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EV: हीरो इलेक्ट्रिक और ओकिनावा को सरकार की भविष्य की ईवी योजनाओं से किया जा सकता है ब्लैकलिस्ट, जानें क्यों

Fri, 24 May 2024 08:39 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Fri, 24 May 2024 08:39 PM IST
सार

भारत के शीर्ष इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन निर्माताओं में से दो, Hero Electric (हीरो इलेक्ट्रिक) और Okinawa Autotech (ओकिनावा ऑटोटेक), जल्द ही आगामी ईवी योजनाओं से ब्लैकलिस्ट हो सकते हैं।

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Hero Electric, Okinawa Autotech could be blacklisted from upcoming govt Electric Vehicles schemes Know Details
Electric Two Wheeler - फोटो : Freepik

विस्तार

भारत के शीर्ष इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन निर्माताओं में से दो, Hero Electric (हीरो इलेक्ट्रिक) और Okinawa Autotech (ओकिनावा ऑटोटेक), जल्द ही आगामी ईवी योजनाओं से ब्लैकलिस्ट हो सकते हैं। केंद्र सरकार उन ईवी निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की योजना बना रही है, जिन्होंने पहले फेम-2 (फास्टर एडॉप्शन ऑफ मैन्युफेक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स इन इंडिया) योजना के तहत गलत तरीके से लिए गए इंसेंटिव को वापस नहीं किया था।
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दो ईवी निर्माताओं सहित छह अन्य को इस योजना के नियमों का उल्लंघन करते पाया गया। यह योजना इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़त को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करती थी।
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भारी उद्योग मंत्रालय ने उन ईवी निर्माताओं के खिलाफ जांच की थी, जिन्होंने फेम-2 दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया था। हीरो इलेक्ट्रिक और ओकिनावा के अलावा, इन ईवी निर्माताओं में Benling India Energy and Technology (बेंगलिंग इंडिया एनर्जी एंड टेक्नोलॉजी), AMO Mobility (एएमओ मोबिलिटी), Greaves Electric Mobility (ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी) और Revolt Motors (रिवॉल्ट मोटर्स) भी शामिल हैं।

केंद्र के अनुसार, इन निर्माताओं ने ईवी पार्ट्स का आयात करके और स्थानीय बाजारों से पर्याप्त सोर्सिंग नहीं करके फेम-2 मानदंडों का उल्लंघन किया। यह योजना के तहत लाभ उठाने के लिए एक प्रमुख शर्त है। केंद्र द्वारा जांच किए गए 13 ईवी निर्माताओं में से इन छह निर्माताओं को दोषी पाया गया।

छह ईवी निर्माताओं में से, एएमओ मोबिलिटी, ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और रिवॉल्ट मोटर्स ने योजना के तहत गलत तरीके से लिए गए सब्सिडी राशि को वापस कर दिया है। हालांकि, हीरो इलेक्ट्रिक, ओकिनावा और बेंगलिंग इंडिया ने अभी तक प्रोत्साहनों का अपना हिस्सा वापस नहीं किया है।
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इन तीन ईवी निर्माताओं को योजना से हटा दिया गया है और अन्य योजनाओं के लिए उन्हें नजरअंदाज किया जा सकता है। मंत्रालय के अनुसार, इन निर्माताओं ने प्रोत्साहन राशि के भुगतान न किए जाने के संबंध में उन्हें भेजे गए बार-बार के मेल का जवाब नहीं दिया है।

समाचार एजेंसी पीटीआई ने मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा, "अगला कदम मंत्रालय की सभी योजनाओं से डिबारमेंट (वर्जित करना) है, जो हीरो इलेक्ट्रिक और बेंगलिंग इंडिया के लिए किया गया है। ओकिनावा को डिबार नहीं किया गया था क्योंकि वे उस समय अदालत में थे। अगला कदम भारत सरकार की सभी योजनाओं से ब्लैकलिस्ट करना है। यह अभी तक नहीं हुआ है क्योंकि यह एक चरण-दर-चरण प्रक्रिया है और वित्त मंत्रालय किसी भी कंपनी के लिए सभी मंत्रालयों की योजनाओं/नीतियों से डिबारमेंट की स्वीकृति देता है।"

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम (ईएमपीएस) 2024 ने फेम-2 योजना की जगह ले ली है। फेम-2 योजना इस साल अप्रैल में समाप्त हो गई थी। 500 करोड़ रुपये के बजट के साथ, इस योजना का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा। जिसका लक्ष्य भारत के ईवी बुनियादी ढांचे को और विकसित करना है।

यह इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए 10,000 रुपये तक की सब्सिडी प्रदान करेगी। जबकि तिपहिया वाहनों को 50,000 रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी। यह योजना इस साल जुलाई तक लागू रहेगी। ईवी निर्माताओं को उनके वाहन की बिक्री के आधार पर सब्सिडी की रिइंबर्समेंट (प्रतिपूर्ति) हासिल होगी।
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