फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   High Court directs to curb use of pressure horns and two-wheelers without silencers

High Court: प्रेशर हॉर्न, बिना साइलेंसर वाले वाहनों के इस्तेमाल पर लगाएं रोक, हाईकोर्ट का आदेश

Sat, 14 Oct 2023 08:19 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Sat, 14 Oct 2023 08:19 PM IST
सार

अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि निर्धारित मानदंडों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। अदालत ने मुख्य सचिव को 20 नवंबर को अगली सुनवाई तक प्रेशर हॉर्न और बिना साइलेंसर वाले दोपहिया वाहनों के खतरे से निपटने के लिए राज्य मशीनरी द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का भी निर्देश दिया।

विज्ञापन
High Court directs to curb use of pressure horns and two-wheelers without silencers
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट - फोटो : Social media

विस्तार

ध्वनि प्रदूषण को कम करने के मद्देनजर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने मुख्य सचिव को प्रेशर हॉर्न के इस्तेमाल और बिना साइलेंसर वाले दोपहिया वाहनों को चलाने पर नकेल कसने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन


अदालत ने इस बात पर भी जोर दिया कि निर्धारित मानदंडों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। अदालत ने मुख्य सचिव को 20 नवंबर को अगली सुनवाई तक प्रेशर हॉर्न और बिना साइलेंसर वाले दोपहिया वाहनों के खतरे से निपटने के लिए राज्य मशीनरी द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का भी निर्देश दिया।
विज्ञापन


छत्तीसगढ़ नागरिक संघर्ष समिति द्वारा दायर हस्तक्षेप आवेदनों की सुनवाई के दौरान, मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायाधीश एन.के. चंद्रवंशी की खंडपीठ ने कहा कि अदालत ने राज्य भर में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न आदेश जारी किए हैं। हालांकि, इन उपायों को उद्देश्य के अनुसार लागू नहीं किया गया है, और संबंधित अधिकारियों ने लाउडस्पीकर, प्रेशर हॉर्न, म्यूजिकल हॉर्न और साउंड एम्पलीफायरों से पैदा होने वाले ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने वाले नियमों और विनियमों के बारे में जानकारी होने के बावजूद, ढीला रवैया अपनाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


डीजे संचालक आशीष दुबे की ओर से वकील विनय पांडे द्वारा अदालत में एक और हस्तक्षेप आवेदन दायर किया गया है, जिसमें कहा गया है कि हस्तक्षेपकर्ता के खिलाफ जो कार्रवाई की गई है, वह सक्षम प्राधिकारी द्वारा नहीं की गई प्रतीत होती है।

खंडपीठ ने टिप्पणी की कि ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए नियमों और विनियमों के अस्तित्व के बावजूद, राज्य मशीनरी द्वारा विशेष रूप से त्योहारी सीजन के दौरान बहुत कम काम किया गया है।

अदालत ने 29 सितंबर, 2023 को समाचार पत्रों में प्रकाशित एक समाचार रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया, जिसमें ध्वनि प्रदूषण के कारण कई स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित क्षेत्रों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों, बुजुर्गों, बच्चों और निवासियों को होने वाली कठिनाइयों पर रोशनी डाली गई थी। अदालत के हस्तक्षेप के बाद राज्य मशीनरी ने इस खतरे को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की। 

हालांकि, यह एक हस्तक्षेप याचिका के जरिए अदालत के ध्यान में लाया गया था कि सड़क पर यात्रा करते समय नागरिकों के लिए ध्वनि प्रदूषण के कारण असुविधा की घटनाएं बनी रहती हैं, क्योंकि प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल और हाई स्पीड पर साइलेंसर के बिना मोटरसाइकिलों का चलना जारी है।


29 सितंबर को उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में, मुख्य सचिव ने एक हलफनामा पेश किया जिसमें बताया गया कि 4 अक्तूबर को डीजीपी, सभी संभागीय आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, जिला मजिस्ट्रेट और छत्तीसगढ़ के सभी एसपी के साथ ध्वनि प्रदूषण से निपटने के लिए उठाए गए कदम पर चर्चा के लिए एक बैठक बुलाई गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed