Auto Tips: ई-चालान फिशिंग स्कैम से रहें सावधान, बचाव के लिए इन टिप्स को करें फॉलो
अगर आपके पास ई-चालान का मैसेज आए तो यह एक फिशिंग स्कैम हो सकता है। इस खबर में जानिए क्या है ई-चालान फिशिंग स्कैम और इससे किस तरह से बचाव करें। इस तरह के स्कैम में जालसाज लोगों के साथ बड़ी ठगी करते हैं।
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देश में हर रोज यातायात नियमों के उल्लंघन के लिए सैकड़ों चालान होते हैं। ऐसे में काफी लोग चालान से बचने के लिए अलग-अलग तरह के जुगाड़ करते हैं। ये तो आप जानते ही होंगे कि आजकल सड़क पर नियमों के उल्लंघन पर ई-चालान भरना होता है। हालांकि, इसमें एक बड़ा खतरा सामने आया है, जी हां, दरअसल, ई-चालान फिशिंग स्कैम इन दिनों काफी तेजी से फैल रहा है। आइए आगे जानते हैं कि आखिर ई-चालान फिशिंग स्कैम क्या है।
क्या है ई-चालान फिशिंग स्कैम
ई-चालान फिशिंग स्कैम में यूजर के पास फोन पर एक मैसेज आता है, जिसमें नियम के उल्लंघन की जानकारी होती है। मैसेज में एक लिंक दिया गया होता है, जिस पर क्लिक करते ही एक अनजान एप डाउनलोड हो जाता है। इसके बाद स्कैमर्स यूजर की पर्सनल जानकारी और बैंकिंग डिटेल चुरा लेते हैं। इस तरह के स्कैम में अक्सर देखा जाता है कि यूजर जल्दबाजी में ई-चालान को ट्रैफिक संस्थान से वेरिफाई नहीं करते हैं और स्कैम के जाल में फंस जाते हैं। किसी भी अनजान नंबर से आए लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। इस तरह के सामान्य स्कैम की जानकारी होनी चाहिए। किसी भी यातायात नियम के उल्लंघन पर आधिकारिक ट्रैफिक अधिकारी से संपर्क जरूर करें।
कैसे होती है ई-चालान फिशिंग स्कैम में ठगी
इस तरह के स्कैम को वाहन परिवहन फिशिंग स्कैम कहते हैं। इस स्कैम में जालसाज खुद को ट्रैफिक अधिकारी भी बता सकता है। साथ ही किसी भी तरह के यातायात नियम के उल्लंघन की जानकारी दे सकता है। साइबर ठग इसके लिए मैसेज का सहारा लेते हैं। स्कैमर्स द्वारा भेजे गए मैसेज पर अगर गलती से क्लिक कर दिया तो स्कैमर्स के पास यूजर की अहम जानकारियां पहुंच जाती है। जालसाज लोगों को ठगने के लिए नकली वेबसाइट और फर्जी एप की मदद लेते हैं। इन नकली वेबसाइट्स को बिल्कुल असली जैसा बनाया जाता है, इसके बाद यूजर के आधार नंबर, क्रेडिट कार्ड डिटेल और लॉगइन जानकारी हासिल कर लेते हैं।
ई-चालान फिशिंग स्कैम से कैसे बचें
- ई-चालान फिशिंग स्कैम से बचने के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
- किसी भी अनजान नंबर से आए ई-चालान के मैसेज पर क्लिक न करें।
- अगर किसी तरह का ई-चालान का मैसेज आए तो पहले उसे आधिकारिक ट्रैफिक वेबसाइट से वेरिफाई करें।
- फोन पर आए मैसेज में किसी भी तरह की संवेदनशील जानकारी को साझा करने से बचें।
- अगर मैसेज में कोई ई-चालान के लिए पैसों की मांग करें तो सावधान हो जाएं, यह स्कैम हो सकता है।
- किसी सरकारी वेबसाइट में हमेशा gov.in एक्सटेंशन का इस्तेमाल होता है, ऐसे में हमेशा इसका ध्यान रखें।