फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   Auto News ›   govt is mulling mandatory to fill nitrogen gas in tyres to reduce accidents soon

जल्द ही कार-बाइक के टायरों में नाइट्रोजन भरना होगा जरूरी, ये होंगे फायदे

Mon, 08 Jul 2019 06:17 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 08 Jul 2019 06:17 PM IST
विज्ञापन
govt is mulling mandatory to fill nitrogen gas in tyres to reduce accidents soon
car tyre

रोड एक्सीडेंट्स को रोकने के लिए सरकार टायरों की क्वालिटी में बदलाव करने जा रही है। इसके अलावा टायरों में नाइट्रोजन भरने को अनिवार्य किया जा सकता है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 2015 से लेकर 2017 तक रोजाना सड़क हादसों में 400 लोगों की मौत हो जाती है, इनमें सबसे ज्यादा मौतें उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में होती हैं।

विज्ञापन

टायरों के फटने की संभावनाएं बेहद कम

सोमवार को केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में बताया कि सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए सरकार टायरों की क्वालिटी में बदलाव लाने की योजना बना रही है। इसमें सभी टायर निर्माताओं को रबर के साथ सिलिकॉन मिलाने को अनिवार्य बनाया जाएगा। गौरतलब है कि इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स के मुताबिक टायरों में रबर के साथ सिलिकॉन मिलाने और नाइट्रोजन भरने से टायरों के फटने की संभावनाएं बेहद कम हो जाती हैं।
विज्ञापन

यमुना एक्सप्रेसवे राष्ट्रीय राजमार्ग नहीं

सोमवार को नोएडा-आगरा हाईवे पर हुए बस हादसे को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इस हादसे की जांच के लिए एक कमेटी का गठऩ कर दिया है। उन्होंने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश सरकार ने बनाया है और केंद्र सरकार से इसका कोई ताल्लुक नहीं है और इसे एनएचएआई यानी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने नहीं बनाया है और न ही वह इसकी देखरेख करता है। साथ ही, इसे राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा भी नहीं मिला हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश में 55 और तमिलनाडु में रोज 44 मौतें

नितिन गडकरी ने बताया कि सरकार सड़क हादसों को रोकने और उनमें होने वाली मौतों को रोकने के लिए 14 हजार करोड़ की योजना बना रही है। उन्होंने बताया कि देशभर में तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में रोजाना सबसे ज्यादा सड़क हादसों में मौतें होती हैं। उत्तर प्रदेश में 55 और तमिलनाडु में रोज 44 लोग सड़क हादसों में मरते हैं। उन्होंने बताया कि रोड सेफ्टी बिल संसद में लंबित है और जल्द ही इसे पारित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अगर यह बिल पास हो जाता है तो 30 प्रतिशत फर्जी लाइसेंस पर रोक लग जाएगी।
 

सड़क हादसों में होने वाली मौतें

राज्य 2015 2016 2017 2017 में रोज होने वाली मौतें
उत्तर प्रदेश 17,666 19,320 20,124 55
तमिलनाडु 15,642 17,218 16,157 44
महाराष्ट्र 13,212 12,935 12,264 33
कर्नाटक 10,856 11,133 10,609 29
राजस्थान 10,510 10,465 10,444 29
मध्य प्रदेश 9,314 9,646 10,177 28
आंध्र प्रदेश 8,297 8,451 8,060 22
तेलंगाना 7,110 7,219 6,596 18
पश्चिमी बंगाल 6,234 6,544 5,769 16
बिहार 5,421 4,901 5,554 15
पूरे भारत में 1,46,133 1,50,785 1,47,913  289
 

क्या हैं नाइट्रोजन के फायदे

गर्मी में सीमेंट-कंक्रीट की सड़कें गर्म हो जाती हैं, जिसकी वजह से टायर्स को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। गर्मी में घिसे-पिटे टायरों का प्रयोग न करें। टायर्स में सही टायर दबाव बनाए रखें। सामान्य हवा के बजाय नाइट्रोजन का इस्तेमाल करें, इससे टायर को कम घिसेंगे और फटने के चांसेज कम करने में मदद मिलेगी। 

  • जब हम टायर्स में नॉर्मल हवा डलवाते हैं तो उसके साथ ही आर्द्रता (Humidity) जैसी समस्या पैदा हो जाती हैं। जिसकी वजह से टायर्स के नुकसान होने की संभावना बढ़ जाती है और टायर्स के प्रेशर पर भी असर पड़ता है। 
  • टायर्स में नॉर्मल हवा फ्री में भरी जाती है जबकि नाइट्रोजन हवा भरवाने में आपको 20 से 30 रुपये प्रति-टायर्स के हिसाब से देने पड़ते हैं लेकिन महंगी होने के बावजूद नाइट्रोजन हवा के कई फायदे भी हैं। 
  • नाइट्रोजन हवा के इस्तेमाल से टायर्स में जो ऑक्सीजन मौजूद रहती है वो समाप्त हो जाती है, साथ ही साथ आक्सीजन में मौजूद पानी की मात्रा को भी खत्म कर देती है। ऐसे में टायर के रिम को नुकसान नहीं पहुंचता। 
  • नाइट्रोजन हवा के इस्तेमाल से टायर्स की लाइफ बढ़ जाती है। और साथ-साथ आपको मिलती है बेहतर माइलेज, एक्सपर्ट मानते हैं कि गाड़ी की सेफ्टी और हैंडलिंग भी बेहतर होती है। 
  • नार्मल हवा की तुलना में नाइट्रोजन हवा टायर्स में लम्बे समय तक रहती है और बार-बार हवा डलवाने की जरूरत नहीं पड़ती, हवा हल्की होने से टायर्स की परफॉरमेंस बढ़ जाती है इसलिए फॉर्मूला वन रेस में चलने वाली हर सुपरकार के टायर्स में नाइट्रोजन हवा का ही इस्तेमाल किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed