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राम जन्मभूमि विवाद का कारण वास्तुदोष तो नहीं

Fri, 19 Apr 2013 03:38 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क।
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क। Updated Fri, 19 Apr 2013 03:38 PM IST
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ram janmabhoomi dispute reason vastu dosha

अयोध्या में राम जन्म भूमि आज भी विवादों में घिरी हुई है। सवाल उठता है कि संसार में धर्म की स्थापना करने वाले और विवादों को दूर करने वाले भगवान राम की जन्म भूमि में आखिर ऐसा क्या है जो यह भूमि विवादित हो गयी है।

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वास्तुशास्त्री कुलदीप सलूजा ने इस बारे में अपने कुछ निष्कर्ष प्रस्तुत किए हैं। उनके अनुसार राम जन्म भूमि विवाद का कारण वास्तुदोष है इस दोष के कारण ही यहां बनने वाले भवन बार-बार ढहाये जाते हैं।
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इस मुद्दे पर अमर उजाला ने सलूजा से बात की तो उन्होंने बताया कि पुरातत्व सर्वेक्षण के रिर्पोर्ट से पता चलता है कि हजार वर्ष से पहले यहां कोई मंदिर मौजूद था। मंदिर के मलवे पर मस्जिद का निर्माण किया गया। मस्जिद भी इस भूमि पर हमेशा के लिए कायम नहीं रह पाया और यह भी वास्तुदोष की भेंट चढ़ गया।
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वास्तुशास्त्री सलूजा ने बताया वर्तमान में मस्जिद के मलवे पर अस्थायी मंदिर बना हुआ है जहां रामलला के दर्शन होते हैं। इस स्थिति का कारण मंदिर परिसर के पीछे दक्षिण एवं पश्चिम दिशा में गहरी खाई का होना है।

सलूजा के मुताबिक चीनी वास्तु विज्ञान के अनुसार यदि पहाड़ के बीच कोई भवन बना हो, जिसके पीछे पहाड़ की ऊंचाई हो, आगे की तरफ पहाड़ी ढाल हो और ढलान के बाद पानी का कोई स्रोत हो तब भवन सदियों तक कायम रहता है और प्रसिद्धि प्राप्त करता है। जबकि राम जन्म भूमि की विवादित जमीन वास्तु के इस नियम के अनुरूप नहीं है।  

राजजन्म भूमि के विवाद का एक अन्य कारण यह है कि रामलला पूरब की ओर मुख करके एक ऊंचे टीले पर विराजमान हैं। यह स्थान अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण पहले से ऊंचा था और अब मलबे के कारण इसकी ऊंचाई और बढ़ गयी है।

इसके उत्तर एवं पूर्वी दिशा की ढलान सामान्य है जबकि नैऋत्य कोण यानी दक्षिण पश्चिम दिशा में तीखी ढलान है। वास्तु के अनुसार नैऋत्य दिशा में तीखा ढ़लान अमंगलकारी होता है। रामजन्म भूमि परिसर में प्रवेश के मार्ग भी वास्तु सम्मत नहीं है। इन दोषों के कारण ही रामजन्म भूमि विवादित है।


सलूजा ने कहा कि वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी एवं नैऋत्य दिशा की ढाल और खाई को मिट्टी डालकर भरकर दिया जाए एवं द्वार का निर्माण वास्तु अनुकूल हो तो विवाद दूर हो सकता है।

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