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Car Safety Features: ड्राइविंग के दौरान इस तरह काम करता है यह सेफ्टी फीचर, जानें कौन सी कारें बीएसडी से लैस

Wed, 12 Nov 2025 05:21 PM IST
जागृति ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति Updated Wed, 12 Nov 2025 05:21 PM IST
सार

Car Safety Features: अब कारें सिर्फ चलती नहीं देखती भी हैं। इन कारों में उपलब्ध बीएसडी सेफ्टी फीचर आपकी गाड़ी के उन कोनों को भी देखता है, जो आपकी नजरों से छूट जाते है।

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ब्लाइंड स्पॉट डिटेक्शन सिस्टम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ब्लाइंड स्पॉट वे क्षेत्र होते हैं जो साइड मिरर में दिखाई नहीं देते। खासकर वाहन के दोनों किनारों पर। ब्लाइंड स्पॉट डिटेक्शन जिसे बीएसडी भी कहा जाता है, ये इन्हीं अदृश्य हिस्सों पर नजर रखता है। यह सिस्टम रडार, कैमरा या अल्ट्रासोनिक सेंसर की मदद से ड्राइवर को चेतावनी देता है। कभी मिरर में लाइट, कभी बीप साउंड तो कभी स्टीयरिंग वाइब्रेशन के जरिए।

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 कब और कैसे आया बीएसडी

यह तकनी पहली बार 2001 में वॉल्वो एससीसी कॉन्सेप्ट कार में दिखाई दी। फिर 2003 में वॉल्वो एक्ससी 90 एसयूवी में इसका प्रोडक्शन वर्जन लॉन्च हुआ। बाद में फोर्ड ने इसे ब्लाइंड स्पॉट सूचना प्रणाली (बीएसआईएस) नाम से अपनाया। 2007 में यह फीचर दुनियाभर में फैल गया और 2022 में यूरोप में नई कारों के लिए अनिवार्य हो गया। भारत में यह 2020 के दशक से तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

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क्यों जरूरी है यह तकनीक?

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क्यों जरूरी है बीएसडी - फोटो : अमर उजाला

सुरक्षा की दृष्टिकोण से यह तकनीक बेहद जरूरी है। यह लेन बदलते समय होने वाली टक्करों को 14 प्रतिशत तक घटाता है। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि बीएसडी वाली कारों में चोट वाली दुर्घटनाएं अन्य कारों की अपेक्षा 23 प्रतिशत कम होती है। साथ ही ड्राइवर को तनाव मुक्ति ड्राइविंग का अनुभव भी देती है। यह बड़े ब्लाइंड स्पॉट वाले वाहनों में बेहद उपयोगी साबित हुई है।

इस प्रकार काम करता है बीएसडी सिस्टम

ये रडार, कैमर सेंसर रियर बंपर या साइड मिरर में लगे होते हैं, जो तीन से 10 मीटर की रेंज वाले वाहनों को पहचानते हैं। अगर कोई वाहन ब्लाइंड स्पॉट में आता है तो सिस्टम ईसीयू (इंजन कंट्रोल यूनिट) को सिग्नल भेजता है, फिर ईसीयू विजुअल या ऑडियो अलर्ट ट्रिगर करता है। कुछ एडवांस्ड कारों में ब्लाइंड स्पॉट असिस्ट (बीएसए) होता है जो खुद ब्रेक या स्टीयरिंग एडजस्ट करता है।

किन गाड़ियों में मिलता है यह फीचर?

भारत में 2025 तक 100 से अधिक कारें बीएसडी से लैस हैं। जैसे एंट्री लेवल कारों में टाटा नेक्सॉन, टाटा अल्ट्रोज , मिड रेंज एसयूवी में ह्ययूंडई क्रेटा, महिंद्रा एक्सयूवी 700, किआ सल्टोस, एमजी हेक्टर आदि में। लक्जरी सेगमेंट की बात करें तो लैंड रोवर डिफेंडर, ऑडी बीएम डब्ल्यू में यह फीचर मिलता है। वहीं, बीएसडी का असली हीरो रडार सेंसर माना जाता है।

ये होता है रडार सेंसर

रडार रेडियो डिटेक्शन या रैंगिंग तकनीक माइक्रोवेव या मिलिमीटर वेव्स (24गीगाहर्ट्ज़ या 77गीगाहर्ट्ज़) भेजती है। यह तरंगें ऑब्जेक्ट से टकराकर लौटती हैं और सिस्टम दूरी, स्पीड और दिशा माप लेती है। इनकी फायदों की बात करें तो ये बारिश और कोहरे में भी असरदार होती है। क्रैश अवॉइडेंस और पार्किंग मे मददगार है। ह्यूंडई क्रेटा, टाटा हैरियर, महिंद्रा एक्सयूवी 700, किआ ईवी6 जैसी कारों में यह सेंसर मौजूद है। 2025 में भारत में 50 से अधिक मॉडल्स में रडार सेंसर स्टैंडर्ड फीचर है।

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