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Hindi News ›   Automobiles News ›   CAFE-3 Norms Notified: Why India Will See More EVs, Hybrids & Range-Extender Vehicles From April 2027

एक अप्रैल 2027 से लागू होंगे कैफे-3 नियम: जानें इसका ईवी, हाइब्रिड और रेंज-एक्सटेंडर कारों पर क्या असर होगा?

Wed, 30 Sep 2026 04:55 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Wed, 30 Sep 2026 04:55 PM IST
सार

भारत सरकार ने यात्री वाहनों के लिए कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल इकोनॉमी (CAFE-3) मानकों को अधिसूचित कर दिया है। नए नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होकर 31 मार्च 2032 तक प्रभावी रहेंगे। नए कैफे-3 मानकों से क्या असर पड़ेगा?

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CAFE-3 Norms Notified: Why India Will See More EVs, Hybrids & Range-Extender Vehicles From April 2027
CAFE 3 Norms - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

ऊर्जा मंत्रालय ने पैसेंजर वाहनों के लिए कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल इकोनॉमी (CAFE) के नए तीसरे चरण यानी CAFE-3 नियमों को आधिकारिक तौर पर अधिसूचित कर दिया है। ये नए नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे और 31 मार्च 2032 तक प्रभावी रहेंगे। 
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CAFE-3 नियम प्रत्येक कार निर्माता कंपनी के वाहनों के औसत वजन (कर्ब वेट) के आधार पर वार्षिक औसत ईंधन-खपत लक्ष्य तय करते हैं। पूर्व में जारी ड्राफ्ट की तुलना में संशोधित नियमों में छोटी कारों के लिए अधिक नरमी की गई है। संदर्भ वजन (रेफरेंस वेट) को भी मौजूदा 1,082 किग्रा से बढ़ाकर 1,229 किग्रा कर दिया गया है, जो भारतीय वाहन बाजार में आ रहे बदलावों को दर्शाता है।
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क्या नए नियमों से EV, हाइब्रिड और रेंज-एक्सटेंडर कारों की बिक्री बढ़ेगी?

CAFE-3 नियमों में पर्यावरण-अनुकूल और इलेक्ट्रिफाइड वाहनों को बढ़ावा देने के लिए 'सुपर क्रेडिट्स' का विशेष प्रावधान किया गया है। इससे वाहन निर्माताओं को अपने उत्सर्जन लक्ष्यों को पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी:
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  • 3x सुपर क्रेडिट: बैटरी इलेक्ट्रिक (BEVs) और रेंज-एक्सटेंडेड इलेक्ट्रिक वाहनों (REEVs) को 3 गुना वॉल्यूम फैक्टर दिया जाएगा।
  • 2.5x सुपर क्रेडिट: प्लग-इन हाइब्रिड (PHEVs) और फ्लेक्स-फ्यूल एथेनॉल पर चलने वाली स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों को 2.5 गुना क्रेडिट मिलेगा।
  • 1.6x व 1.1x सुपर क्रेडिट: सामान्य स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों को 1.6x और केवल फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों (FFVs) को 1.1x का फैक्टर मिलेगा।
इसी वजह से कार कंपनियां आने वाले समय में भारतीय बाजार में अधिक ईवी, रेंज-एक्सटेंडर और हाइब्रिड मॉडल उतारने के लिए प्रेरित होंगी।

 

वैकल्पिक ईंधनों और एक्स्ट्रा टेक्नोलॉजी के लिए कंपनियों को क्या छूट मिलेगी?

नए नियमों में कार्बन-न्यूट्रैलिटी और ईंधन-दक्षता बढ़ाने वाली आधुनिक तकनीकों के लिए भी अतिरिक्त फायदे दिए गए हैं:
  • अल्टरनेटिव फ्यूल डिस्काउंट: E20 या उससे अधिक एथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल वाहनों को 8%, फ्लेक्स-फ्यूल एथेनॉल वाहनों को 22.3% और सीएनजी वाहनों को 5% (या अधिसूचित सीबीजी ब्लेंडिंग प्रतिशत) की छूट मिलेगी।
  • इको-इन्नोवेशन क्रेडिट्स: टायर-प्रेशर मॉनिटरिंग, स्टार्ट-स्टॉप सिस्टम, रिजनरेटिव ब्रेकिंग, 6-स्पीड या उच्च गियरबॉक्स, एलईडी लाइटिंग, सोलर-रिफ्लेक्टिव पेंट और इलेक्ट्रिक वॉटर पंप जैसी तकनीकों के इस्तेमाल पर प्रति तकनीक 1 ग्राम CO₂/किमी की कटौती का लाभ मिलेगा (अधिकतम सीमा 9 ग्राम CO₂/किमी तय)।

 

अगले 5 वर्षों में माइलेज और एमिशन के लक्ष्य कितने सख्त होंगे?

वित्त वर्ष 2027-28 से 2031-32 के बीच ईंधन खपत के मानकों को धीरे-धीरे काफी सख्त किया जाएगा:
  • ईंधन खपत बेंचमार्क: 2027-28 में 3.996 लीटर प्रति 100 किमी से घटाकर 2031-32 तक 3.3273 लीटर प्रति 100 किमी किया जाएगा, जो लगभग 16.7% का सुधार दर्शाता है।
  • कम्प्लायंस ब्लॉक और पेनल्टी: नियम दो ब्लॉक (FY28-FY30 और FY31-FY32) में काम करेंगे। लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन करने वाली कंपनियां क्रेडिट बेच सकती हैं, जबकि कमतर प्रदर्शन करने वाली कंपनियां ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) से क्रेडिट खरीद सकती हैं। इसका शुल्क ₹2,500 प्रति ग्राम CO₂/किमी (FY28 में) से बढ़कर ₹4,500 (FY32 में) हो जाएगा।
  • अपवाद: प्रति वर्ष 1,000 से कम वाहन बनाने या आयात करने वाले छोटे निर्माताओं को विशिष्ट CAFE लक्ष्यों से छूट दी गई है।

 

ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने सरकार के इस फैसले का कैसे स्वागत किया है?

महिंद्रा एंड महिंद्रा के ऑटोमोटिव बिजनेस के प्रेसिडेंट आर. वेलुसामी ने नए नियमों का स्वागत करते हुए कहा:
"हम सरकार द्वारा नए CAFE-III नियमों की अधिसूचना का स्वागत करते हैं। सरकार और उद्योग के बीच व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार यह ढांचा पर्यावरण की जरूरतों और उद्योग की व्यावहारिक क्षमताओं के बीच एक संतुलित तालमेल बनाता है। महिंद्रा में, हम तकनीक, इलेक्ट्रिफिकेशन और क्लीनर मोबिलिटी में अपने निरंतर निवेश के बल पर इन मानदंडों को पूरा करने के लिए पूरी तरह आश्वस्त हैं।"
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