सड़क हादसे: 30 किलो वजन तक के बच्चे को सुरक्षा देगी ये जैकेट, जानें कब से लागू होंगे बाइक के नए नियम
मसौदा अधिसूचना में प्रस्ताव दिया गया है कि अगर मोटरसाइकिल, स्कूटर या स्कूटी की पिछली सीट पर चार वर्ष से कम उम्र का बच्चा सवार है, तो चालक वाहन की रफ्तार 40 से अधिक नहीं कर सकता। साथ ही चालक को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि नौ महीने से चार साल तक के बच्चे ने हेलमेट और सेफ्टी हार्नेस भी पहना है...
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केंद्र सरकार ने बाइक पर बच्चों को बैठाने के लिए नियम सख्त कर दिए हैं। महिलाओं के लिए हेलमेट अनिवार्य करने के बाद अब सरकार ने दोपहिया पर पीछे बैठे बच्चों के लिए भी हेलमेट को जरूरी करने जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माने का भी प्रावधान है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इससे संबंधित नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, नए साल यानी जनवरी 2023 से नए नियम के लागू होने की पूरी संभावना है।
जनवरी 2023 में लागू!
जानकारी के अनुसार, सड़क परिवहन मंत्रालय व राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों ने नोटिफिकेशन पर आपत्ति देने का समय नवंबर के अंत तक रखा है। जो भी आपत्तियां आएगी उनका समाधान किया जाएगा। इसके बाद गजट जारी कर संशोधन कर दिया जाएगा। नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया गया है कि संशोधन के एक वर्ष बाद नए नियम लागू होंगे। मतलब दिसंबर तक आपत्तियों का निपटारा होने के बाद इसमें संशोधन कर दिया जाएगा और एक साल बाद यात्री 2022 के अंत तक या जनवरी 2023 में यह लागू हो जाएगा। नए नियम का पालन न करने पर चालानी कार्रवाई भी की जाएगी।
11,168 बच्चों की 2019 में सड़क हादसों में हुई मौत
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट कर इन प्रारूप नियमों का महत्व व आवश्यकता बताई। इसमें कहा गया है कि ड्राइवर से बच्चे को जोड़ने के लिए एक सेफ्टी हार्नेस (सुरक्षा कवच) लगाना जरूरी है, यह सेफ्टी हार्नेस दोनों को जोड़े रखेगा ताकि मोटरसाइकिल चलाने के दौरान बच्चा गिरे नहीं।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मुताबिक 2019 में देशभर में हुए सड़क हादसों में 11,168 बच्चों की मौत हुई। इसके अनुसार एक दिन में औसतन 31 बच्चों की जानें गईं जो सड़क हादसे से होने वाली मौतों का आठ फीसदी है। पिछले वर्ष के मुकाबले यह आंकड़ा 11.94 फीसदी अधिक था।
मसौदा अधिसूचना में प्रस्ताव दिया गया है कि अगर मोटरसाइकिल, स्कूटर या स्कूटी की पिछली सीट पर चार वर्ष से कम उम्र का बच्चा सवार है, तो चालक वाहन की रफ्तार 40 से अधिक नहीं कर सकता। साथ ही चालक को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि नौ महीने से चार साल तक के बच्चे ने हेलमेट और सेफ्टी हार्नेस भी पहना है। चालक को यह भी ध्यान रखना होगा कि बच्चा सेफ्टी हार्नेस के जरिये उससे जुड़ा रहे।
सेफ्टी हार्नेस एक एडजस्टेबल जैकेट की तरह है, जिसमें स्ट्रैप होती हैं और ये बच्चों को ड्राइवर से जोड़ देती हैं। इसके लिए मानक भारतीय मानक ब्यूरो तय करेगा, क्योंकि इन सेफ्टी हार्नेस का वजन में हल्का, वाटरप्रूफ और टिकाऊ होना जरूरी है। ये 30 किलोग्राम तक का वजन उठाने में सक्षम होनी चाहिए।