फ्रांस की कंपनी के साथ वेंटिलेटर बनाएगी Hyundai, दुनियाभर में ऑटो इंडस्ट्री कुछ ऐसे कर रही हैं मदद
ह्यूंदै मोटर इंडिया ने वेंटिलेटर बनाने के लिए फ्रांस की कंपनी एयर लिक्विड मेडिकल सिस्टम्स (एएलएमएस) के साथ करार किया है। कंपनी इन वेंटिलेटर्स की तमिलनाडु और अन्य राज्यों में आपूर्ति करेगी। बता दें कि फ्रांस की इस भारतीय सहयोगी कंपनी का कारखाना चेन्नई के पास है। ह्यूंदै और एएलएमएस पहले चरण में एक हजार वेंटिलेटर बनाएंगे। बाद में इसे बढ़ाया जाएगा। ह्यूंदै मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी एसएस किम ने एक बयान में कहा कि इस खतरनाक वायरस से निपटने में वेंटिलेटर्स और अन्य चिकित्सा संबंधी उपकरण काफी अहम हैं। ह्यूंदै और एएलएमएस मिलकर तय करेंगे कि देश में वेंटिलेटर की आपूर्ति बनी रहे।
एएलएमएस इंडिया के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने कहा कि इससे निपटने और सरकार के प्रयासों का समर्थन करने के लिए कंपनी ने वेंटिलेटर बनाने का काम करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि हम ह्यूंदै मोटर इंडिया के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं। इससे कंपनी के प्रयासों में एक सकारात्मक बदलाव आएगा। साथ ही, उन्होंने कहा कि देश में वेंटिलेटर के लिए शोध और सुविधा रखने वाली एएलएमएस कुछ ही वैश्विक कंपनियों में से एक हैं।
बता दें कि ऑटोमोबाइल कंपनियां भारत ही नहीं अन्य देशों में भी वेंटिलेटर बनाने का काम कर रही हैं। रॉल्स रॉयस, एयरबस, जगुआर लैंड रोवर और यूनिपार्ट सहित 60 से अधिक कार निर्माता कंपनियां वेंटिलेटर बनाने का काम कर रही हैं। उम्मीद है कि यह कंपनियां 20 हजार वेंटिलेटर बनाने में मदद करेंगी। वेंटिलेटर निर्माता हैमिल्टन मेडिकल के सीईओ जेन्स हालेक ने कहा कि वेंटिलेटर बनाने के लिए आवश्यक सामग्री और इसके बारे में जानकारी होना बहुत आवश्यक है। क्योंकि वेंटिलेटर बनाना कोई आसान काम नहीं है।
न केवल हार्डवेयर बल्कि इसमें बहुत सारे सॉफ्टवेयर भी होते हैं। हालेक कहते हैं कि यदि कोई एक भी हिस्सा ठीक से काम नहीं करता है, तो फिर वह पूरी मशीन बंद जो जाती है और फिर उसका उपयोग नहीं किया जा सकता है। हैमिल्टन मेडिकल एक सप्ताह में 220 वेंटिलेटर बनाता है। हालांकि इन्हें एक सप्ताह में 400 वेंटिलेटर बनाने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि वेंटिलेटर की संख्या और उनके निर्माण की प्रक्रिया केवल एक चीज नहीं है बल्कि इसका निर्माण करते समय बहुत सोचने की आवश्यता है। वेंटिलेटर जैसे मेडिकल उपकरणों को सही तरीके से जांचने की भी जरूरत होती है।