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EV: भारतीय ईवी कंपनियों को बड़ा झटका, चीन ने रेयर अर्थ मैग्नेट के निर्यात पर लगाई रोक
Fri, 25 Apr 2025 07:08 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 25 Apr 2025 07:08 PM IST
सार
भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और उनके पुर्जे बनाने वाली कंपनियों के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। चीन ने भारत को रेयर अर्थ मैग्नेट्स (दुर्लभ पृथ्वी चुम्बकों) के निर्यात पर रोक लगा दिया है। यह 4 अप्रैल 2025 से लागू हो चुकी है।
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Electric Vehicles
- फोटो : Freepik
विस्तार
भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और उनके पुर्जे बनाने वाली कंपनियों के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। चीन ने भारत को रेयर अर्थ मैग्नेट्स (दुर्लभ पृथ्वी चुम्बकों) के निर्यात पर रोक लगा दिया है। यह 4 अप्रैल 2025 से लागू हो चुकी है। ये फैसला भारत के उस बड़ी आकांक्षा को प्रभावित कर सकता है, जिसमें वह खुद को दुनियाभर के लिए ईवी मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना चाहता है।
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रेयर अर्थ मैग्नेट्स की सप्लाई पर रोक
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस अचानक आई पाबंदी ने भारतीय ऑटो और ऑटो कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स की चिंता बढ़ा दी है। कंपनियों ने इस मसले पर सरकार से दखल देने की मांग की है क्योंकि इससे उनकी सप्लाई चेन में रुकावट आ सकती है और ईवी का उत्पादन धीमा हो सकता है।
चीन की नई नीति के अनुसार, अब ये मैग्नेट सिर्फ उन्हीं देशों को दिए जाएंगे, जो एक निर्धारित फॉर्मेट में एंड-यूजर सर्टिफिकेट उपलब्ध कराएंगे।
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस अचानक आई पाबंदी ने भारतीय ऑटो और ऑटो कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स की चिंता बढ़ा दी है। कंपनियों ने इस मसले पर सरकार से दखल देने की मांग की है क्योंकि इससे उनकी सप्लाई चेन में रुकावट आ सकती है और ईवी का उत्पादन धीमा हो सकता है।
चीन की नई नीति के अनुसार, अब ये मैग्नेट सिर्फ उन्हीं देशों को दिए जाएंगे, जो एक निर्धारित फॉर्मेट में एंड-यूजर सर्टिफिकेट उपलब्ध कराएंगे।
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अब आसान नहीं होगा आयात
रिपोर्ट के अनुसार, अब चीन की सरकार उन मैग्नेट्स को निर्यात करने से पहले यह सुनिश्चित कर रही है कि:
इस प्रक्रिया से अब आयात और भी जटिल हो जाएगा, जिससे भारतीय कंपनियों की निर्भरता और परेशानी दोनों बढ़ सकती हैं।
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रिपोर्ट के अनुसार, अब चीन की सरकार उन मैग्नेट्स को निर्यात करने से पहले यह सुनिश्चित कर रही है कि:
- भारत का विदेश मंत्रालय और चीन का दूतावास दोनों उस सर्टिफिकेट को मंजूरी दें।
- आयातक यह लिखित रूप से दें कि इन मैग्नेट्स का इस्तेमाल हथियारों में नहीं किया जाएगा, और न ही ये किसी तीसरे देश को भेजे जाएंगे।
इस प्रक्रिया से अब आयात और भी जटिल हो जाएगा, जिससे भारतीय कंपनियों की निर्भरता और परेशानी दोनों बढ़ सकती हैं।
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रेयर अर्थ मैग्नेट्स - ईवी के लिए क्यों हैं इतने जरूरी?
रेयर अर्थ मैग्नेट्स, खासकर नियोडिमियम, आयरन और बोरॉन से बने होते हैं और ये ईवी मोटर्स के लिए सबसे अहम घटक होते हैं। इनकी खासियत है कि ये बहुत कम एनर्जी लॉस के साथ ज्यादा ताकतवर परफॉर्मेंस देते हैं। इससे मोटर्स हल्के, छोटे और ज्यादा एफिशिएंट बनते हैं, जिससे गाड़ी की ड्राइविंग रेंज भी बढ़ती है।
इसके अलावा ये मैग्नेट्स रेजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम को भी बेहतर बनाते हैं, जो ब्रेक लगाते वक्त एनर्जी को वापस बैटरी में भेजता है। ईवी इंडस्ट्री के बढ़ते स्केल और इनोवेशन में इनका रोल बहुत बड़ा है।
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रेयर अर्थ मैग्नेट्स, खासकर नियोडिमियम, आयरन और बोरॉन से बने होते हैं और ये ईवी मोटर्स के लिए सबसे अहम घटक होते हैं। इनकी खासियत है कि ये बहुत कम एनर्जी लॉस के साथ ज्यादा ताकतवर परफॉर्मेंस देते हैं। इससे मोटर्स हल्के, छोटे और ज्यादा एफिशिएंट बनते हैं, जिससे गाड़ी की ड्राइविंग रेंज भी बढ़ती है।
इसके अलावा ये मैग्नेट्स रेजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम को भी बेहतर बनाते हैं, जो ब्रेक लगाते वक्त एनर्जी को वापस बैटरी में भेजता है। ईवी इंडस्ट्री के बढ़ते स्केल और इनोवेशन में इनका रोल बहुत बड़ा है।
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भविष्य की चुनौती - सप्लाई और टिकाऊपन
दुनिया में रेयर अर्थ मैग्नेट्स की सप्लाई बहुत सीमित और कुछ गिने-चुने देशों तक सीमित है, जिसमें चीन सबसे बड़ा सप्लायर है। इसी वजह से ईवी कंपनियों के लिए सप्लाई चेन की स्थिरता और दीर्घकालिक टिकाऊपन एक गंभीर मुद्दा बन गया है।
इसके बावजूद, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को आगे बढ़ाने और ग्रीन ट्रांसपोर्टेशन की दिशा में बढ़ने के लिए ये मैग्नेट्स जरूरी और अपरिहार्य बने रहेंगे।
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दुनिया में रेयर अर्थ मैग्नेट्स की सप्लाई बहुत सीमित और कुछ गिने-चुने देशों तक सीमित है, जिसमें चीन सबसे बड़ा सप्लायर है। इसी वजह से ईवी कंपनियों के लिए सप्लाई चेन की स्थिरता और दीर्घकालिक टिकाऊपन एक गंभीर मुद्दा बन गया है।
इसके बावजूद, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को आगे बढ़ाने और ग्रीन ट्रांसपोर्टेशन की दिशा में बढ़ने के लिए ये मैग्नेट्स जरूरी और अपरिहार्य बने रहेंगे।
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