{"_id":"670d14e91595cf201404b8fc","slug":"government-cracks-down-on-ola-cabs-directs-to-allow-consumers-choice-of-refund-2024-10-14","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Ola Cabs: सरकार ने ओला पर कसा शिकंजा, ग्राहकों ने ऑटो राइड के लिए रिफंड और उचित बिलिंग की मांग की","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
Ola Cabs: सरकार ने ओला पर कसा शिकंजा, ग्राहकों ने ऑटो राइड के लिए रिफंड और उचित बिलिंग की मांग की
Mon, 14 Oct 2024 06:27 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 14 Oct 2024 06:27 PM IST
सार
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने राइड-हेलिंग सर्विस प्रोवाइडर ओला कैब्स को कंज्यूमर फ्रेंडली तंत्र सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
Ola Cabs
- फोटो : Adobe Stock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी) (CCPA) (सीसीपीए) ने राइड-हेलिंग सर्विस प्रोवाइडर (सेवा प्रदाता) Ola Cabs (ओला कैब्स) को कंज्यूमर फ्रेंडली (उपभोक्ता-अनुकूल) तंत्र सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। जिससे बुक की गई राइड के रद्द होने या कंपनी द्वारा यूजर को राशि वापस करने की स्थिति में उसके ग्राहक अपनी पसंदीदा रिफंड विधि चुनने की अनुमति दे सकें। उपभोक्ता निगरानी संस्था ने राइड-हेलिंग सेवा प्रदाता को बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए अपने उपभोक्ताओं को ऑटो-राइड रसीदें प्रदान करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
दिलचस्प बात यह है कि यह निर्देश CCPA द्वारा ओला इलेक्ट्रिक के सर्विस सेंटरों के ऑडिट के आदेश के तुरंत बाद आया। यह निर्णय तब लिया गया जब एक साल में ओला इलेक्ट्रिक के ग्राहकों की ओर से 10,000 से ज्यादा शिकायतें मिलीं, जिसमें ग्राहकों ने घटिया पार्ट्स, देरी से डिलीवरी, अप्रभावी सेवा और झूठी मार्केटिंग जैसे कारकों की ओर इशारा किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
ओला कैब्स को दिए गए CCPA के आदेश में क्या शामिल है?
CCPA के निर्देश के अनुसार, अब भारत भर में ओला कैब्स के यूजर्स के पास सीधे अपने बैंक खातों या वॉलेट में या कूपन के जरिए रिफंड हासिल करने का विकल्प होगा। यह ओला कैब्स की पिछली रिफंड नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा। अब तक, ओला कैब्स अपने उपभोक्ताओं को सिर्फ अपनी 'बिना कोई सवाल पूछे जाने वाली' रिफंड नीति के तहत राइड कूपन देती थी, अगर कंपनी अपने यूजर्स को कोई राशि वापस कर रही थी तो। इन कूपन का इस्तेमाल सिर्फ ओला कैब्स प्लेटफॉर्म पर किया जा सकता है, कहीं और नहीं।
CCPA के निर्देश के अनुसार, अब भारत भर में ओला कैब्स के यूजर्स के पास सीधे अपने बैंक खातों या वॉलेट में या कूपन के जरिए रिफंड हासिल करने का विकल्प होगा। यह ओला कैब्स की पिछली रिफंड नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा। अब तक, ओला कैब्स अपने उपभोक्ताओं को सिर्फ अपनी 'बिना कोई सवाल पूछे जाने वाली' रिफंड नीति के तहत राइड कूपन देती थी, अगर कंपनी अपने यूजर्स को कोई राशि वापस कर रही थी तो। इन कूपन का इस्तेमाल सिर्फ ओला कैब्स प्लेटफॉर्म पर किया जा सकता है, कहीं और नहीं।
Ola Cabs
- फोटो : Ola Cabs
यह रणनीति उपभोक्ताओं को ओला कैब लेने के लिए बाध्य करती है, अगर वे रिफंड की गई राशि का इस्तेमाल करके कोई टैक्सी बुक करना चाहते हैं। हालांकि, CCPA के निर्देश यह सुनिश्चित करेंगे कि उपभोक्ताओं को रिफंड की गई राशि उनके बैंक खाते, वॉलेट या भुगतान के अन्य स्रोत में वापस मिल जाए, जिसका इस्तेमाल वे अपनी पसंद के अनुसार कर सकते हैं। इसके अलावा, वे ओला कैब के राइड कूपन का विकल्प भी चुन सकते हैं।
CCPA की मुख्य आयुक्त निधि खरे ने कहा है कि इस निर्देश का मकसद उपभोक्ता अधिकारों और सेवा पारदर्शिता को बढ़ाना है। एजेंसी की ओर से यह निर्देश तब आया जब उसने पाया कि राइड-हेलिंग सेवा प्रदाता की 'बिना कोई सवाल पूछे जाने वाली' रिफंड नीति उपभोक्ताओं को स्पष्ट विकल्प प्रदान किए बिना सिर्फ भविष्य की सवारी के लिए कूपन कोड दे रही थी। यह प्रथा संभावित रूप से उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन करने वाली पाई गई। क्योंकि यह उपभोक्ताओं को सीधे मौद्रिक रिफंड की पेशकश करने के बजाय अतिरिक्त सवारी बुक करने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है।
