फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   CAFE III Norms Likely Soon: Stricter Fuel Efficiency Rules May Raise Car Prices in India

CAFE III: कैफे 3 नियम सख्त करने की तैयारी; बड़ी कारों पर बढ़ेगा दबाव, छोटी कारों को नहीं मिलेगी खास राहत

Mon, 23 Feb 2026 09:55 PM IST
सुयश पांडेय ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुयश पांडेय Updated Mon, 23 Feb 2026 09:55 PM IST
सार

केंद्र सरकार जल्द ही CAFE III नियम लागू कर सकती है। इसके तहत कार कंपनियों को अपनी गाड़ियों की औसत ईंधन दक्षता बढ़ानी होगी और CO2 उत्सर्जन कम करना होगा। नए प्रस्तावों में भारी और बड़ी गाड़ियों के लिए नियम सख्त किए जा सकते हैं जबकि छोटी कारों को मिलने वाली विशेष छूट खत्म होने की संभावना है।

विज्ञापन
CAFE III Norms Likely Soon: Stricter Fuel Efficiency Rules May Raise Car Prices in India
CAFE 3 नियम (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एआई

विस्तार

केंद्र सरकार जल्द ही CAFE III (कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी) के नए नियम लागू कर सकती है। इन नियमों के तहत कार बनाने वाली कंपनियों को अपनी गाड़ियों की औसत ईंधन खपत कम करनी होगी। यानी कारों को पहले से ज्यादा माइलेज देना होगा और कम प्रदूषण करना होगा। सरकार बड़े और छोटे कार निर्माताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। लेकिन जो खास छूट अब तक छोटी कारों को मिलती थी वो खत्म की जा सकती है। नए नियमों का अंतिम मसौदा प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा जा सकता है। पहले उम्मीद थी कि फरवरी के अंत तक इसकी घोषणा हो जाएगी लेकिन अब इसमें देरी हो सकती है।

विज्ञापन

क्या है CAFE III?

CAFE III नियम यह तय करते हैं कि किसी कंपनी की सभी कारों का औसत माइलेज कितना होना चाहिए। इसका सीधा संबंध कारों से निकलने वाले CO2 (कार्बन डाइऑक्साइड) उत्सर्जन से है। सरकार का मकसद है:

विज्ञापन
  • प्रदूषण कम करना
  • ईंधन की बचत बढ़ाना
  • जलवायु लक्ष्यों को हासिल करना

भारी और बड़ी गाड़ियों के लिए नियम होंगे ज्यादा सख्त

CAFE III के तहत सबसे बड़ा बदलाव 'स्लोप वैल्यू' में किया जा सकता है। सितंबर 2025 के ड्राफ्ट में यह वैल्यू 0.002 तय की गई थी जिसे घटाकर 0.00153 किए जाने की संभावना है। स्लोप वैल्यू यह तय करती है कि गाड़ी के वजन के आधार पर उसे कितना अतिरिक्त कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) उत्सर्जन की अनुमति मिलेगी। ज्यादा स्लोप वैल्यू होने पर भारी गाड़ियों को ज्यादा उत्सर्जन की छूट मिलती है। कम स्लोप वैल्यू होने पर नियम सख्त हो जाते हैं और भारी वाहनों को पहले जितनी छूट नहीं मिलती। सीधे शब्दों में कहें तो अब बड़ी और भारी गाड़ियों को प्रदूषण कम करने के लिए ज्यादा प्रयास करने होंगे। इससे कंपनियों पर हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक तकनीक में निवेश बढ़ाने का दबाव भी बढ़ सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

छोटी कारों को नहीं मिलेगी अलग से छूट

पहले CAFE नियमों में छोटी कारों को एक विशेष छूट (डिरोगेशन) दी जाती थी। लेकिन अब इस श्रेणी-विशेष राहत को हटाए जाने की संभावना है। हालांकि स्लोप वैल्यू कम करने से हल्की कारों को अप्रत्यक्ष फायदा मिल सकता है, लेकिन उनके लिए कोई अलग सुरक्षा कवच नहीं होगा। इसका असर एंट्री-लेवल पेट्रोल कारों की कीमतों पर पड़ सकता है। नियमों का पालन करने के लिए कंपनियों को इन मॉडलों में नई फ्यूल-सेविंग तकनीक जोड़नी पड़ सकती है, जिससे लागत बढ़ेगी। 

एंट्री-लेवल कारें हो सकती हैं महंगी

छोटी कारों के लिए दी जाने वाली विशेष छूट हटने से एंट्री-लेवल पेट्रोल कारों की कीमत बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि नए मानकों को पूरा करने के लिए कंपनियों को महंगी फ्यूल-सेविंग तकनीक जोड़नी पड़ेगी। अगर कंपनियां मानकों को पूरा नहीं कर पाईं तो उन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

नई तकनीक पर सीमित राहत

केंद्र सरकार नई तकनीक अपनाने पर मिलने वाली छूट की भी सीमा तय कर सकती है। यानी सिर्फ कागजों पर तकनीकी बदलाव दिखाकर छूट पाने की सुविधा कम होगी। कंपनियों को वास्तव में ईंधन दक्षता में सुधार करना होगा।

उद्योग पर क्या होगा असर?

सरकार CAFE III के जरिए ऑटो उद्योग में संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है लेकिन इसका असर कार कंपनियों और ग्राहकों दोनों की जेब पर पड़ सकता है।

  • बड़ी गाड़ियों की कीमत बढ़ सकती है
  • छोटी पेट्रोल कारें भी महंगी हो सकती हैं
  • बड़ी SUV और प्रीमियम कारों के लिए उत्सर्जन लक्ष्य कड़े होंगे
  • कंपनियों को इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड मॉडल पर ज्यादा ध्यान देना पड़ सकता है
  • छोटी कारों के खरीदारों को कीमतों में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है
  • नियमों का पालन न करने पर जुर्माने का खतरा रहेगा
  • कंपनियों पर तकनीकी निवेश का दबाव बढ़ेगा

 

कब लागू होंगे नए नियम?

CAFE III के दो आधिकारिक ड्राफ्ट पहले ही जारी हो चुके हैं। पहला 2024 में और दूसरा सितंबर 2025 में जारी हुआ था। ताजा बदलाव सितंबर 2025 वाले ड्राफ्ट में किए गए हैं और इन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भेजा जाएगा। पहले उम्मीद थी कि फरवरी के अंत तक अंतिम अधिसूचना जारी हो जाएगी लेकिन अब इसमें देरी हो सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed