{"_id":"67e165b91331408adf074f41","slug":"delhi-kashmere-gate-isbt-set-to-become-more-efficient-and-commuter-friendly-know-details-2025-03-24","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"ISBT: डिजिटल यात्री सूचना से लेकर एसएमएस अलर्ट तक, दिल्ली के कश्मीरी गेट आईएसबीटी का होगा डिजिटल कायाकल्प","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
ISBT: डिजिटल यात्री सूचना से लेकर एसएमएस अलर्ट तक, दिल्ली के कश्मीरी गेट आईएसबीटी का होगा डिजिटल कायाकल्प
Mon, 24 Mar 2025 07:31 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 24 Mar 2025 07:31 PM IST
सार
कश्मीरी गेट आईएसबीटी में भीड़भाड़ कम करने, स्थान का अधिकतम इस्तेमाल करने और रियल टाइम यात्री सूचना सेवाओं को बढ़ाने के लिए एक स्वचालित बस बे आवंटन प्रणाली स्थापित की जाएगी।
विज्ञापन
Representative Image
- फोटो : AI
विस्तार
दिल्ली का कश्मीरी गेट अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT), जहां हर दिन 2,600 से ज्यादा बसें आती-जाती हैं, अब और ज्यादा स्मार्ट और सुविधाजनक बनने जा रहा है। इस बदलाव के तहत यात्रियों को रियल-टाइम बस अपडेट, अनुमानित वेटिंग टाइम और बेहतर टर्नअराउंड टाइम जैसी डिजिटल सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा, डिजिटल डिस्प्ले और एसएमएस अलर्ट जैसी सुविधाएं भी लागू की जाएंगी, जिससे बस यात्रा और सुगम होगी।
यह भी पढ़ें - Suzuki Avenis and Burgman: नए इंजन और रंगों के साथ अपडेट हुए सुजुकी के दो स्कूटर, जानें डिटेल्स
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Suzuki Avenis and Burgman: नए इंजन और रंगों के साथ अपडेट हुए सुजुकी के दो स्कूटर, जानें डिटेल्स
विज्ञापन
स्वचालित बस बे आवंटन प्रणाली
अब कश्मीरी गेट ISBT पर स्वचालित बस बे आवंटन प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे बसों की आवाजाही को बेहतर बनाया जा सके। इस नई प्रणाली के तहत:
इसके अलावा, FASTag (फास्टैग) आधारित एंट्री/एग्जिट सिस्टम भी लागू किया जाएगा। जिससे बसों की आवाजाही और अधिक आसान होगी और ट्रैफिक मैनेजमेंट सुधरेगा।
यह भी पढ़ें - ADAS Cars: भारत में अब हर किसी की पहुंच में ADAS तकनीक, ये हैं सबसे किफायती टॉप-5 कारें
अब कश्मीरी गेट ISBT पर स्वचालित बस बे आवंटन प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे बसों की आवाजाही को बेहतर बनाया जा सके। इस नई प्रणाली के तहत:
- भीड़भाड़ कम होगी, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी।
- स्पेस का बेहतर इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे बसों का संचालन अधिक व्यवस्थित होगा।
- यात्रियों को रियल-टाइम जानकारी मिलेगी, जिससे उन्हें बसों की सही जानकारी समय पर मिल सकेगी।
इसके अलावा, FASTag (फास्टैग) आधारित एंट्री/एग्जिट सिस्टम भी लागू किया जाएगा। जिससे बसों की आवाजाही और अधिक आसान होगी और ट्रैफिक मैनेजमेंट सुधरेगा।
यह भी पढ़ें - ADAS Cars: भारत में अब हर किसी की पहुंच में ADAS तकनीक, ये हैं सबसे किफायती टॉप-5 कारें
विज्ञापन
नई तकनीक के लिए योजना और क्रियान्वयन
इस तकनीकी बदलाव को लागू करने के लिए दिल्ली ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (DTIDC) ने डिजाइन, आपूर्ति, इंस्टॉलेशन और रखरखाव के लिए एक रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरपीएफ) जारी किया है।
