नोटबंदी: गुरुग्राम में ऑटोमोबाइल के कारोबार में 70 फीसदी की गिरावट
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नोटबंदी के कारण गुरुग्राम में ऑटोमोबाइल का कारोबार मंद पड़ा गया है। कारोबारियों का कहना है कि कार और बाइक की बिक्री में 70 फीसदी तक की गिरावट आई है। कार शोरूम के अधिकारियों का कहना है कि जहां पहले रोजाना 15 से 20 लोग कारों के बारे में पूछताछ करने या देखने के लिए आते थे वह मार्केट से एकदम गायब से हो गए हैं। स्थिति के सामान्य होने में अभी कम से कम सात दिन और लगने की संभावना है।
कारोबार चाहे कारों का हो या दुपहिया वाहनों का दोनों पर बराबर मार पड़ी है। ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े लोगों का कहना है कि ऑटो मार्केट में मंदी आ चुकी है। नोटबंदी के बाद लोग अपने रोजमर्रा के खर्चे के लिए संघर्ष कर रहे हैं ऐसे में वह वाहनों की खरीद के बारे में सोच भी नहीं सकते हैं। ऑटो सेक्टर के विशेषज्ञों का कहना है कि यह मंदी अस्थायी है। जल्द ही मार्केट इससे उबर जाएगा। यह बात जरूर है कि इसका असर लंबे समय तक बना रहेगा। लग्जरी कारों के खरीददार वर्ग को अपनी स्थिति सुधारने में अभी समय लगेगा।
एडवांस बुकिंग भी नहीं हो रही है
रोहन मोटर्स के रीजनल मैनेजर चेतन अरोड़ा का कहना है कि एडवांस बुकिंग भी नहीं हो रही है। उनका कहना है कि पहले जहां हर माह करीब 215 कारें सेल या बुक जाती थीं अब वह आंकड़ा अभी तक 66 पर अटका हुआ है। इसी प्रकार एमजी रोड स्थित एक शोरूम अधिकारी राजेश ठाकुर का कहना है कि मार्केट काफी मंदा है। अगर स्थिति नहीं सुधरी तो दिक्कत हो सकती है।
वाहनों के प्रोडक्शन पर प्रभाव नहीं: साइबर सिटी देश का सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल हब है। यहां पर मारुति, हीरो, सुुजुकी और होंडा जैसी कंपनियां मौजूद हैं। जो कार व दुपहिया वाहनों का निर्माण करती हैं। नोटबंदी के बाद इनके उत्पादन में कोई कमी नहीं आई है। कंपनी सूत्रों का कहना है कि जिस प्रकार से पहले काम चलता था वैसा ही चल रहा है। वाहनों की ढुलाई भी प्रभावित नहीं हुई है।