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Traffic Jam: दो घंटे में तय किया एक किलोमीटर का सफर! बंगलूरू में दिखा भारी ट्रैफिक जाम, देखें वीडियो
Thu, 28 Sep 2023 02:20 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 28 Sep 2023 02:20 PM IST
सार
बंगलूरू के Outer Ring Road (ORR), आउटर रिंग रोड (ओआरआर) पर 27 सितंबर को असामान्य ट्रैफिक जाम देखा गया, जिससे कई यात्री लगभग चार घंटे तक सड़कों पर फंसे रहे।
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Bengaluru Traffic Jam
- फोटो : Social Media
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विस्तार
बंगलूरू के Outer Ring Road (ORR), आउटर रिंग रोड (ओआरआर) पर 27 सितंबर को असामान्य ट्रैफिक जाम देखा गया, जिससे कई यात्री लगभग चार घंटे तक सड़कों पर फंसे रहे। बुधवार को 3.5 लाख से ज्यादा वाहनों ने ओआरआर को जाम कर दिया, जिससे बड़े पैमाने पर ट्रैफिक जाम हो गया, जिसके कारण बंगलूरू ट्रैफिक पुलिस को आईटी कंपनियों को लॉगआउट में देरी करने के लिए एक सलाह जारी करनी पड़ी। यानी कर्मचारियों को दफ्तर से निकलने में देर करने की सलाह दी।
शहर की ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, आम तौर पर बुधवार को आउटर रिंग रोड पर सिल्क बोर्ड और टिन फैक्ट्री के बीच भीड़भाड़ का अलर्ट 197 रहता है। हालांकि, 27 सितंबर को, यह चौंका देने वाला 1,069 था। कई लोगों ने स्थिति बताने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) का सहारा लिया। कुछ लोगों ने लिखा कि वे लगभग चार घंटे तक ट्रैफिक में फंसे रहे, जबकि कुछ ने लिखा कि सिर्फ एक किलोमीटर की दूरी तय करने में उन्हें दो घंटे से अधिक का समय लगा। ओआरआर को बंगलूरू के टेक कॉरिडोर (तकनीकी गलियारे) के रूप में जाना जाता है, जहां कई आईटी कंपनियों के कार्यालय मौजूद हैं।
ट्रैफिक जाम में फंसे यात्रियों के सोशल मीडिया पोस्ट और बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस की सलाह से पता चला है कि 27 सितंबर को ओआरआर पर ट्रैफिक सामान्य से दोगुना था। जबकि बुधवार को आम तौर पर वाहनों की संख्या 1.5 से 2 लाख होती है, बुधवार शाम को यह संख्या 3.59 लाख तक पहुंच गई। कई आंतरिक सड़कों पर लगातार बारिश के कारण जलभराव और गड्ढों के कारण सुचारू यातायात प्रवाह प्रभावित हो रहा है, जिससे परेशानी और बढ़ गई है। इसके अलावा, दोपहर में ओआरआर पर 6 वाहन खराब हो गए, जिससे सड़क संकरी हो गई और ट्रैफिक की भीड़ बढ़ गई।
बंगलूरू आउटर रिंग रोड का निर्माण 1996 और 2002 के बीच किया गया था, जो शहर के एक महत्वपूर्ण हिस्से को घेरते हुए 60 किलोमीटर की दूरी को कवर करता था। इसका मकसद प्रमुख हाइवे को जोड़ना, तेज यात्रा सुनिश्चित करना और भीड़भाड़ कम करना था। हालांकि, ओआरआर के दोनों किनारों पर टेक्नोलॉजी पार्कों और आवासीय परिसरों के बढ़ने से कई चुनौतियां पैदा हो गई हैं।
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शहर की ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, आम तौर पर बुधवार को आउटर रिंग रोड पर सिल्क बोर्ड और टिन फैक्ट्री के बीच भीड़भाड़ का अलर्ट 197 रहता है। हालांकि, 27 सितंबर को, यह चौंका देने वाला 1,069 था। कई लोगों ने स्थिति बताने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) का सहारा लिया। कुछ लोगों ने लिखा कि वे लगभग चार घंटे तक ट्रैफिक में फंसे रहे, जबकि कुछ ने लिखा कि सिर्फ एक किलोमीटर की दूरी तय करने में उन्हें दो घंटे से अधिक का समय लगा। ओआरआर को बंगलूरू के टेक कॉरिडोर (तकनीकी गलियारे) के रूप में जाना जाता है, जहां कई आईटी कंपनियों के कार्यालय मौजूद हैं।
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Bengaluru's tech hub, ORR, faced an unprecedented traffic jam, trapping techies, office-goers, and school buses for almost 4 hours.
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The Baiyappanahalli-KR Pura metro link, could have eased this, but the State Govt's inaction, despite CMRS approval, prolongs the suffering. pic.twitter.com/LJEelVPRIU — P C Mohan (@PCMohanMP) September 27, 2023
ट्रैफिक जाम में फंसे यात्रियों के सोशल मीडिया पोस्ट और बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस की सलाह से पता चला है कि 27 सितंबर को ओआरआर पर ट्रैफिक सामान्य से दोगुना था। जबकि बुधवार को आम तौर पर वाहनों की संख्या 1.5 से 2 लाख होती है, बुधवार शाम को यह संख्या 3.59 लाख तक पहुंच गई। कई आंतरिक सड़कों पर लगातार बारिश के कारण जलभराव और गड्ढों के कारण सुचारू यातायात प्रवाह प्रभावित हो रहा है, जिससे परेशानी और बढ़ गई है। इसके अलावा, दोपहर में ओआरआर पर 6 वाहन खराब हो गए, जिससे सड़क संकरी हो गई और ट्रैफिक की भीड़ बढ़ गई।
बंगलूरू आउटर रिंग रोड का निर्माण 1996 और 2002 के बीच किया गया था, जो शहर के एक महत्वपूर्ण हिस्से को घेरते हुए 60 किलोमीटर की दूरी को कवर करता था। इसका मकसद प्रमुख हाइवे को जोड़ना, तेज यात्रा सुनिश्चित करना और भीड़भाड़ कम करना था। हालांकि, ओआरआर के दोनों किनारों पर टेक्नोलॉजी पार्कों और आवासीय परिसरों के बढ़ने से कई चुनौतियां पैदा हो गई हैं।