्ड के है साथ ही न पर्यावरण से किसी प्रकार का दोहन करते है न ही किसी तरह का प्रदूषण वातावरण में छोड़ते है।
India's largest Electric Vehicles charging station
- फोटो : NHEV
लाइसेंस की जरूरत नहीं
साथ ही सिन्हा ने यह भी कहा की 2018 में ऊर्जा मंत्रालय द्वारा चार्जिंग स्टेशन लगानी की प्रक्रिया में लाइसेंस की जरूरत को खारिज करना सरकार की इज ऑफ डूइंग बिजनेस के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है और इस से हमें एन.एच.ई.वी. जैसे महत्वाकांक्षी पायलट परियोजना के जरिए इस चुनौती को परिवर्तन का मार्ग मिला और 2021 में परिणाम हम सबके सामने है जहां प्रवीण कुमार और नरेंद्र यादव जैसे युवा आज अपने दम पर भारत देश का सबसे बड़ा चार्जिंग स्टेशन बना कर सफलतापूर्वक चला भी रहे है और आगे जल्द ही दूसरे स्टेशन का भी अनावरण करने वाले है।
उन्होंने ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जनवरी 2022 में जारी संशोधित दिशा-निर्देश और मानकों का भी स्वागत किया जिसमे चार्जिंग स्टेशनों को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने के लिए भूमि उपयोग के लिए ऊर्जा मंत्रालय के एक राजस्व साझेदारी मॉडल भी जारी किया है जिसके बाद सरकारी और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की भूमि का उपयोग सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों द्वारा स्टेशन लगाने के लिए किया जा सकेगा जिससे बेहतर ढंग से भू-सम्पति का मुद्रीकरण स्टेशन लगा कर किया जा सकेगा और ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से पेट्रोलियम और राष्ट्रिय तेल बिल और मूल्य दोनों को नियंत्रित किया जा सकेगा।
30 मिनट, 30 प्रतिशत और 3 साल
उन्होंने नीति आयोग के सलाहकार सुधेन्दु सिन्हा को इलेक्ट्रिक यातायात उद्योग की ओर आभार व्यक्त करते हुए कहा को 2020 में बैटरी और वाहन अलग बेचने की अनुमति से ये परियोजना व्यापारिक रूप से अधिक किफायती और ऑपरेटरों के लिए व्यवहारिक हो गई। इस हाईवे पर 30 मिनट, 30 प्रतिशत और 3 साल का बहुत महत्त्व है क्योकि सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को दिल्ली से आगरा तक 30 मिनट में आपातकालीन तकनीकी सहायता मिलेगी, वाहन ऑपरेटर 30 प्रतिशत कम कीमत पर वाहन खरीद सकेंगे, और 3 साल में चार्जिंग स्टेशन पर लगे इंफ्रा की लागत वसूल होगी ।
साथ ही सिन्हा ने यह भी कहा की 2018 में ऊर्जा मंत्रालय द्वारा चार्जिंग स्टेशन लगानी की प्रक्रिया में लाइसेंस की जरूरत को खारिज करना सरकार की इज ऑफ डूइंग बिजनेस के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है और इस से हमें एन.एच.ई.वी. जैसे महत्वाकांक्षी पायलट परियोजना के जरिए इस चुनौती को परिवर्तन का मार्ग मिला और 2021 में परिणाम हम सबके सामने है जहां प्रवीण कुमार और नरेंद्र यादव जैसे युवा आज अपने दम पर भारत देश का सबसे बड़ा चार्जिंग स्टेशन बना कर सफलतापूर्वक चला भी रहे है और आगे जल्द ही दूसरे स्टेशन का भी अनावरण करने वाले है।
उन्होंने ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जनवरी 2022 में जारी संशोधित दिशा-निर्देश और मानकों का भी स्वागत किया जिसमे चार्जिंग स्टेशनों को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने के लिए भूमि उपयोग के लिए ऊर्जा मंत्रालय के एक राजस्व साझेदारी मॉडल भी जारी किया है जिसके बाद सरकारी और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की भूमि का उपयोग सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों द्वारा स्टेशन लगाने के लिए किया जा सकेगा जिससे बेहतर ढंग से भू-सम्पति का मुद्रीकरण स्टेशन लगा कर किया जा सकेगा और ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से पेट्रोलियम और राष्ट्रिय तेल बिल और मूल्य दोनों को नियंत्रित किया जा सकेगा।
30 मिनट, 30 प्रतिशत और 3 साल
उन्होंने नीति आयोग के सलाहकार सुधेन्दु सिन्हा को इलेक्ट्रिक यातायात उद्योग की ओर आभार व्यक्त करते हुए कहा को 2020 में बैटरी और वाहन अलग बेचने की अनुमति से ये परियोजना व्यापारिक रूप से अधिक किफायती और ऑपरेटरों के लिए व्यवहारिक हो गई। इस हाईवे पर 30 मिनट, 30 प्रतिशत और 3 साल का बहुत महत्त्व है क्योकि सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को दिल्ली से आगरा तक 30 मिनट में आपातकालीन तकनीकी सहायता मिलेगी, वाहन ऑपरेटर 30 प्रतिशत कम कीमत पर वाहन खरीद सकेंगे, और 3 साल में चार्जिंग स्टेशन पर लगे इंफ्रा की लागत वसूल होगी ।