फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi transport department says all end-of-life vehicles ELV caught second time to be scrapped

Old Vehicles: लाइफ पूरा कर चुके और दूसरी बार पकड़े गए वाहन को कबाड़ में भेजें, दिल्ली सरकार का आदेश

Fri, 05 Jul 2024 05:56 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Fri, 05 Jul 2024 05:56 PM IST
सार

दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने कहा है कि विभाग द्वारा दूसरी बार जब्त किए गए सभी पुराने वाहनों (एंड ऑफ लाइफ) (ईएलवी) को वापस नहीं किया जाएगा और सीधे स्क्रैपिंग सुविधाओं में भेजा जाएगा।

विज्ञापन
Delhi transport department says all end-of-life vehicles ELV caught second time to be scrapped
Cars parked together in park - फोटो : iStock

विस्तार

दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने कहा है कि विभाग द्वारा दूसरी बार जब्त किए गए सभी पुराने वाहनों (एंड ऑफ लाइफ) (ईएलवी) को वापस नहीं किया जाएगा और सीधे स्क्रैपिंग सुविधाओं में भेजा जाएगा। ये दिशानिर्देश तब आए जब विभाग ने गुरुवार को ऐसे वाहनों को संभालने के लिए दिशानिर्देशों को अधिसूचित करते हुए एक आदेश जारी किया।
विज्ञापन


दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा पिछले साल 22 अगस्त को परिवहन विभाग को इस मामले पर नीति बनाने को कहा था। साथ ही ऐसे वाहनों के मालिकों को प्रक्रिया स्पष्ट करने के लिए कहे जाने के बाद दिशानिर्देश अधिसूचित किए गए थे।
विज्ञापन

दिशानिर्देशों में कहा गया है कि, "वायु गुणवत्ता में सुधार और एनजीटी के विभिन्न निर्देशों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए इन दिशानिर्देशों की जरूरत है। इसके अलावा, सार्वजनिक स्थानों पर बड़ी संख्या में कबाड़ वाहन छोड़े हुए पाए जाते हैं। जिन्हें पर्यावरण के अनुकूल तरीके से निपटाने की जरूरत है।"

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (2015) और सुप्रीम कोर्ट (2018) द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, दिल्ली की सड़कों पर 15 साल से ज्यादा पुराने किसी भी वाहन को चलाने की इजाजत नहीं है। डीजल वाहनों के लिए यह समय सीमा 10 साल है। ये नियम पुराने उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों की संख्या कम करने के लिए बनाए गए हैं।
विज्ञापन

विभाग ने कहा कि अगर मालिक एक हलफनामा देते हैं, जिसमें निजी पार्किंग स्थान का डिटेल्स बताया गया हो, तो वाहन को निजी पार्किंग स्थानों में रखा जा सकता है। नहीं तो ईएलवी को दूसरे राज्य में स्थानांतरित किया जा सकता है।

दिशानिर्देशों में आगे कहा गया है कि, "आवासीय परिसर के अंदर मालिक को आवंटित किया गया पार्किंग स्थान निजी पार्किंग स्थान माना जाएगा। आवेदक को परिसर के भीतर निजी पार्किंग स्थान का प्रमाण पेश करना होगा। जो कि RWA या किसी अन्य संबंधित प्राधिकरण से आवंटन पत्र हो सकता है।"

इन दो स्थितियों के अलावा किसी भी अन्य स्थिति में, सार्वजनिक स्थानों पर पाए जाने वाले ईएलवी को हटाकर स्क्रैपिंग के लिए ले जाया जाएगा। और मालिक पर 10,000 रुपये का जुर्माना और साथ ही वाहन को टो करने का शुल्क लगाया जाएगा। दोपहिया वाहनों के मामले में, यह राशि 5000 रुपये होगी, साथ ही टोविंग शुल्क भी लगेगा।

गौरतलब है कि IIT-कानपुर द्वारा 2016 में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, दिल्ली में वाहनों का उत्सर्जन PM10 भार का सिर्फ 9% और PM2.5 भार का लगभग 20% योगदान देता है।  दिल्ली सरकार के जनवरी, 2023 में रियल टाइम सोर्स एपोरशनमेंट स्टडी के शुरुआती निष्कर्षों के मुताबिक, सर्दियों में वायु प्रदूषण में धुएं और जलते हुए कचरे से पैदा हुए कण मुख्य कारक थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed