Car Accessories: कार की इन पांच एक्सेसरीज पर भूलकर भी न करें पैसे बर्बाद, जानिए क्यों है ये पूरी तरह बेकार?
कार खरीदने के बाद उसे सजाने और बेहतर बनाने के चक्कर में कई लोग ऐसी एक्सेसरीज पर पैसा खर्च कर देते हैं जो न तो सुविधा बढ़ाती हैं और न ही सुरक्षा। यह लेख उन 5 कार एक्सेसरीज के बारे में जिन्हें खरीद कर आपका पैसा पूरी तरह बर्बाद हो सकता है।
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कार खरीदने के बाद उसको साज-सज्जा से रखना हम सभी का शौक होता है। यही वजह है कि लोग अक्सर कार खरीदने के बाद उसे मॉडिफाई कराते हैं। कार को दिखने और फीचर्स में ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए हम एक्सेसरीज का इस्तेमाल करते हैं। अगर आप कार एक्सेसरीज को लेकर संशय में हैं, तो यह लेख आपके लिए है। यहां हम आपको उन 5 कार एक्सेसरीज के बारे में बता रहे हैं जो आपके कार में किसी तरह की भूमिका नहीं निभाती। अगर सरल शब्दों में कहें तो ऐसी एक्सेसरीज न तो फीचर्स में मदद करती हैं न ही साज-सज्जा में। बाजार में हजारों तरह की आफ्टरमार्केट एक्सेसरीज मौजूद हैं जो बेहतर कम्फर्ट और सुविधा का वादा करते हैं, लेकिन सच यह है कि इनमें से कई चीजें पूरी तरह बेकार होती हैं। इसीलिए इन पर पैसा खर्च करना समझदारी नहीं है।
कार एक 'डिप्रेशिएटिंग एसेट' है, यानी समय के साथ इसकी कीमत कम होती है। कार में टूट-फूट, पुरानी होने और बाजार में बदलाव के कारण इसकी वैल्यू घटती है। शोरूम से बाहर निकलते ही नई कार की कीमत लगभग 20% तक गिर जाती है। हालांकि कार की अच्छे से देखभाल करके इस गिरावट को धीमा किया जा सकता है लेकिन इसे रोका नहीं जा सकता। इसलिए वित्तीय नजरिए से उन फालतू एक्सेसरीज पर पैसा बर्बाद नहीं करना चाहिए जो सिर्फ आपका बिल बढ़ाती हैं और किसी काम की नहीं होतीं। इन 5 कार एक्सेसरीज को खरीदने से बचें ग्राहक:
1. स्लिप-ऑन स्टीयरिंग व्हील कवर
आमतौर पर स्टीयरिंग व्हील कवर ग्रिप को बेहतर बनाने के लिए लगाए जाते हैं। लेकिन बाजार में मिलने वाले सस्ते या फर वाले 'स्लिप-ऑन' कवर फायदे की जगह नुकसान कर सकते हैं। ये कवर स्टीयरिंग पर ठीक से फिट नहीं होते और फिसल सकते हैं। इससे गाड़ी चलाते समय स्टीयरिंग से आपका कंट्रोल छूट सकता है। मुश्किल हालातों में यह बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। इसके बजाय अच्छी तरह से सिले हुए कवर ही चुनने चाहिए।
2. फैंसी सीट कवर
आजकल की आधुनिक कारों में कंपनी से ही काफी अच्छी क्वालिटी की सीटें आती हैं। इसके बावजूद कई लोग सिर्फ दिखावे के लिए महंगे और फैंसी सीट कवर लगवा लेते हैं। ये कवर सिर्फ कार के इंटीरियर का लुक बदलते हैं, लेकिन आराम के मामले में कोई खास इजाफा नहीं करते। इसको अक्सर एक बिना सोची-समझी खरीदारी माना जाता है, जिसका व्यावहारिकता से कोई लेना-देना नहीं है।
3. आफ्टरमार्केट TPMS डिवाइस
कार में टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) लगवाने का ट्रेंड बाजार भी तेजी से बढ़ा है। कई सस्ते डिवाइस ब्लूटूथ के जरिए टायर का प्रेशर बताने का दावा करते हैं। लेकिन इनकी विश्वसनीयता पर हमेशा प्रश्नचिन्ह लगा रहता है। खासकर वे सस्ते डिवाइस जो टायर के बाहर वाल्व पर लगाए जाते हैं, अक्सर गलत डाटा बताते हैं। ऐसे सस्ते उपकरणों पर पैसा खर्च करना समझदारी नहीं है।
4. रूफ कैरियर या रूफ रैक
कारों में ऊपर रूफ रैक या कैरियर लगवाना एक नया ट्रेंड बन गया है। लेकिन असलियत यह है कि इनका इस्तेमाल बहुत कम होता है, लेकिन ये गाड़ी पर लगातार दबाव बनाए रखते हैं। ये न केवल गाड़ी के ढांचे के लिए खतरा हो सकते हैं, बल्कि वजन बढ़ने से कार का माइलेज भी कम हो जाता है। इसके अलावा इससे गाड़ी पर जब तेज हवा लगती है तो बहुत शोर होता है। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि इसे बिना परमिशन के लगाने पर ट्रैफिक पुलिस या RTO आपका चालान भी काट सकती है।
5. LED एंबियंट लाइटिंग स्ट्रिप्स
कई लोगों को लगता है कि कार के इंटीरियर में जगह-जगह LED स्ट्रिप्स लगाने से कार बहुत सुंदर दिखेगी। लेकिन यह सिर्फ एक दिखावटी बदलाव है और इनका सुरक्षा या कार के फंक्शन से कोई लेना-देना नहीं है। उल्टा, बहुत ज्यादा लाइट्स लगाने से कार की बैटरी पर अनावश्यक दबाव पड़ता है । साथ ही वायरिंग में छेड़छाड़ का खतरा भी बना रहता है।