टेंडर के मुताबिक, इस परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। और यह 60 बस बे कवर करेगा, जिसमें 25 प्रतिशत विस्तार की गुंजाइश होगी। इस सिस्टम की जिम्मेदारी एक चयनित कंपनी को दी जाएगी, जो इसे डिजाइन, डेवेलप, लागू और 5 साल तक इसका रखरखाव करेगी। साथ ही, अच्छे प्रदर्शन के आधार पर इसे 3 साल के लिए बढ़ाने का विकल्प भी दिया जाएगा।
यह भी पढ़ें - Electric Cars: भारत में जल्द लॉन्च होने वाली हैं ये इलेक्ट्रिक कारें, जानें बैटरी, ड्राइविंग रेंज जैसी अहम डिटेल्स
इस तकनीकी बदलाव को लागू करने के लिए दिल्ली ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (DTIDC) ने डिजाइन, आपूर्ति, इंस्टॉलेशन और रखरखाव के लिए एक रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरपीएफ) जारी किया है।
टेंडर के मुताबिक, इस परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। और यह 60 बस बे कवर करेगा, जिसमें 25 प्रतिशत विस्तार की गुंजाइश होगी। इस सिस्टम की जिम्मेदारी एक चयनित कंपनी को दी जाएगी, जो इसे डिजाइन, डेवेलप, लागू और 5 साल तक इसका रखरखाव करेगी। साथ ही, अच्छे प्रदर्शन के आधार पर इसे 3 साल के लिए बढ़ाने का विकल्प भी दिया जाएगा।
यह भी पढ़ें - Electric Cars: भारत में जल्द लॉन्च होने वाली हैं ये इलेक्ट्रिक कारें, जानें बैटरी, ड्राइविंग रेंज जैसी अहम डिटेल्स
यात्रियों और बस क्रू के लिए नई सुविधाएं
इस डिजिटल अपग्रेड के तहत कई नई सुविधाएं दी जाएंगी:
यह भी पढ़ें - तूझे भूलना तो चाहा, लेकिन भुला न पाए!: भारत की मशहूर टू-स्ट्रोक बाइक्स, जानें क्या थी इनकी खूबियां
इस डिजिटल अपग्रेड के तहत कई नई सुविधाएं दी जाएंगी:
- बस बे पर डिजिटल डिस्प्ले लगाए जाएंगे, जिससे यात्रियों को बसों की सही स्थिति की जानकारी मिलेगी।
- यात्रियों को बसों का अनुमानित वेटिंग टाइम पता चलेगा, जिससे वे अपनी यात्रा को बेहतर प्लान कर सकेंगे।
- बस क्रू के लिए एसएमएस अलर्ट भेजे जाएंगे, जिससे बस संचालन अधिक सुगम होगा।
- लाइव बस ट्रैकिंग के लिए मोबाइल एप और वेब पोर्टल उपलब्ध होगा, जिससे यात्रियों को सटीक जानकारी मिलेगी।
यह भी पढ़ें - तूझे भूलना तो चाहा, लेकिन भुला न पाए!: भारत की मशहूर टू-स्ट्रोक बाइक्स, जानें क्या थी इनकी खूबियां
यात्रा समय में होगी कमी
इस समय, इंटर-स्टेट बसों को टर्नअराउंड (ISBT में आने और जाने में) 45-60 मिनट लगते हैं, जिससे अंदर और बाहर भीड़भाड़ बनी रहती है। पिछले साल निरीक्षण के दौरान, दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने अधिकारियों को इसे 30 मिनट तक कम करने का निर्देश दिया था, जिससे बसों का संचालन 50 प्रतिशत ज्यादा हो सकेगा।
यह नई डिजिटल प्रणाली इस लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगी, जिससे दिल्ली के सबसे व्यस्त बस टर्मिनल को अधिक आधुनिक, सुव्यवस्थित और यात्री-अनुकूल बनाया जा सकेगा।
यह भी पढ़ें - Porsche Taycan Facelift: पोर्शे टायकन फेसलिफ्ट RWD हुई लॉन्च, जानें कीमत, रेंज और फीचर्स
इस समय, इंटर-स्टेट बसों को टर्नअराउंड (ISBT में आने और जाने में) 45-60 मिनट लगते हैं, जिससे अंदर और बाहर भीड़भाड़ बनी रहती है। पिछले साल निरीक्षण के दौरान, दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने अधिकारियों को इसे 30 मिनट तक कम करने का निर्देश दिया था, जिससे बसों का संचालन 50 प्रतिशत ज्यादा हो सकेगा।
यह नई डिजिटल प्रणाली इस लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगी, जिससे दिल्ली के सबसे व्यस्त बस टर्मिनल को अधिक आधुनिक, सुव्यवस्थित और यात्री-अनुकूल बनाया जा सकेगा।
यह भी पढ़ें - Porsche Taycan Facelift: पोर्शे टायकन फेसलिफ्ट RWD हुई लॉन्च, जानें कीमत, रेंज और फीचर्स