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Traffic Management: बंगलूरू में जल्द शुरू होगा स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, एआई से चलने वाले सिग्नल, जानें डिटेल
Tue, 23 Jan 2024 09:05 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 23 Jan 2024 09:05 PM IST
सार
निर्भया फंड के सेफ सिटी प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में, शहर एक कमांड सेंटर और 3,000 प्रमुख क्षेत्रों में 7,500 सीसीटीवी कैमरों सहित बिलकुल नए तरीकों को अपना रहा है। परियोजना के हिस्से के रूप में, पूरे शहर में मैनुअल सिग्नलों को बदल दिया जाएगा।
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Bengaluru Traffic Jam
- फोटो : PTI
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विस्तार
बंगलूरू आने वाले महीनों में अपने ट्रैफिक मैनेजमेंट (यातायात प्रबंधन) में जबरदस्त बदलाव करेगा। यातायात उल्लंघन को आसानी से पहचाने के लिए क्यूआर कोड के रूप में भेजा जाएगा। निर्भया फंड के सेफ सिटी प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में, शहर एक कमांड सेंटर और 3,000 प्रमुख क्षेत्रों में 7,500 सीसीटीवी कैमरों सहित बिलकुल नए तरीकों को अपना रहा है। परियोजना के हिस्से के रूप में, पूरे शहर में मैनुअल सिग्नलों को बदल दिया जाएगा। जिससे 50 सेफ्टी आइलैंड और 158 देखने के सेंटर को शामिल करते हुए ज्यादा कुशल और टेक्नोलॉजी से चलने वाले शहरी परिदृश्य के लिए जगह बनाई जाएगी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त पुलिस आयुक्त, यातायात, एमएन अनुचेथ ने बताया कि शहर के 165 जंक्शनों पर 'एडेप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिग्नल' (एटीसीएस) लागू किए जाने हैं, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिए काम करेंगे। एआई पूरे शहर में कुशल यातायात प्रबंधन के लिए स्वायत्त रूप से कई जंक्शनों के बीच यातायात समय, भार और टाइम इंटरवेल (समय अंतराल) निर्धारित करेगा। एटीसीएस, जो आठ महीने में चालू हो जाएगा, की योजना वेटिंग टाइम को कम करने और गलियारे-स्तरीय यातायात प्रबंधन को हासिल करने के लिए बनाई गई है।
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त पुलिस आयुक्त, यातायात, एमएन अनुचेथ ने बताया कि शहर के 165 जंक्शनों पर 'एडेप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिग्नल' (एटीसीएस) लागू किए जाने हैं, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिए काम करेंगे। एआई पूरे शहर में कुशल यातायात प्रबंधन के लिए स्वायत्त रूप से कई जंक्शनों के बीच यातायात समय, भार और टाइम इंटरवेल (समय अंतराल) निर्धारित करेगा। एटीसीएस, जो आठ महीने में चालू हो जाएगा, की योजना वेटिंग टाइम को कम करने और गलियारे-स्तरीय यातायात प्रबंधन को हासिल करने के लिए बनाई गई है।
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Bengaluru Traffic Jam
- फोटो : Social Media
वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, सेफ सिटी प्रोजेक्ट के एक अभिन्न अंग के रूप में, क्यूआर कोड के जरिए यातायात उल्लंघन भेजने के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। इस समय उल्लंघनकर्ताओं को ट्रैफिक उल्लंघन जानकारी हासिल करने के लिए ऑनलाइन लॉग इन करना होता है और अपना वाहन नंबर दर्ज करना होता है। हालांकि, अगले आठ महीनों के भीतर, एक विस्तृत क्यूआर कोड भेजा जाएगा, जिसमें व्यापक उल्लंघन जानकारी होगी।
यातायात प्रवाह की निगरानी और यातायात प्रबंधन को बढ़ाने के लिए, शहर के यातायात पुलिस ने एक्शनएबल इंटेलिजेंस फॉर सस्टेनेबल ट्रैफिक मैनेजमेंट (ASTraM) भी पेश किया। इंटेलिजेंट ट्रैफिक इंजन शहर में सड़क यातायात की स्थितियों के बारे में व्यापक जानकारी देगा। इसमें भीड़भाड़ अलर्ट, मोबाइल एप्लिकेशन BOT के जरिए घटना की रिपोर्टिंग, विशेष कार्यक्रम प्रबंधन और डैशबोर्ड विश्लेषण जैसे फीचर्स शामिल होंगे। यह पहल पूरे शहर में कोऑर्डिनेटेड एम्बुलेंस मूवमेंट को बढ़ावा देने के लिए एम्बुलेंस ट्रैकिंग सिस्टम को भी शामिल करती है। इसके साथ, नियंत्रण कक्ष रजिस्टर्ड एम्बुलेंस रूट की निगरानी करेगा। और अगर यह 120 सेकंड से ज्यादा समय तक ट्रैफिक में फंस गया तो अलर्ट देगा। एप ड्राइवरों को सबसे छोटा रास्ता और रीयल-टाइम ट्रैफिक अपडेट देगा। इसके अलावा, इसमें तुरंत हस्तक्षेप के लिए एक SOS बटन भी है।
इसके अलावा, पीक आवर्स के दौरान यातायात की निगरानी के लिए, शहर भर में 10 ड्रोन कैमरे तैनात किए गए हैं। और उनके लाइव फीड को ट्रैफिक मैनेजमेंट सेंटर की वीडियो वॉल पर प्रदर्शित किया जाता है।
यातायात प्रवाह की निगरानी और यातायात प्रबंधन को बढ़ाने के लिए, शहर के यातायात पुलिस ने एक्शनएबल इंटेलिजेंस फॉर सस्टेनेबल ट्रैफिक मैनेजमेंट (ASTraM) भी पेश किया। इंटेलिजेंट ट्रैफिक इंजन शहर में सड़क यातायात की स्थितियों के बारे में व्यापक जानकारी देगा। इसमें भीड़भाड़ अलर्ट, मोबाइल एप्लिकेशन BOT के जरिए घटना की रिपोर्टिंग, विशेष कार्यक्रम प्रबंधन और डैशबोर्ड विश्लेषण जैसे फीचर्स शामिल होंगे। यह पहल पूरे शहर में कोऑर्डिनेटेड एम्बुलेंस मूवमेंट को बढ़ावा देने के लिए एम्बुलेंस ट्रैकिंग सिस्टम को भी शामिल करती है। इसके साथ, नियंत्रण कक्ष रजिस्टर्ड एम्बुलेंस रूट की निगरानी करेगा। और अगर यह 120 सेकंड से ज्यादा समय तक ट्रैफिक में फंस गया तो अलर्ट देगा। एप ड्राइवरों को सबसे छोटा रास्ता और रीयल-टाइम ट्रैफिक अपडेट देगा। इसके अलावा, इसमें तुरंत हस्तक्षेप के लिए एक SOS बटन भी है।
इसके अलावा, पीक आवर्स के दौरान यातायात की निगरानी के लिए, शहर भर में 10 ड्रोन कैमरे तैनात किए गए हैं। और उनके लाइव फीड को ट्रैफिक मैनेजमेंट सेंटर की वीडियो वॉल पर प्रदर्शित किया जाता है।