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Budget Expectations 2024: ऑटो उद्योग की आम बजट से फेम-3 समेत हैं कई उम्मीदें, जानें डिटेल्स

Mon, 22 Jul 2024 07:17 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Mon, 22 Jul 2024 07:17 PM IST
सार

भारत का वाहन उद्योग एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। 23 जुलाई को पेश किए जाने वाले पूर्ण केंद्रीय बजट 2024 से, भारतीय वाहन उद्योग को सरकार से बहुत अधिक उम्मीदें हैं।

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Automobile Industry - फोटो : iStock

विस्तार

भारत का वाहन उद्योग एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। पिछले कुछ वर्षों में कई तरह के व्यवधानकारी कारक उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। एक शीर्ष विनिर्माण (मैन्युफेक्चरिंग) उद्योग होने के नाते, केंद्रीय बजट हमेशा वाहन क्षेत्र से बहुत ज्यादा ध्यान आकर्षित करता है। इस साल की शुरुआत में, जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट पेश किया था, तो वाहन उद्योग के लिए कुछ खास नहीं था। हालांकि, 23 जुलाई को पेश किए जाने वाले पूर्ण केंद्रीय बजट 2024 से, भारतीय वाहन उद्योग को सरकार से बहुत अधिक उम्मीदें हैं।
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आइए एक नजर डालते हैं केंद्रीय बजट 2024 से भारतीय वाहन क्षेत्र की अपेक्षाओं पर:

हाइब्रिड कारों के लिए टैक्स रियायतें
हाल के दिनों में, भारतीय वाहन उद्योग में सबसे चर्चा का विषय हाइब्रिड वाहनों के लिए टैक्स रियायतें रहा। पिछले कुछ महीनों में, टोयोटा जैसी भारत की कुछ वाहन निर्माता कंपनियां हाइब्रिड वाहनों के लिए टैक्स बेनिफिट्स की वकालत कर रही हैं। कंपनी का कहना है कि प्योर पेट्रोल या डीजल वाहनों की तुलना में हाइब्रिड टेक्नोलॉजी वाली कारें कम प्रदूषक उत्सर्जित करती हैं।
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वहीं दूसरी ओर, टाटा मोटर्स जैसी कुछ अन्य वाहन निर्माता कंपनियां इसके खिलाफ लॉबिंग कर रही हैं। उनका कहना है कि इलेक्ट्रिक होने के बावजूद, हाइब्रिड टेक्नोलॉजी प्रदूषक उत्सर्जित करती हैं और इसकी इलेक्ट्रिक प्रॉपल्शन सिस्टम के साथ तुलना नहीं की जा सकती है। 
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हालांकि, कुछ दिनों पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड और प्लग-इन हाइब्रिड वाहनों के लिए पंजीकरण शुल्क में छूट का एलान किया था। जिसने हाइब्रिड वाहनों के लिए टैक्स रियायतों की मांग करने वाले वाहन निर्माताओं के मामले को और भी मजबूत बना दिया है।

फेम 3
केंद्रीय बजट 2024 से अपेक्षित एक प्रमुख घोषणा फेम 3 है। फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक वाहिकल्स (फेम) योजना के पहले और दूसरे चरणों को सफलता से लागू करने के बाद, वाहन उद्योग कार्यक्रम के तीसरे चरण की मांग कर रहा है। जो भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विकास को और मजबूत करेगा।

भारतीय सरकार इस दशक के आखिर तक देश की कुल वाहन बिक्री में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की 30 प्रतिशत पैठ का लक्ष्य लेकर चल रही है। फेम 3 के महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। वाहन उद्योग को उम्मीद है कि सरकार फेम 3 के तहत ज्यादा बजट आवंटित करेगी। जो देश में ईवी इकोसिस्टम के व्यापक विकास पर ध्यान केंद्रित करेगा।

वाहन स्क्रैपेज नीति के लिए प्रोत्साहन में बढ़ोतरी
वाहन उद्योग वाहन स्क्रैपेज नीति के लिए प्रोत्साहन (इंसेंटिव) में बढ़ोतरी की मांग करता है। जबकि भारत सरकार पहले ही वाहन स्क्रैपेज नीति ला चुकी है। उद्योग को उम्मीद है कि बजट 2024 उन वाहन मालिकों के लिए प्रोत्साहन की शुरुआत करेगा जो वाहन स्क्रैपेज नीति का विकल्प चुनेंगे। यह पुरानी, प्रदूषणकारी गाड़ियों को हटाने और उन्हें नए वाहन बेड़े से बदलने की रणनीति को और मजबूत करेगा।
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