हनुमान जी की पूजा में क्यों किया जाता है तुलसी का प्रयोग, जानें इससे जुड़ी रोचक कथा
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भगवान विष्णु को तुलसी प्रिय है, ये तो सभी को पता है, क्या आपको पता है कि हनुमान जी को भी तुलसी प्रिय है। यही कारण है कि विशेष अवसरों पर या मनोकामना पूर्ति के लिए हनुमान जी को तुलसी की माला और भोग में तुलसी अर्पित की जाती है। मान्यता है कि तुलसी अर्पित करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के संकटों से रक्षा करते हैं। यदि मंगलवार के दिन हनुमान जी को तुलसी अर्पित की जाए तो घर में सुख समृद्धि का वास होता है और धन संबंधित समस्याओं से मुक्ति मिलती है। हनुमान जी को तुलसी अर्पित करने के पीछे बहुत ही रोचक कथा मिलती है। तो चलिए जानते हैं कि हनुमान जी को क्यों अर्पित करते हैं तुलसी।
हनुमान जी भगवान राम के परम भक्त थे साथ ही वे सीता जी को भी माता का दर्जा देते थे। हनुमान जी को जब भी कोई चिंता या परेशानी होती तो वह इस बारे में सबसे पहले अपने प्रभु श्रीराम और माता सीता को बताया करते थे। एक बार ऐसा ऋषि वाल्मिकी के आश्रम में माता सीता अपने हाथों से भोजन पका रही थी। तभी वहां पर हनुमान जी आ गए। उन्होंने कहा 'हे माता मुझे बहुत जोर से भूख लग रही है भोजन दें। तब माता सीता ने हनुमान जी के लिए भोजन परोस दिया।
कुछ ही समय में हनुमान जी सारा भोजन चट कर गए और फिर भी उनकी भूख शांत नहीं हुई। इसके बाद धीरे-धीरे भंडार गृह भी खाली होने लगे। तब माता सीता ने यह बात रामजी को बतलाई। इसके बाद राम जी के कहने पर माता सीता ने हनुमान जी को तुलसी का एक पत्ता खाने को दे दिया। हनुमान जी ने जैसे ही तुलसी के पत्ते को खाया उनकी भूख तुरंत शांत हो गई। कहा जाता है कि तभी से हनुमान जी की पूजा और भोग में तुलसी का प्रयोग किया जाता है।