350 किमी प्रतिघंटे की स्पीड से खुलते हैं एयरबैग, जानें कैसे बचाता है जान और क्यों है जरूरी
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सरकार के आदेश के बाद एक अक्तूबर, 2019 से सभी कारों में एयरबैग्स अनिवार्य कर दिए गए हैं। यह इसलिए किया गया ताकि कार सवार यात्री सुरक्षित अपने घरों को पहुंच सकें। किसी भी दुर्घटना के पहले एयरबैग्स विस्फोट के साथ तेजी से खुलते हैं, जिससे यात्रियों को कम से कम चोट पहुंचती है। आइए जानते हैं कैसे काम करता है एयरबैग...
क्या होता है एयरबैग?
सबसे पहले तो यह जानना जरूरी है कि एयरबैग होता क्या है? किसी भी गाड़ी की स्टीयरिंग व्हील से लेकर डैशबोर्ड और दरवाजे समेत गाड़ी के कई हिस्सों में एयरबैग्स लगे होते हैं। एयरबैग्स किसी भी दुर्घटना के समय करीब 350 किमी प्रतिघंटे की स्पीड से खुलते हैं।
टक्कर से पहले ही एयरबैग को मिल जाते हैं संकेत
कार की स्पीड के आधार पर एयरबैग्स खुलते हैं। कार की स्पीड 30 से 40 किमी प्रतिघंटा है तब यह एयरबैग्स खुलते हैं। एयरबैग्स के खुलने की यह स्पीड अलग-अलग कंपनी की गाड़ियों में अलग-अलग हो सकती है। किसी भी चीज से टक्कर होने के पहले ही इसके सेंसर काम करना शुरू कर देते हैं।
क्या सुरक्षित होता है एयरबैग
यात्रियों की सुरक्षा के लिए कार में एयरबैग्स का होना जरूरी है। अगर यह नहीं हैं तो किसी भी हादसे के उसमें सवार शख्स को गंभीर चोटें आ सकती हैं। आमतौर पर एक कार में एक एयरबैग होता है, लेकिन लग्जरी कारों में इसकी संख्या सात तक हो सकती है।