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Sleeper Bus: गडकरी का बड़ा एलान; सिर्फ कंपनियां बनाएंगी स्लीपर बसें, घायलों की मदद पर मिलेंगे 25 हजार रुपये

Fri, 09 Jan 2026 01:14 PM IST
सुयश पांडेय ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुयश पांडेय Updated Fri, 09 Jan 2026 01:14 PM IST
सार

नितिन गडकरी ने सड़क सुरक्षा को लेकर कई बड़े और सख्त फैसलों का एलान किया है। राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ हुई दो दिवसीय बैठक के बाद उन्होंने स्लीपर बसों के निर्माण, सड़क दुर्घटनाओं में मदद और ड्राइवरों की ट्रेनिंग से जुड़े अहम बदलावों की जानकारी दी।

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Gadkari Announces Strict Sleeper Bus Rules, ₹25,000 Reward for Accident Helpers
नितिन गडकरी - फोटो : ANI

विस्तार

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केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क सुरक्षा और बस यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई बड़े और कड़े फैसले लिए हैं। राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ हुई दो दिवसीय बैठक के बाद उन्होंने स्लीपर बसों के निर्माण, एक्सीडेंट के समय मदद और ड्राइवरों की ट्रेनिंग को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। नितिन गडकरी के जरिए की गई मुख्य घोषणाएं इस प्रकार हैं।

1. स्लीपर बसों पर केंद्र सरकार की सख्ती

हाल ही में हुए बस हादसों को देखते हुए सरकार ने स्लीपर कोच बसों के निर्माण नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब स्लीपर कोच बसें स्थानीय बॉडी बिल्डर्स के जरिए नहीं बनाई जाएंगी। इनका निर्माण केवल अधिकृत ऑटोमोबाइल कंपनियों के जरिए ही किया जाएगा। बस सुविधाओं की मान्यता अब पूरी तरह से केंद्र सरकार के हाथों में होगी, ताकि सुरक्षा से कोई समझौता न हो सके। जो बसें अभी सड़कों पर चल रही हैं, उन्हें रेट्रोफिट किया जाएगा। इनमें फायर डिटेक्शन सिस्टम, हथौड़ों के साथ इमरजेंसी एग्जिट और इमरजेंसी लाइटिंग लगाना अनिवार्य होगा।

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2. एक्सीडेंट में मदद करने वालों को इनाम (गुड सेमेरिटन अवार्ड)

सड़क हादसों में जान बचाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 'गुड सेमेरिटन' (नेक मददगार) योजना पर जोर दिया गया है। जो व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल पीड़ित को सबसे पहले अस्पताल पहुंचाएगा, उसे सरकार की तरफ से 25,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। अस्पताल में भर्ती होने वाले प्रत्येक दुर्घटना पीड़ित को पहले सात दिनों के लिए कम से कम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज (इमरजेंसी मेडिकल सपोर्ट) मिलेगा।

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3. ड्राइवरों की कमी और नए ट्रेनिंग सेंटर

नितिन गडकरी ने बताया कि भारत में इस समय लगभग 22 लाख प्रशिक्षित ड्राइवरों की कमी है। इस कमी को पूरा करने और सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए सरकार ने नई योजना बनाई है। पिछले एक साल में 44 ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं और 87 पर काम चल रहा है। सरकार की योजना इसे बड़े स्तर पर ले जाने की है, जिसके तहत 1,021 ट्रेनिंग सेंटर और 98 रीजनल हब खोले जाएंगे।

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