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Accident Compensation: बाइक दुर्घटना में मारे गए व्यक्ति के परिजनों को दिया गया 17.85 लाख रुपये का मुआवजा
Tue, 23 Aug 2022 03:13 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 23 Aug 2022 03:13 PM IST
सार
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने 2017 में एक मोटरसाइकिल दुर्घटना में मारे गए 36 वर्षीय व्यक्ति के परिवार को 17.85 लाख रुपये का मुआवजा दिया है।
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सांकेतिक चित्र
- फोटो : For Reference Only
विस्तार
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने 2017 में एक मोटरसाइकिल दुर्घटना में मारे गए 36 वर्षीय व्यक्ति के परिवार को 17.85 लाख रुपये का मुआवजा दिया है।
एमएसीटी के सदस्य शौकत एस गोरवाडे ने आरोपियों दुर्घटना वाले वाहन के मालिक और न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को आवेदन दाखिल करने की तारीख से 6 प्रतिशत प्रति वर्ष के ब्याज के साथ मुआवजे का भुगतान करने का निर्देश दिया।
इस आशय का आदेश 4 अगस्त को पारित किया गया था और इसकी प्रति मंगलवार को उपलब्ध कराई गई।
आवेदकों की ओर से पेश अधिवक्ता सचिन माने ने न्यायाधिकरण को सूचित किया कि पीड़ित आलम अली सिद्दीकी अली खलीफा एक बुटीक में दर्जी था और हर महीने 15,000 रुपये कमाता था।
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ट्रिब्यूनल को बताया गया कि, 8 दिसंबर, 2017 को, खलीफा एक दोस्त की मोटरसाइकिल पर पीछे बैठा था और कहीं जा रहा था, जब विपरीत दिशा से आ रहे एक दोपहिया वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी।
वकील ने कहा कि पीड़ित मोटरसाइकिल से गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया जिससे उसकी मौत हो गई।
व्यक्ति के परिवार ने धक्का मारने वाले वाहन के मालिक हरदीप सिंह बोले और बीमाकर्ता से 31.07 लाख रुपये की मांग की थी।
दोपहिया वाहन का मालिक पेश नहीं हुआ और उसके खिलाफ मामले का एकतरफा फैसला किया गया। जबकि बीमा कंपनी का प्रतिनिधित्व अधिवक्ता डी एस द्विवेदी ने किया जिन्होंने विभिन्न आधारों पर दावे का विरोध किया।
दावेदार परिवार के सदस्यों में व्यक्ति की पत्नी, उसकी मां और दो नाबालिग बच्चे शामिल हैं।
एमएसीटी के आदेश के अनुसार, मुआवजे की राशि में स्थापित आय के लिए 10.80 लाख रुपये, भविष्य की संभावनाओं के लिए 5.40 लाख रुपये, संपत्ति के नुकसान के लिए 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 16,500 रुपये और अंतिम संस्कार के खर्च में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ, और स्पाउसल कंसोर्टियम, फिलिअल कंसोर्टियम और पैरेंटल कंसोर्टियम के लिए प्रत्येक को 44,000 रुपये शामिल हैं।
दावे का भुगतान होने पर, ट्रिब्यूनल ने निर्देश दिया है कि मृतक के बच्चों के वयस्क होने तक 3 लाख रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट (सावधि जमा) में रखे जाएं।
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एमएसीटी के सदस्य शौकत एस गोरवाडे ने आरोपियों दुर्घटना वाले वाहन के मालिक और न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को आवेदन दाखिल करने की तारीख से 6 प्रतिशत प्रति वर्ष के ब्याज के साथ मुआवजे का भुगतान करने का निर्देश दिया।
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इस आशय का आदेश 4 अगस्त को पारित किया गया था और इसकी प्रति मंगलवार को उपलब्ध कराई गई।
आवेदकों की ओर से पेश अधिवक्ता सचिन माने ने न्यायाधिकरण को सूचित किया कि पीड़ित आलम अली सिद्दीकी अली खलीफा एक बुटीक में दर्जी था और हर महीने 15,000 रुपये कमाता था।
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ट्रिब्यूनल को बताया गया कि, 8 दिसंबर, 2017 को, खलीफा एक दोस्त की मोटरसाइकिल पर पीछे बैठा था और कहीं जा रहा था, जब विपरीत दिशा से आ रहे एक दोपहिया वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी।
वकील ने कहा कि पीड़ित मोटरसाइकिल से गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया जिससे उसकी मौत हो गई।
व्यक्ति के परिवार ने धक्का मारने वाले वाहन के मालिक हरदीप सिंह बोले और बीमाकर्ता से 31.07 लाख रुपये की मांग की थी।
दोपहिया वाहन का मालिक पेश नहीं हुआ और उसके खिलाफ मामले का एकतरफा फैसला किया गया। जबकि बीमा कंपनी का प्रतिनिधित्व अधिवक्ता डी एस द्विवेदी ने किया जिन्होंने विभिन्न आधारों पर दावे का विरोध किया।
दावेदार परिवार के सदस्यों में व्यक्ति की पत्नी, उसकी मां और दो नाबालिग बच्चे शामिल हैं।
एमएसीटी के आदेश के अनुसार, मुआवजे की राशि में स्थापित आय के लिए 10.80 लाख रुपये, भविष्य की संभावनाओं के लिए 5.40 लाख रुपये, संपत्ति के नुकसान के लिए 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 16,500 रुपये और अंतिम संस्कार के खर्च में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ, और स्पाउसल कंसोर्टियम, फिलिअल कंसोर्टियम और पैरेंटल कंसोर्टियम के लिए प्रत्येक को 44,000 रुपये शामिल हैं।
दावे का भुगतान होने पर, ट्रिब्यूनल ने निर्देश दिया है कि मृतक के बच्चों के वयस्क होने तक 3 लाख रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट (सावधि जमा) में रखे जाएं।