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Bharat Taxi: भारत टैक्सी में 500 रूपए के शेयर लेने पर मालिकाना हक, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में भी होंगे सारथी

Mon, 23 Feb 2026 05:54 PM IST
सुयश पांडेय ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुयश पांडेय Updated Mon, 23 Feb 2026 05:54 PM IST
सार

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 'भारत टैक्सी' के ड्राइवरों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने सहकारिता मॉडल पर फोकस किया। इसके तहत मात्र 500 रुपये का शेयर लेकर सारथी यानी वाहन ड्राइवर मालिक बन सकेंगे। इस योजना में 80% मुनाफा सीधे सारथियों को मिलेगा और 20% पूंजी के रूप में कंपनी में जमा होगा।

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Amit Shah Announces Profit-Sharing Cooperative Model for Bharat Taxi
संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ आंध्र प्रदेश की सीएम चंद्रबाबू नायडू - फोटो : एक्स - फोटो : यू-ट्यूब ग्रैब

विस्तार

केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भारत टैक्सी के ड्राइवरों के साथ नई दिल्ली में संवाद किया। इसमें उन्होंने बड़ा एलान करते हुए कहा कि जो श्रम करता है, मुनाफा भी उसी को मिलना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि इस पहल का मकसद किसी निजी कंपनी की तरह ज्यादा से ज्यादा लाभ कमाना नहीं है। बल्कि इस योजना का मुख्य मकसद टैक्सी चलाने वाले सारथियों को सशक्त और समृद्ध बनाना है। भारत टैक्सी का लक्ष्य अगले दो वर्षों में 15 करोड़ चालकों को जोड़ने और तीन वर्षों में नगर निगम वाले सभी शहरों तक विस्तार का है। फिलहाल यह टैक्सी सेवा दिल्ली-एनसीआर और गुजरात के राजकोट में शुरू की गई है। भारत टैक्सी एप में सारथी दीदी नाम की सुविधा भी जोड़ी जाएगी। इसके तहत अकेले यात्रा करने वाली महिलाएं महिला चालकों को प्राथमिकता दे सकेंगी।

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सारथी ही होंगे मालिक

अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी पूरी तरह सहकारिता मॉडल पर आधारित होगी और इसके मालिक खुद सारथी होंगे। जो भी सारथी इसमें भागीदार बनना चाहता है वह मात्र 500 रुपये का शेयर लेकर मालिकाना हक पा सकता है। उन्होंने बताया कि जब भारत टैक्सी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का चुनाव होगा तो उसमें सारथियों के लिए सीटें आरक्षित रहेंगी। इससे सारथी खुद अपने हितों की रक्षा कर सकेंगे और नीतियां बनाने में भागीदारी निभाएंगे।

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अमित शाह ने अमूल का उदाहरण देते हुए भारत टैक्सी से जुड़े सारथियों को आसान शब्दों में पूरी योजना समझाई। उन्होंने कहा कि आपके काम की एक न्यूनतम आय तय होगी। यानी आपको तय किराया तो मिलेगा ही। लेकिन अगर कंपनी को उससे ज्यादा मुनाफा होगा तो मुनाफे का हिस्सा भी आपको वापस मिलेगा। क्योंकि आप सिर्फ ड्राइवर नहीं बल्कि इस कंपनी के मालिक भी हैं। 

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सिर्फ 500 रुपये में बनेंगे मालिक

अमित शाह ने बताया कि भारत टैक्सी से जुड़ने के लिए आपको सिर्फ 500 रुपये का निवेश करना होगा। इससे आपको मालिकाना हक मिल जाएगा। अमित शाह ने कहा कि शुरुआत के तीन साल कंपनी के विस्तार में लगेंगे इसलिए इस दौरान थोड़ा सब्र रखना होगा। इसके बाद मुनाफे में आपका हिस्सा साफ तौर पर मिलेगा। उन्होंने ये भी कहा कि भारत टैक्सी अपने प्लेटफॉर्म से जुड़े सभी चालकों के लिए प्रति किलोमीटर न्यूनतम किराया तय करेगी। इससे किसी को नुकसान नहीं होगा और सभी की आय सुरक्षित बनी रहेगी।

मुनाफे का बंटवारा कैसे होगा?

