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राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद की असली वजह है यह खाई
राकेश/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 31 Aug 2013 02:41 PM IST
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राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद का विवाद सदियों से चला रहा है। हिंदुओं का दावा है कि कभी यहां पर भगवान राम का मंदिर हुआ करता था। बाद में इस जगह पर बाबरी मस्जिद का निर्माण किया गया।
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इस जमीन पर मंदिर, मस्जिद जो भी बना वह टूटता बनता रहा। और विवाद गहराता रहा। विवाद का कारण ऊपरी तौर पर भले ही लोगों की धार्मिक आस्था नज़र आ रही है लेकिन असल में इसका कारण इस भूमि के पश्चिम दिशा में मौजूद खाई है।
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द निबुला इंटरनेशल स्कूल ऑफ साइंटिफिक वास्तु के संस्थापक और वास्तुगुरू कुलदीप सलूजा का कहना है कि, वास्तु विज्ञान के अनुसार जिस भूमि की पश्चिम दिशा नीची होती है और इस दिशा में पानी का जमाव होता है उस भूमि में रहने वाले लोग जरूरत से ज्यादा धार्मिक होते हैं। नैऋत्य कोण का तीखा ढलान अमंगलकारी परिणाम देता है। यह दोनों ही वास्तुदोष इस भूमि में मौजूद हैं।
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जहां पर रामलला का अस्थायी शेड बना हुआ है वह एक एक ऊंचे टीले पर है। वहां से पश्चिम में गहरी खाई है। यही कारण है कि इस भूमि के प्रति लोगों में जुनून की हद तक धार्मिक भावना दिखती है। पूर्व आग्नेय दोष के कारण, इस धार्मिक स्थान को लेकर हो रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। नैऋत्य कोण के दोष के कारण समय-समय पर अनहोनी घटनाएं घटित होती रहती हैं।
ऐसे थम सकता है रामजन्म भूमि बाबरी मस्जिद विवाद
1. पश्चिम और नैऋत्य दिशा में मिट्टी डालकर इस दिशा को मंदिर के टीले के बराबर ऊंचा कर दिया जाए।
2. पश्चिम नैऋत्य दिशा में 8 से 10 फीट ऊंची कम्पाउंड वॉल बना दी जाए।
2. वर्तमान पूर्व आग्नेय के मार्ग को बंद करके पूर्व ईशान की ओर मार्ग का निर्माण किया जाए।