Automobile: भारतीय ऑटो उद्योग बना अर्थव्यवस्था का पावरहाउस, GST में 15% योगदान और तीन करोड़ नौकरियां दीं
India Automobile Sector: भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर अब सिर्फ सड़कों पर गाड़ियां बढ़ाने तक सीमित नहीं है बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, सरकार को मिलने वाले कुल जीएसटी का करीब 15% हिस्सा इसी सेक्टर से आता है। वहीं SIAM के मुताबिक यह उद्योग लगभग 3 करोड़ लोगों को रोजगार दे रहा है, जिनमें 42 लाख लोग सीधे उत्पादन में और 2.65 करोड़ लोग सर्विस, स्पेयर पार्ट्स व डिलीवरी जैसे जुड़े कार्यों में लगे हैं।
विस्तार
भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर न सिर्फ सड़कों पर गाड़ियां बढ़ा रहा है बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बना रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, सरकार को मिलने वाले कुल जीएसटी (GST) का 15% हिस्सा इसी सेक्टर से आता है। साथ ही यह करोड़ों लोगों को रोजगार देकर उनके घर चलाने में बड़ी भूमिका निभा रहा है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर रोजगार का मुख्य स्रोत
सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में ऑटोमोबाइल सेक्टर करीब 3 करोड़ लोगों को रोजगार दे रहा है। इसमें से 42 लाख लोग सीधे तौर पर कंपनियों में गाड़ियां बनाने का काम करते हैं जबकि बाकी के करीब 2.65 करोड़ लोग सर्विसिंग, स्पेयर पार्ट्स और डिलीवरी जैसे जुड़े हुए कामों के जरिए अपनी आजीविका कमा रहे हैं।
2025 में उत्पादन, बिक्री और निर्यात
साल 2025 में भारतीय ऑटो सेक्टर ने गाड़ियां बनाने और उन्हें निर्यात करने के मामले में नए रिकॉर्ड बनाए हैं। अगर जनवरी से दिसंबर तक के आंकड़ों को देखें तो हर तरह की गाड़ियों के उत्पादन और बिक्री में शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली है।
| वाहन श्रेणी | कुल उत्पादन (लाख में) | घरेलू बिक्री (लाख में) | निर्यात (लाख में) |
| पैसेंजर व्हीकल | 53.8 | 44.9 | 8.6 |
| टू-व्हीलर (दोपहिया) | 255 | 205 | 49.4 |
| थ्री-व्हीलर (तिपहिया) | 12.2 | 7.9 | 4.3 |
| कमर्शियल व्हीकल | 11.1 | 10.3 | 0.9 |
सरकारी योजनाएं और प्रोत्साहन
भारी उद्योग मंत्रालय (MHI) घरेलू विनिर्माण और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रहा है:
PLI योजना (ऑटोमोबाइल और कंपोनेंट): सितंबर 2021 में ₹25,938 करोड़ के परिव्यय के साथ शुरू हुई इस योजना का लक्ष्य इलेक्ट्रिक वाहनों सहित उन्नत ऑटोमोटिव तकनीक में भारत को आत्मनिर्भर बनाना है।
SPMEPCI योजना: मार्च 2024 में अधिसूचित यह योजना विशेष रूप से भारत में इलेक्ट्रिक पैसेंजर कारों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन की गई है।
STATUS OF HEAVY INDUSTRIES SECTOR
— PIB India (@PIB_India) February 10, 2026
As per information received from Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM), the automobile sector contributes nearly 15% of the country's GST Revenue Collections. The sector is also a significant employment creator in the country with an… pic.twitter.com/nuB3DkfKk0
तो अगर जमीनी वास्तविकता देखी जाए तो भारत का ऑटो सेक्टर सिर्फ गाड़ियां ही नहीं बना रहा बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभा रहा है। सरकार की मदद और भारी निवेश की वजह से आने वाले समय में भारत पूरी दुनिया के लिए गाड़ियां बनाने का सबसे बड़ा बनने की राह पर है।