अमित शाह के अनुसार, भारत टैक्सी की कुल कमाई में से:

  • 20% राशि कंपनी के खाते में सारथियों की पूंजी के रूप में जमा होगी
  • 80% राशि टैक्सी के जरिए तय किए गए किलोमीटर के आधार पर सीधे सारथियों के खाते में जाएगी

शुरुआती तीन साल विस्तार पर फोकस रहेगा। इसके बाद होने वाले मुनाफे में भी 20% कंपनी के पास रहेगा और 80% सारथियों को वापस दिया जाएगा।

तीन साल में हर नगर निगम तक विस्तार

सहकारिता मंत्री ने कहा कि अगले तीन वर्षों में देश के हर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन में भारत टैक्सी की सेवाएं शुरू करने का लक्ष्य है। यह पहल देश की पांच बड़ी कोऑपरेटिव संस्थाओं को मिलाकर तैयार की गई है जो इसे मजबूत आधार देगी।

पारदर्शी और न्यूनतम दर पर आधारित मॉडल

सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी दुनिया की सबसे पारदर्शी कैब सेवा बनेगी। हर जानकारी सारथियों को नोटिफिकेशन के जरिए उपलब्ध कराई जाएगी। किराए की दर तय करते समय ऑटो/वाहन की कीमत, पेट्रोल की खपत और न्यूनतम मुनाफे को जोड़कर एक बेस रेट तय किया जाएगा। इससे नीचे कंपनी ऑपरेट नहीं करेगी ताकि सारथियों की न्यूनतम आय सुनिश्चित हो सके।

कर्ज और वित्तीय मदद भी देगी भारत टैक्सी

अमित शाह ने बताया कि यह एक बड़ा कोऑपरेटिव आंदोलन है। इसके तहत भारत टैक्सी सारथियों की गाड़ियों को मॉर्गेज करेगी और कोऑपरेटिव बैंक के माध्यम से उन्हें कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा। इससे उन्हें सस्ती और आसान वित्तीय सहायता मिल सकेगी।

सारथी दीदी सुविधा से होगा महिला सशक्तिकरण

इस योजना में सारथी दीदी की विशेष सुविधा भी जोड़ी जाएगी। इसके तहत महिला सारथियों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ महिला यात्रियों की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया जाएगा। एप में ऐसा प्रावधान किया जाएगा कि अगर कोई महिला यात्री अकेली यात्रा कर रही है तो उसे प्राथमिकता से सारथी दीदी का विकल्प दिखे।

शिकायतों के लिए अलग विंडो

भारत टैक्सी की वेबसाइट पर सारथियों की समस्याओं के लिए एक अलग विंडो खोली जाएगी। सारथी मोबाइल नंबर से लॉग-इन कर अपनी परेशानी दर्ज कर सकेंगे। इन सुझावों और शिकायतों के आधार पर नीतियों में बदलाव भी किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि जैसे भारत टैक्सी सारथियों की समस्याओं का समाधान करेगी। वैसे ही अन्य कंपनियों को भी ऐसा करना पड़ेगा।

ड्राइवर नहीं, गर्व से कहें सारथी

अमित शाह ने सारथियों से अपील की कि वे खुद को ड्राइवर नहीं, बल्कि गर्व से सारथी कहें। समाज में उनकी छवि और सम्मान बढ़ाना भी इस पहल का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि टैक्सी क्षेत्र की समस्याओं का समाधान एक व्यवस्थित पद्धति विकसित करने से ही संभव है। भारत टैक्सी का लक्ष्य ग्राहक संतुष्टि के साथ-साथ सारथियों का कल्याण सुनिश्चित करना है। सरकार का कहना है कि यह पहल न सिर्फ एक नई कैब सेवा होगी। बल्कि सहकारिता के जरिए श्रम को सम्मान और मुनाफे में सीधी भागीदारी देने वाला एक बड़ा सामाजिक-आर्थिक आंदोलन साबित हो सकती है।

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