CCPA ने इस बात पर जोर दिया है कि एक उचित रिफंड नीति को उपभोक्ताओं को फिर से सेवाओं का इस्तेमाल करने के लिए अनावश्यक रूप से मजबूर नहीं करना चाहिए। बल्कि उन्हें विकल्प देकर सशक्त बनाना चाहिए।
CCPA ने इस बात पर जोर दिया है कि एक उचित रिफंड नीति को उपभोक्ताओं को फिर से सेवाओं का इस्तेमाल करने के लिए अनावश्यक रूप से मजबूर नहीं करना चाहिए। बल्कि उन्हें विकल्प देकर सशक्त बनाना चाहिए।
ओला कैब्स को ऑटो-राइड रसीदें देने का निर्देश
सीसीपीए ने ऑटो राइड के लिए इनवॉयस (चालान) के संबंध में ओला कैब्स की नीति का भी संज्ञान लिया। यह पाया गया कि जब ग्राहक चालान तक पहुंचने का प्रयास करते हैं, तो राइड-हेलिंग एप पर एक संदेश प्रदर्शित होता है, जिसमें कहा गया है, "ओला की ऑटो सेवा नियम और शर्तों में बदलाव के कारण ऑटो राइड के लिए ग्राहक चालान प्रदान नहीं किया जाएगा।" एजेंसी ने इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत अनुचित व्यापार व्यवहार माना। जो किसी भी सर्विस के लिए बिल, रसीद या कैश मेमो जारी करना अनिवार्य करता है।
सीसीपीए ने ऑटो राइड के लिए इनवॉयस (चालान) के संबंध में ओला कैब्स की नीति का भी संज्ञान लिया। यह पाया गया कि जब ग्राहक चालान तक पहुंचने का प्रयास करते हैं, तो राइड-हेलिंग एप पर एक संदेश प्रदर्शित होता है, जिसमें कहा गया है, "ओला की ऑटो सेवा नियम और शर्तों में बदलाव के कारण ऑटो राइड के लिए ग्राहक चालान प्रदान नहीं किया जाएगा।" एजेंसी ने इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत अनुचित व्यापार व्यवहार माना। जो किसी भी सर्विस के लिए बिल, रसीद या कैश मेमो जारी करना अनिवार्य करता है।
CCPA को यह निर्देश क्यों जारी करना पड़ा?
CCPA के निर्देश राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) पर दर्ज की गई शिकायतों की एक बड़ी संख्या के बीच आए हैं। 1 जनवरी 2024 से 9 अक्तूबर 2024 के बीच ओला कैब्स के खिलाफ कुल 2,061 शिकायतें दर्ज की गईं। इन शिकायतों में बुकिंग के समय कंपनी द्वारा शुरू में दिखाए गए किराए से ज्यादा किराया वसूलना, ग्राहकों को राशि वापस न करना, ड्राइवरों द्वारा अतिरिक्त नकद भुगतान मांगना, गलत ड्रॉप-ऑफ या पिकअप लोकेशन जैसे मुद्दे शामिल थे।
CCPA के निर्देश राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) पर दर्ज की गई शिकायतों की एक बड़ी संख्या के बीच आए हैं। 1 जनवरी 2024 से 9 अक्तूबर 2024 के बीच ओला कैब्स के खिलाफ कुल 2,061 शिकायतें दर्ज की गईं। इन शिकायतों में बुकिंग के समय कंपनी द्वारा शुरू में दिखाए गए किराए से ज्यादा किराया वसूलना, ग्राहकों को राशि वापस न करना, ड्राइवरों द्वारा अतिरिक्त नकद भुगतान मांगना, गलत ड्रॉप-ऑफ या पिकअप लोकेशन जैसे मुद्दे शामिल थे।
ओला कैब्स का दावा- पारदर्शिता महत्वपूर्ण है
सीसीपीए के विनियामक हस्तक्षेप के बाद, ओला कैब्स का दावा है कि उसने राइड-हेलिंग एप में कई उपभोक्ता-केंद्रित बदलाव किए हैं। एक महत्वपूर्ण बदलाव शिकायत अधिकारी और नोडल अधिकारी के डिटेल्स को दिखाना है। ओला कैब्स वेबसाइट के सहायता अनुभाग में अब शिकायत और नोडल अधिकारियों के नाम, फोन नंबर और ईमेल पते प्रमुखता से दिखाए जाते हैं।
सीसीपीए के विनियामक हस्तक्षेप के बाद, ओला कैब्स का दावा है कि उसने राइड-हेलिंग एप में कई उपभोक्ता-केंद्रित बदलाव किए हैं। एक महत्वपूर्ण बदलाव शिकायत अधिकारी और नोडल अधिकारी के डिटेल्स को दिखाना है। ओला कैब्स वेबसाइट के सहायता अनुभाग में अब शिकायत और नोडल अधिकारियों के नाम, फोन नंबर और ईमेल पते प्रमुखता से दिखाए जाते हैं।
इसके अलावा, ओला की नीति के अनुसार, बुकिंग के बाद राइड कैंसिलेशन के लिए अनुमत समय अब बुकिंग के समय प्रदर्शित किया जाता है। इसमें कैंसिलेशन शुल्क का भी जिक्र किया गया है। साथ ही, उपभोक्ताओं को राइड कैंसिल करने के अतिरिक्त कारण भी बताए गए हैं। इसके अलावा, बेस किराया, प्रति किलोमीटर किराया और प्री-वेट शुल्क जैसे डिटेल्स अब प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाते हैं।