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Merchant Vessels: व्यापारिक जहाजों के स्वामित्व के लिए पात्रता मानदंड का विस्तार, लोकसभा में पेश हुआ विधेयक
Tue, 10 Dec 2024 09:42 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 10 Dec 2024 09:42 PM IST
सार
लोकसभा में मंगलवार को एक विधेयक पेश किया गया, जिसमें भारतीय ध्वज के अंतर्गत जहाजों के स्वामित्व के लिए पात्रता मानदंड का विस्तार करने और टन भार बढ़ाने का प्रावधान है।
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प्रतिकात्मक तस्वीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
लोकसभा में मंगलवार को एक विधेयक पेश किया गया, जिसमें भारतीय ध्वज के अंतर्गत जहाजों के स्वामित्व के लिए पात्रता मानदंड का विस्तार करने और टन भार बढ़ाने का प्रावधान है।
मर्चेंट शिपिंग विधेयक, 2024 को केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पेश किया। इसमें केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित एक निकाय के गठन का प्रावधान है। जो जहाजों और बंदरगाह सुविधाओं की सुरक्षा से संबंधित विनियामक और निरीक्षण कार्यों के संचालन के लिए जिम्मेदार होगा।
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मर्चेंट शिपिंग विधेयक, 2024 को केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पेश किया। इसमें केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित एक निकाय के गठन का प्रावधान है। जो जहाजों और बंदरगाह सुविधाओं की सुरक्षा से संबंधित विनियामक और निरीक्षण कार्यों के संचालन के लिए जिम्मेदार होगा।
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विधेयक के मकसद और कारणों में कहा गया है कि व्यापारिक नौवहन अधिनियम, 1958 को निरस्त करना और एक उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में भारत की जरूरतों को पूरा करने के लिए "समकालीन, भविष्योन्मुखी और गतिशील कानून" का प्रावधान करना अनिवार्य हो गया है।
विधेयक में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के अवसरों का विस्तार करने और भारतीय टन भार बढ़ाने के लिए भारतीय चार्टरर द्वारा बेयरबोट चार्टर-कम-डेमिस अनुबंध पर किराए पर लिए गए विदेशी जहाज के पंजीकरण का प्रावधान है। इसके साथ ही, भारत में रिसाइकिल किए जाने वाले जहाजों के अस्थायी पंजीकरण और भारतीय जहाज को पंजीकरण का प्रोविजनल सर्टिफिकेट (अनंतिम प्रमाण पत्र) प्रदान करने का भी प्रावधान है।
विधेयक में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के अवसरों का विस्तार करने और भारतीय टन भार बढ़ाने के लिए भारतीय चार्टरर द्वारा बेयरबोट चार्टर-कम-डेमिस अनुबंध पर किराए पर लिए गए विदेशी जहाज के पंजीकरण का प्रावधान है। इसके साथ ही, भारत में रिसाइकिल किए जाने वाले जहाजों के अस्थायी पंजीकरण और भारतीय जहाज को पंजीकरण का प्रोविजनल सर्टिफिकेट (अनंतिम प्रमाण पत्र) प्रदान करने का भी प्रावधान है।
इसमें समुद्री शिक्षा और प्रशिक्षण की निगरानी और पर्यवेक्षण का प्रावधान है। जिससे भारतीय नाविकों को जहाजों पर काम करने में सुविधा प्रदान करने के लिए योग्यता प्रमाणपत्र या प्रवीणता प्रमाणपत्र प्रदान किया जा सके। और मेरिटाइम लेबर कन्वेंशन रेगुलेशन (समुद्री श्रम सम्मेलन) के नियमों को अपनाया जा सके।
विधेयक में प्रदूषण की रोकथाम के मानकों को लागू करने का प्रावधान है। जिसमें प्रदूषण को रोकने के उपाय और वायु, समुद्री पर्यावरण, तटों या तटीय जल के किसी भी हिस्से में प्रदूषण पैदा करने की धमकी देने वाली घटनाओं की रिपोर्टिंग शामिल है।
विधेयक में प्रदूषण की रोकथाम के मानकों को लागू करने का प्रावधान है। जिसमें प्रदूषण को रोकने के उपाय और वायु, समुद्री पर्यावरण, तटों या तटीय जल के किसी भी हिस्से में प्रदूषण पैदा करने की धमकी देने वाली घटनाओं की रिपोर्टिंग शामिल है।
यह केंद्र सरकार को भारत के भीतर या तटीय जल में जहाजों को बिना राष्ट्रीयता वाले जहाज के रूप में अपने नियंत्रण में लेने और हिरासत में लेने का अधिकार देता है। अगर ऐसा जहाज कानूनी रूप से किसी राज्य का झंडा फहराने का हकदार नहीं है या उसने ऐसा अधिकार खो दिया है।
यह विधेयक केंद्र सरकार को बंदरगाह प्राधिकरणों या राज्य समुद्री बोर्ड या किसी अन्य प्राधिकरण या एजेंसी को भारत के तट पर या उसके नजदीक या तटीय जल में छोड़े गए जहाजों के संबंध में मदद पहुंचाने के लिए निर्देश देने का अधिकार देता है।
यह विधेयक केंद्र सरकार को बंदरगाह प्राधिकरणों या राज्य समुद्री बोर्ड या किसी अन्य प्राधिकरण या एजेंसी को भारत के तट पर या उसके नजदीक या तटीय जल में छोड़े गए जहाजों के संबंध में मदद पहुंचाने के लिए निर्देश देने का अधिकार देता है।
विधेयक प्रधान अधिकारी को असुरक्षित जहाजों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार देता है। जो जीवन या पर्यावरण की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं और केंद्र सरकार को भारत के भीतर या तटीय जल में जहाजों को बिना राष्ट्रीयता वाले जहाज के रूप में अपने नियंत्रण में लेने और हिरासत में लेने का अधिकार देता है। अगर ऐसा जहाज कानूनी रूप से किसी राज्य का झंडा फहराने का हकदार नहीं है या उसने ऐसा अधिकार खो दिया है।