वास्तु उपाय: नकारात्मक वातावरण को दूर करेंगे वास्तु के ये सरल उपाय, मिलेगा सुख-सुकून
आज जब पूरा विश्व कोरोना महामारी जैसे महासंकट से जूझ रहा है, चारों तरफ डर और दहशत की वजह से हम सबके अंदर नकरात्मकता आ गई है। ऐसे नकारात्मक माहौल में आप वास्तु के कुछ नियमों को अपनाकर अपने आस-पास सकारात्मक वातावरण बना सकते हैं जिससे आपको ख़ुशी और मानसिक शांति मिल सकती है।
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हमारे ऋषि-मुनि ब्रह्माण्ड में छिपी हुई शक्तियों के विषय में जानते थे। वास्तुपुरुष में यही व्याप्त शक्ति जीवनी ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करती है जो वास्तुपुरुष में सदैव निहित रहती है। सौर ऊर्जा, ग्रहों का प्रभाव, पृथ्वी की चुम्बकीय शक्ति, वायु तथा अग्नि के रूप में जानी जाती है। इन सबका असर हमारे जीवन, घर और कार्य पर पड़ता है। जगत के अंदर चर-अचार सभी के ऊपर इनका प्रभाव जिस कोण से जैसे पड़ता है हम उससे प्रभावित होकर विभिन्न घटनाओं के सुखद एवं दुखद रूप से प्रभावित होते हैं। नकारात्मक ऊर्जा और सकारात्मक ऊर्जा दोनों में अंतर हमारा मस्तिष्क इसको पहचानता है।
जब हम किसी मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे, बगीचे अथवा जल के किनारे जाते हैं तो मन को शांति महसूस होती है। इसका सीधा तात्पर्य यह है कि वहां पर सकारात्मक ऊर्जा की अधिकता के कारण हम खुश और प्रांजल हो जाते हैं। और जब हम शोर-गुल, आंधी-तूफ़ान तथा कब्रिस्तान आदि के प्रभाव से गुज़रते हैं तो हमारी मानसिक स्थिति विचलित होती है। यह नकारात्मक ऊर्जा के संकेत हैं। आज जब पूरा विश्व कोरोना महामारी जैसे महासंकट से जूझ रहा है, चारों तरफ डर और दहशत की वजह से हम सबके अंदर नकरात्मकता आ गई है। ऐसे नकारात्मक माहौल में आप वास्तु के कुछ नियमों को अपनाकर अपने आस-पास सकारात्मक वातावरण बना सकते हैं जिससे आपको ख़ुशी और मानसिक शांति मिल सकती है।आइए जानते हैं....
- घर में सकरात्मक माहौल के लिए आप चाहें तो रॉक सॉल्ट का लेप भी रख सकते हैं। इसे किसी भी कमरे में रखा जा सकता है पर ध्यान रहे कि इसे कक्ष में रखने की दिशा दक्षिण या दक्षिण-पूर्व हो। इस लैंप को जलाने से आपको मानसिक शांति अनुभव होती है, इतना ही नहीं आप इससे ताजगी महसूस करेंगे। घर में रॉक साल्ट रखने से सकरात्मक ऊर्जा का संचार होगा, जिससे आपकी शारीरिक, मानसिक और आर्थिक समस्याएं दूर होंगी।
- घर के आँगन में सूखे एवं भद्दे दिखने वाले पेड़ या ठूंठ नहीं होने चाहिए। ये नेगेटिव एनर्जी को बढ़ाते हैं,जिससे घर में कलह का माहौल बनता है।
- यदि आप घर में फूलों का गुलदस्ता रखते हैं तो ध्यान दें कि उन्हें प्रतिदिन बदलते रहना ज़रूरी है। सूखे हुए फूल घर की सकारात्मक ऊर्जा के संचार में बाधा उत्पन्न करते हैं।
- घर में बंद घड़ियाँ,टूटे दर्पण इत्यादि न रखें,पूजा कक्ष में भगवान् की तस्वीर या मूर्ति खंडित नहीं हो।
- दीवारों में दरार एवं सीलन नहीं होनी चाहिए इसके अलावा घर में कहीं भी मकड़ी के जाले नहीं होने चाहिए इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है एवं घर में कहीं भी पानी की बर्बादी होना अशुभ माना जाता है।
- घर के ईशान कोण में झाड़ू-पोंछा, कूड़ादान नहीं रखना चाहिए। ऐसा करना तनाव का कारण बनता है।
- घर में सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए नित्यप्रति नमक के पानी का पोंछा लगाना उत्तम रहता है।
- करियर, अच्छी सेहत, सौभाग्य में वृद्धि के लिए घर के आँगन में तुलसी का पौधा ज़रूर लगाएं।
- घर की उत्तर दिशा में लक्ष्मी,कुबेर या गणेश जी की तस्वीर लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है।
- घर के ईशान कोण में पानी से भरा हुआ पात्र रखना शुभ फलों में वृद्धि करता है।
- सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह के लिए भवन में उत्तर-पूर्व दिशा में दरवाज़े व खिड़कियाँ खुली रखनी चाहिए।
- घर में विद्युत सम्बन्धी उपकरण जो कर्कश ध्वनि उत्पन्न करते हों जैसे पंखे,कूलर आदि की समय-समय पर मरम्मत करवाते रहें एवं दरवाज़ों के कब्जों में तेल डालते रहें,खोलते या बंद करते समय आवाज़ करते हुए दरवाज़े एवं खिड़कियाँ नकारात्मक ऊर्जा फैलाते हैं।
- यदि घर में वास्तुदोष है और आप उससे परेशान रहते हों तो अपने घर में नियमित गंगाजल का छिड़काव करें। ऐसा नियमित करने से वास्तु दोष का प्रभाव खत्म हो जाता है और घर पर सकारात्मक ऊर्जा आती है। घर में गंगाजल का सदैव छिड़काव करना चाहिए।
- घर में पूजा-पाठ के समय कपूर जलाने से, इसकी सुगंधित धुआँ वातावरण में फैलती है। जिससे वातावरण में मौजूद बैक्टीरिया आदि खत्म हो जाते हैं और वातावरण शुद्ध होता है।