फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   Illegal Parking Crackdown Faces Hurdle: No Space for Towed Cars in Bengaluru

Illegal Car Parking: टो की गई गाड़ियां कहां रखें? बंगलूरू पुलिस के सामने बड़ी चुनौती

Tue, 24 Feb 2026 08:37 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Tue, 24 Feb 2026 08:37 PM IST
सार

बंगलूरू में ट्रैफिक पुलिस गैर-कानूनी तरीके से पार्क की गई गाड़ियों को टो करना (हटाना) शुरू करना चाहती है। हालांकि, उनके सामने एक बड़ी समस्या है कि उनके पास उन गाड़ियों को पार्क करने के लिए काफी जगह नहीं है जिन्हें वे टो करके ले जाते हैं। 

विज्ञापन
Illegal Parking Crackdown Faces Hurdle: No Space for Towed Cars in Bengaluru
टो की गई कार - फोटो : AI

विस्तार

बंगलूरू में अवैध रूप से पार्क किए गए वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही बंगलूरू ट्रैफिक पुलिस के सामने एक बड़ी व्यावहारिक समस्या खड़ी हो गई है। दिक्कत यह है कि जिन गाड़ियों को टो किया जाएगा, उन्हें रखने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है।

विज्ञापन


शहर की चार में से तीन ट्रैफिक डिविजनों को टोइंग वाहन मिल चुके हैं, लेकिन जब्त की गई गाड़ियों को कहां रखा जाएगा, इस पर अब भी स्पष्टता नहीं है। यह समस्या तब और गंभीर हो गई, जब पुलिस को सेंट्रल बंगलूरू के जक्कारायनाकेरे इलाके में जमा बड़ी संख्या में वाहनों को हटाने के निर्देश मिले।

विज्ञापन

क्या पुलिस स्टेशनों में गाड़ियाँ रखने की जगह है?
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, फिलहाल पुलिस के पास गाड़ियों को थानों के परिसर में रखने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
लेकिन अधिकांश पुलिस स्टेशन पहले से ही पुराने जब्त वाहनों से भरे हुए हैं, जिससे नई गाड़ियों के लिए जगह बनाना मुश्किल हो रहा है।

जब्त गाड़ियों की नीलामी समय पर क्यों नहीं होती?
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि गाड़ियों के ढेर लगने की बड़ी वजह यह है कि बिना दावे वाली गाड़ियों की नीलामी बहुत कम होती है।
कर्नाटक मोटर वाहन अधिनियम के तहत, जिन वाहनों को मालिक समय पर छुड़ाने नहीं आते, उनकी नीलामी होनी चाहिए। लेकिन इस नियम का सही ढंग से पालन नहीं हो पा रहा, जिसकी वजह से समस्या बढ़ती जा रही है।
 

क्या नई जमीन तलाशने की कोशिश हो रही है?
इस संकट से निपटने के लिए पुलिस ने बंगलूरू अर्बन जिले के डिप्टी कमिश्नर जगदीशा जी. से मदद मांगी है।
पुलिस ने शहर के भीतर कम से कम तीन अलग-अलग जगहों पर तीन-तीन एकड़ ज़मीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
हालांकि पुलिस के पास कुछ छोटे भूखंड हैं, लेकिन वे इतनी बड़ी संख्या में जब्त वाहनों को रखने के लिए नाकाफी हैं।
 

विज्ञापन

हाईकोर्ट ने इस मामले में क्या कहा था?
साल 2021 में कर्नाटका हाईकोर्ट ने निर्देश दिया था कि आम जनता के खिलाफ अवैध पार्किंग की कार्रवाई करने से पहले पुलिस यह सुनिश्चित करे कि पुलिस स्टेशनों के आसपास फुटपाथों पर खुद कोई वाहन खड़े न हों।
इसके बाद पुलिस ने लंबे समय से जब्त गाड़ियों को एक ही स्थान पर शिफ्ट करने का फैसला लिया और इसके लिए जक्कारायनाकेरे को चुना गया।

जक्कारायनाकेरे का इस्तेमाल बंद क्यों करना पड़ा?
जक्कारायनाकेरे में वाहन भंडारण को लेकर स्थानीय लोगों ने कई शिकायतें कीं। उनका कहना था कि:

  • इलाका झाड़ियों से भर गया था

  • सांपों की संख्या बढ़ गई थी

  • जगह का रखरखाव ठीक से नहीं हो रहा था

इसके अलावा, साल 2025 में वहां आग लगने की घटना हुई, जिसमें 100 से ज्यादा वाहन जलकर नष्ट हो गए।
लगातार शिकायतों के बाद एक उच्चस्तरीय सरकारी बैठक हुई और पुलिस को वहां से सभी वाहन हटाने के निर्देश दिए गए।

मौजूदा समय में असली समस्या क्या है?
इस वक्त पुलिस के सामने दो जुड़ी हुई समस्याएं हैं:

  • टो की गई गाड़ियों को रखने के लिए पर्याप्त जमीन की कमी

  • पहले से ही पुलिस स्टेशनों में पुरानी और बिना नीलामी वाली गाड़ियों का अंबार

अगर यह स्थिति बनी रही, तो जब्त वाहन फिर से सड़कों और फुटपाथों पर खड़े दिखाई दे सकते हैं, जो अदालत के आदेशों के खिलाफ होगा।

आगे का रास्ता क्या है?
बंगलूरू पुलिस अवैध पार्किंग के खिलाफ टोइंग कार्रवाई दोबारा शुरू करना चाहती है, लेकिन उससे पहले उसे गाड़ियों के भंडारण की गंभीर समस्या का समाधान करना होगा।
जब तक पर्याप्त जगह और नीलामी की प्रक्रिया दुरुस्त नहीं होती, तब तक सख्त कार्रवाई करना खुद पुलिस के लिए मुश्किल बन सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed