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Google: गूगल ने लॉन्च किया नया ग्राउंडसोर्स एआई सिस्टम, शहर में बाढ़ आने से 24 घंटे पहले ही दे देगा चेतावनी

Sat, 14 Mar 2026 07:00 PM IST
Suyash Pandey ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Suyash Pandey Updated Sat, 14 Mar 2026 07:00 PM IST
सार

Google Groundsourse AI: जलवायु परिवर्तन के दौर में गूगल ने बाढ़ की सटीक भविष्यवाणी के लिए अपना नया एआई सिस्टम 'ग्राउंडसोर्स' पेश किया है। यह तकनीक जेमिनी एआई और ऐतिहासिक डेटा का उपयोग करके शहरी इलाकों में अचानक आने वाली बाढ़ की 24 घंटे पहले चेतावनी देने में सक्षम है। 

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Google Launches AI Flood Prediction System ‘Groundsourse’
गूगल ग्राउंडसोर्स एआई - फोटो : एआई

विस्तार

आज के दौर में जलवायु परिवर्तन के कारण शहरों में अचानक आने वाली बाढ़ एक बड़ी चुनौती बन गई है। इस समस्या से निपटने के लिए टेक दिग्गज गूगल ने एक क्रांतिकारी एआई सिस्टम 'ग्राउंडसोर्स' लॉन्च किया है। यह सिस्टम न केवल बाढ़ की भविष्यवाणी करेगा, बल्कि प्रशासन को संभलने का कीमती समय भी देगा।

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क्या है ग्राउंडसोर्स और यह क्यों है खास?

आमतौर पर नदियों में आने वाली बाढ़ का डेटा आसानी से मिल जाता है। लेकिन शहरी इलाकों में अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का सटीक डेटा जुटाना मुश्किल होता है। इसी डेटा गैप को भरने के लिए गूगल ने ग्राउंडसोर्स विकसित किया है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह सिर्फ सेंसर पर निर्भर नहीं है, बल्कि यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स जैसे पुराने समाचार, सरकारी रिपोर्ट और सार्वजनिक डेटा का विश्लेषण करके भविष्य की चेतावनी देता है।

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यह काम कैसे करता है?

ग्राउंडसोर्स के पीछे गूगल का सबसे शक्तिशाली एआई मॉडल जेमिनी और एक विशेष न्यूरल नेटवर्क LSTM (लॉन्ग शॉर्ट टर्म मेमोरी) काम कर रहे हैं।

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1. डेटा का विशाल भंडार

गूगल के शक्तिशाली जेमिनी एआई ने पिछले कई दशकों के वैश्विक डेटा का गहराई से विश्लेषण किया है। इसमें 150 से अधिक देशों की समाचार रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट से लेकर आधिकारिक सरकारी बयानों और सार्वजनिक रिकॉर्ड्स तक को शामिल किया गया है। इस व्यापक छानबीन के जरिए एआई ने दुनिया भर की लगभग 26 लाख ऐतिहासिक बाढ़ की घटनाओं का एक विशाल डेटाबेस तैयार किया है, जो भविष्य की सटीक भविष्यवाणी का आधार बनता है।

2. गूगल मैप्स का सटीक तालमेल

एआई द्वारा पहचानी गई इन घटनाओं को गूगल मैप्स के साथ जोड़ा जाता है। इससे यह पता चलता है कि किस गली या मोहल्ले में किस समय पानी भरा था।

3. स्मार्ट पैटर्न रिकॉग्निशन

LSTM मॉडल समय के साथ बनने वाले पैटर्न्स को पहचानता है। जब इसे वर्तमान मौसम के पूर्वानुमान के साथ मिलाया जाता है, तो एआई सटीक अंदाजा लगा लेता है कि फ्लैश फ्लड की संभावना कितनी है।

24 घंटे पहले मिलेगी चेतावनी

इस तकनीक की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि अब शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे पहले ही फ्लैश फ्लड की भविष्यवाणी की जा सकेगी।

भविष्य की तैयारी: सिर्फ बाढ़ ही नहीं...

गूगल का विजन केवल बाढ़ की भविष्यवाणियों तक सीमित नहीं है। कंपनी के अनुसार, ग्राउंडसोर्स की इस उन्नत तकनीक को भविष्य में भूस्खलन जैसी घटनाओं की समय रहते सूचना देने और जानलेवा हीटवेव के सटीक पूर्वानुमान के लिए भी तैनात किया जाएगा। यह डेटा न केवल आपदा प्रबंधन में मददगार होगा, बल्कि शहरी योजनाकारों और इंजीनियरों के लिए भी एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा। इससे वे शहरों में बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और मजबूत सड़कों का निर्माण कर सकेंगे। जैसा कि गूगल ने स्पष्ट किया है, उनका उद्देश्य सिर्फ अतीत के आंकड़ों का विश्लेषण करना नहीं, बल्कि सार्वजनिक जानकारी को 'लाइफ-सेविंग डेटा' में बदलकर एक सुरक्षित और आपदा-मुक्त भविष्य तैयार करना है।


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