कोरोना काल में खरीद रहे हैं पुरानी कार, तो अपनाएं ये तरीका और लोन मिलेगा फटाफट
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इन दिनों लोग सेकंड हैंड कारों खरीदने को लेकर ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। जिसके चलते यूज्ड कार बाजार में सप्लाई कम डिमांड ज्यादा हो गई है। हालांकि यूज्ड कार मार्केट को उम्मीद है कि लोन पर छूट खत्म होने के बाद डिफाल्टर ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी, जिसके बाद यूज्ड कार मार्केट में लोगों को नए ऑप्शंस भी मिलेंगे। लेकिन सबसे जरूरी है कार पर लोन का इंतजाम। इसके लिए आपके पास जरूरी डॉक्यूमेंट्स का होना बेहद आवश्यक है। आइए जानते हैं...
ये है प्रोसेस
- अगर आप यूज्ड कार लोन लेना चाहते हैं, तो आपके पास ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों का विकल्प है। लोन देने वाले बैंक की वेबसाइट या ऑफिस में विजिट करके आप यूज्ड कार लोन अप्लाई कर सकते हैं। लेकिन लोन अप्लाई करने से पहले ब्याज दरों के बारे में जान लें।
- इसके अलावा पुरानी कारों पर लोन देने वाले सरकारी और कुछ प्राइवेट बैंक भी अपने प्री ओन्ड कार सेक्शन में कार खरीदने के लिए कई डील्स भी ऑफर करते हैं, इनमें कुछ बैंक आपसे पुरानी कार खरीदने के लिए लोन लेने के लिए 20 से 30 फीसदी डाउनपेमेंट करने को कह सकते हैं।
जरूर पूछें ये सवाल
- वहीं कुछ बैंकों और गैर बैकिंग वित्तीय संस्थान आपको प्री ओन्ड कारों पर लोन देने की बात कहते हैं, वहीं शर्तें और चार्जेज अलग-अलग लोन प्रदाता संस्थान पर निर्भर करता है। कुल संस्थान 100 फीसदी तक, तो कुछ 80 फीसदी लोन दिलाने का दावा करते हैं। वहीं ध्यान ऱखने वाली बात यह है कि बैंकों के मुकाबले गैर बैकिंग वित्तीय सस्थानों की ब्याज दरें ज्यादा होती हैं।
- ऋण देने वाले संस्थान से लोन अमाउंट के बारे में बातचीत करें, साथ ही ब्याज दरों, प्रोसेसिंग फीस, लोन की अवधि और मासिक किस्तों के बारे में खुल कर पूछें। अगर आप वक्त से पहले लोन खत्म कराने की मंशा रखते हैं तो संस्थान से लोन के फोरक्लोज या प्रीपेमेंट चार्जेज के बारे में पूछना न भूलें।
नई और पुरानी कार लोन के बारे में अंतर
वहीं लोग नई और पुरानी कार लोन के बारे में कंफ्यूज्ड होते हैं, उनका सोचना होता है कि दोनों पर ब्याज दरें समान होती हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। यूज्ड कार लोन पर ब्याज दर ज्यादा होती है और लोन भी कम मिलता है। पुरानी कार पर लोन कार की वेल्यू पर निर्भर करता है। हो सकता है कि आपको कार की कीमत तक का पूरा लोन न मिले। पुरानी कारों पर लोन पांच साल तक ही मिल सकता है। हालांकि इसमें सबसे अहम कार की उम्र है।
जरूरी डॉक्यूमेंट्स
- लोन प्रोसेस शुरू करने के लिए आपको एप्लीकेशन भरने के बाद जरूरी कागजात उपलब्ध कराने होंगे।
- आयु प्रमाण के साथ फोटो आईडी जैसे पैन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस
- तीन पासपोर्ट साइज फोटो के साथ साइन किया हुआ एप्लीकेशन फॉर्म
- एड्रेस प्रूफ के लिए आपको पासपोर्ट, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पोस्टपेड यूटिलिटी बिल जैसे गैस बिल और इलेक्ट्रिसिटी, अपडेटेड पासबुक या बैंक अकाउंट स्टेटमेंट, रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट
- अगर आप सैलरीड या व्यवसायी हैं, तो आपको पिछले कुछ महीनों की बैक स्टेटमेंट देनी जरूरी है
- अगर आप सैलरीड हैं तो पिछले तीन महीने की सेलरी स्लिप
- फॉर्म 16 या इनकम टैक्स रिटर्न के दस्तावेज होना जरूरी है।
सेल्फ इम्प्लॉयड लोगों के लिए
- पिछले दो साल की प्रोफिट और लॉस की बैलेंसशीट
- पिछले दो साल के इनकम टैक्स रिटर्न के कागजात
- बिजनेस प्रूफ के लिए रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, सर्विस टैक्स रजिस्ट्रेशन
- आईटी असेसमेंट/क्लीयरेंस सर्टिफिकेट, इनकम टैक्स चालान/टीडीएस सर्टिफिकेट (फॉर्म 16ए)/ आईटीआर में घोषित इनकम के लिए फॉर्म 26एस
इन बातों का रखें ध्यान
- पुरानी कार खरीदते वक्त कार के सभी दस्तावेज जांच लें।
- ऑनलाइन वाहन एप पर सेलर की जानकारी देख लें।
- कार की आरसी पर अगर हाइपोथीकेशन है, तो खरीदार से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जरूर मांग लें और बैंक के साथ शेयर कररें।
- साथ ही जांच लें कि कोई ई-चालान तो पेडिंग नहीं है। खरीदने से पहले उसे चुकाने के लिए बोलें।
- वहीं अगर बाहर की किसी राज्य से कार खरीद रहे हैं, तो कार सेलर से बोलें कि राज्य से एनओसी उपलब्ध कराए, ताकि आप अपने राज्य में कार को रजिस्टर करा सकें।
- लोन अमाउंट अप्रूव होने के बाद सेलर को बैंक खाते में रकम कुछ ही घंटों में मिल जाएगी, तो सेलर को डाउनपेमेंट देकर कार को घर ले जा सकते हैं।