Electric Car: क्या बारिश और जलभराव में इलेक्ट्रिक कार चलाना सुरक्षित है? जानिए सच्चाई
इलेक्ट्रिक कार मालिकों के मन में अक्सर यह सवाल होता है कि क्या जलभराव वाली सड़कों पर ईवी चलाना सुरक्षित है। इस लेख में हम बताएंगे कि ईवी को पानी से बचाने के लिए किन आधुनिक सुरक्षा तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अगर आप एक नए इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) के मालिक हैं, तो आपके मन में यह सवाल जरूर आया होगा कि क्या पानी से भरी सड़कों पर ईवी चलाना सुरक्षित है? यह एक बहुत ही आम सवाल है लेकिन इसका जवाब सीधा हां या ना में नहीं दिया जा सकता। इसके लिए यह समझना जरूरी है कि आपकी गाड़ी को कैसे डिजाइन किया गया है और पानी का उस पर क्या असर हो सकता है।
1. ईवी और पानी को लेकर मिथक की क्या है सच्चाई?
इलेक्ट्रिक वाहनों के बारे में एक आम गलतफहमी यह है कि पेट्रोल या डीजल गाड़ियों की तुलना में इनमें पानी से खराब होने का खतरा ज्यादा होता है। लेकिन यह सच नहीं है। वास्तव में ईवी वाहनों को भारी बारिश और बाढ़ जैसी अलग-अलग पर्यावरणीय स्थितियों में सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए कड़ी टेस्टिंग से गुजरना पड़ता है। ईवी बैटरी में आमतौर पर बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) लगा होता है, जो नमी के संपर्क में आने पर शॉर्ट सर्किट को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है।
2. ईवी की बनावट और सुरक्षा
इलेक्ट्रिक वाहनों को पानी से बचाने के लिए कई सुरक्षा उपायों के साथ बनाया जाता है। ज्यादातर ईवी में बैटरी और इलेक्ट्रिकल सिस्टम पूरी तरह से सीलबंद होते हैं, जो बारिश जैसी गीली परिस्थितियों को आसानी से झेल सकते हैं। हालांकि गहरे पानी में गाड़ी चलाना जोखिम भरा हो सकता है। अगर पानी का स्तर आपकी गाड़ी के ग्राउंड क्लीयरेंस से ऊपर है, तो यह कंपोनेंट्स को नुकसान पहुंचा सकता है या इलेक्ट्रिकल खराबी का कारण बन सकता है।
3. पानी से गुजरने के बाद क्या करें?
अगर आपको मजबूरी में किसी जलभराव वाले इलाके से गुजरना पड़े तो इसके बाद अपनी ईवी की सावधानीपूर्वक जांच करना बहुत जरूरी है। देखें कि क्या केबिन के अंदर, बैटरी पैक के पास, पावर लाइनों या इलेक्ट्रिक मोटर के आसपास पानी तो नहीं गया है। सुनिश्चित करें कि सभी इलेक्ट्रिकल कनेक्शन और बैटरी सूखी रहे। रीजेनरेटिव ब्रेकिंग जैसे फीचर्स का इस्तेमाल करें क्योंकि यह आपको अचानक ब्रेक लगाने से बचाता है और पानी के छींटे उड़ने से रोकता है।
4. जरूरी सावधानियां
पानी में जाने से पहले उसकी गहराई का अंदाजा जरूर लगाएं। अगर पानी का स्तर बहुत ज्यादा लगता है, तो वहां से न जाएं। अगर गाड़ी पानी के संपर्क में आ गई है, तो उसके प्रदर्शन पर नजर रखें और किसी भी आवश्यक जांच के लिए एक क्वालिफाइड टेक्नीशियन से सलाह लें। भले ही बाढ़ वाले रास्ते से निकलने के बाद आपकी ईवी में कोई समस्या न दिखे, फिर भी इसे हल्के में न लें और हमेशा सावधानी बरतें।