हर बाइकर जाना चाहता है लद्दाख की इस 18,380 फीट ऊंची जगह पर, ये है वजह
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जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केन्द्र शासित प्रदेश का दर्जा देने के एलान के साथ ही बाइकर्स और पर्यटक खुश हैं। अभी तीन से 13 सितंबर तक रॉयल एनफील्ड ओडिसी एक्सप्लोर 2019 रैली शुरू होने जा रही है। लेकिन इससे पहले ही देसी-विदेशी पयर्टक रॉयल एनफील्ड बुलेट से लद्दाख की दूरी नापने के लिए निकल पड़े हैं। अगर आप भी लद्दाख जाने की योजना बना रहे हैं, तो जानें कौन सी बाइक रहेगी बेहतर और क्या हैं खारदूंग ला टॉप के खतरे...
लेह जाने के लिए जून से सितंबर तक है समय है बेस्ट
अगर आप लद्दाख जाने की योजना बना रहे हैं, तो हाल के राजनीतिक फैसलों के चलते श्रीनगर-जवाहर टनल से जाना अभी सुरक्षित नहीं है। ताजा हालातों के चलते वहां टूरिस्ट्स की आवाजाही बिल्कुल बंद है। लेकिन मनाली-लेह सफऱ का आनंद उठाया जा सकता है। वहां जाने का यह बेहतर समय है, क्योंकि सितंबर महीने के बाद बर्फबारी का दौर शुरू हो जाता है, जिससे कई दर्रे बंद हो जाते हैं।
सबसे पहले आता है रोहतांग ला
मनाली रास्ते से लेह-लद्दाख की तरफ जाने पर सबसे पहले 13050 फीट ऊंचा रोहतांग ला (दर्रा) पड़ता है, जिसे लांघने का अपना ही रोमांच है। लेकिन बारालाचा ला (16020 फीट), लाचुंग ला (16620 फीट) और तांग लंगला (17480 फीट) की ऊंचाईयों को पार करने के लिए रॉयल एनफील्ड बुलेट सबसे बेहतर है।
दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल रोड
लद्दाख जाने वाले हर बाइक का सपना होता है कि वह दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल रोड खारदूंग ला तक जरूर जाए। लेकिन खारदूंग ला जाना इतना आसान नहीं है। हालांकि लेह से मात्र 50 किमी दूर खारदूंग ला को गेटवे ऑफ कारोकोरम भी कहा जाता है। यहीं से प्रसिद्ध नुब्रा वैली के लिए भी रास्ता जाता है, तो दुनिया के सबसे ऊंची बैटल फील्ड सियाचिन ग्लैशियर बेस कैंप जाने के लिए यहीं से जाना होता है। हालांकि आम नागरिक केवल ससोमा तक जा सकता है, जिसके बाद केवल सैन्य वाहनों को ही जाने की अनुमति है।
18380 फीट पर स्थित है खारदूंग ला
बात करते हैं खारदूंग ला की तो 18380 फीट ऊंचे खारदूंग ला टॉप पर साल के आठ महीने तक बर्फ बिछी रहती है। केवल चार महीने ही यहां पर आवागमन हो पाता है। यहां से सियाचिन बेस कैंप 164 किमी दूर है। साल भऱ बर्फ पड़े रहने के चलते यहां सड़कें हमेशा खराब रहती हैं, वहीं खारदूंग ला टॉप पर हमेशा बर्फ पड़ी रहती है। वहीं यहां का तापमान हमेशा एक डिग्री से कम रहता है, जबकि सर्दियों में यह माइनस 30 डिग्री तक पहुंच जाता है।
जरा सी गलती पड़ सकती है भारी
हाड़ कंपाने वाली ठंड और फिसलन भरे संकरे रास्तों पर ड्राइविंग करना खतरे से खाली नहीं होता। जरा सी गलती जिंदगी पर भारी पड़ सकती है, यही वजह है कि बाइकर्स मौत को चुनौती देने के लिए यहां जरूर पहुंचते हैं। वहीं यहां आक्सीजन स्तर भी बेहद कम रहता है जिससे सांस लेने में दिक्कत पेश होती है। ऐसे में यहां पहुंचने के लिए बेहद मजबूत और पावरफुल बाइक की जरूरत होती है, जो कम आक्सीजन में बीच में बंद न हो।
रॉयल एनफील्ड हिमालयन
रॉयल एनफील्ड हिमालयन इन पहाड़ी रास्तों को नापने के लिए सबसे बेहतर है। यह देश की पहली ऐसी अडवेंचर मोटरसाइकल है जिसका निर्णाण पूरी तरह से भारत में ही किया गया है। रॉयल एनफील्ड हिमालयन एक ऐसी बाइक है जिसे लंबी दूरी की यात्राओं के लिए बेझिझक इस्तेमाल किया जा सकता है। 15 लीटर फ्यूल टैंक क्षमता वाली हिमालयन में 411सीसी एयर-कूल्ड, सिंगल-सिलिंडर इंजन है, जो 24.83 पीएस की पावर और 32 एनएम पीक टॉर्क जनरेट करता है। दोनों बाइक्स 5-स्पीड गियरबॉक्स से लैस हैं। हालांकि माइलेज के मामले में हिमालयन मार खाती है और मात्र 26-28 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है।
रॉयल एनफील्ड थंडरबर्ड
वहीं अगर आप क्रूजिंग के शौकीन हैं और लंबी ड्राइव पर जाना पसंद करते हैं, तो रॉयल एनफील्ड थंडरबर्ड इसके लिए बढ़िया है। थंडरबर्ड पहली क्रूजर बाइक है, जो दो लाख से कम कीमत में आती है। हालांकि थंडरबर्ड थोड़ी भारी है और पहाड़ी रास्तों पर ड्राइविंग के दौरान थोड़ा ज्यादा दम लगाना पड़ता है। वहीं थंडरबर्ड 350 सीसी और 500 सीसी इंजन में आती है।
बुलेट क्लासिक
अगर आप सिटी हाईवे पर लान्गड्राइव के लिए जाते हैं, तो क्लासिक शहरी उबड़ खाबड़ सड़कों के लिए बेस्ट है। क्लासिक बुलेट का मॉडर्न वर्जन है, लेकिन हाइवे ट्रेवलिंग के लिए बेस्ट है। रेट्रो-मॉडर्न लुक वाली क्लासिक में कई पेंट शेड्स जैसे, डेडर्ट स्ट्रॉम, बैटल ग्रीन, स्कवॉड्रन ब्लू आते हैं। क्लासिक दो इंजन 350 सीसी और 500 सीसी में आती है।
रॉयल एनफील्ड बुलेट ट्रॉयल्स
यह देश की सबसे सस्ती स्क्रैंबलर थीम वाली बाइक है। रॉयल एनफील्ड बुलेट ट्रॉयल्स को हाल ही में लान्च किया गया है। ट्रॉयल्स बुलेट सीरीज की ही बाइक है, जिसमें 350 सीसी और 500 सीसी का इंजन आता है। हालंकि दोनों ही इंजनों में पावर और मैकेनिकल कैपेबिलिटीज एक ही हैं। अगर आप एडवेंचर के शौकीन हैं, तो ट्रायल्स को आजमा सकते हैं। इसमें सामान रखने के लिए बड़ा रैक भी दिया गया है, ताकि लंबी राइड के दौरान बैगेज रखा जा सके।