महिलाओं की उन बीमारियों का हैरान करने वाला कारण
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आजकल महिलाओं को कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जबकि खान-पान और रहन-सहन के मामले में वह काफी ध्यान भी रखती हैं।
इसके बावजूद स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बने रहने का एक ऐसा कारण है जिसके बारे में आप सोच भी नहीं सकते।
जिनसे महिलाओं के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है
वास्तुशास्त्री बताते हैं कि वास्तु का रोगों से अभिन्न संबंध है। आजकल बनने वाले घरों की बनावट में बहुत ज्यादा वास्तुदोष होते है। पिछले कुछ दशकों से आर्किटेक्ट मकानों को सुंदरता प्रदान करने के लिए अनियमित आकार के मकानों को महत्त्व देने लगे है। जिस कारण मकान बनाते समय जाने-अनजाने वास्तु सिद्धांतों की अवहेलना होती रहती है। चाहे महिला हो या पुरूष उनकी हर प्रकार की बीमारी में वास्तुदोष की एक महत्त्वपूर्ण भूमिका रहती है।
वास्तुदोष के कारण घर में सकारात्क और नकारात्क ऊर्जा के बीच असंतुलन पैदा हो जाती है। जो महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ-साथ उनके जीवन पर भी प्रभाव डालता है। वास्तुशास्त्री उन दोषों के बारे में बता रहे हैं जिनसे महिलाओं के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
तब मृत्यु-भय बना रहता है
धन की कमी अकाल मृत्यु की संभावना
घर के दक्षिण दिशा में अहाते का होना या खुला होना या सभी कमरों व बरामदों में दक्षिण का भाग नीचा हो तो उस घर की स्त्रियां सदैव रोगी रहती है, ऐसे घरों में अकाल मृत्यु की संभावना रहती है। परिवार में आर्थिक कष्ट रहता है।
जिस घर का दक्षिण नैऋत्य कोण बढ़ा हुआ होता है उस घर की स्त्रियों को लम्बी बीमारियों का सामना करना पड़ता है। दर्दनाक मौत की संभावना बनी रहती है।
अशुभ होता है महिलाओं के लिए ऐसा घर
जिस घर में दक्षिण नैऋत्य मार्ग प्रहार रहता है उस घर की नारियां भयंकर रोगों से पीडि़त होती है। इसके साथ नैऋत्य में कुआं, बोरवेल, भूमिगत पानी की टंकी अर्थात् किसी भी प्रकार से नीचा हो तो वह आत्महत्या कर सकती है या लम्बी बीमारी से उनकी मृत्यु हो सकती है।
तब महिलाओं को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है
उत्तर, ईशान और पूर्व से नैऋत्य, पश्चिम और वायव्य निचले, आग्नेय और दक्षिण ऊंचा होने पर उस घर के मालकिन असामयिक मृत्यु होने की संभावना रहती है या वह लम्बी बीमारी से परेशान रहती है। इस तरह के घर में हमेशा बीमारी, कलह, शत्रुता बनी रहती है।
घर का आग्नेय नीचा हो, और आग्नेय और पूर्व के बीच में या आग्नेय और दक्षिण के बीच में कुआं, पानी का टैंक, सैप्टिक टैंक, बोरवेल या मोरियां बनाई जाएं तो घर के सदस्यों को दीर्घकालिन व्याधियां होती है। विशेषतौर पर घर की मालकिन व्याधि से पीडि़त होती है।
ईशान कोण स्थित घर की उत्तर ईशान दिशा की लम्बाई कम और उत्तरी हद तक निर्माण किया गया हो तो घर की मालकिन रोग से ग्रस्त होकर मृत्यु को प्राप्त होती है अथवा आर्थिक कठिनाईयों से परेशान होती है