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Vastu tips for puja ghar : दिशााओं के अनुसार करें देवी-देवता की पूजा करने पर ही मिलता है फल

Mon, 06 May 2019 10:43 AM IST
Madhukar Mishra अनीता जैन, वास्तुविद्
अनीता जैन, वास्तुविद् Published by: Madhukar Mishra Updated Mon, 06 May 2019 10:43 AM IST
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know vastu direction for worship of god
puja ghar

आस्था और विश्वास के साथ जब हम अपने घर में ईश्वर को स्थान देते हैं, तो परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना भी करते हैं। घर पर देवी-देवताओं की कृपा बनी रहे, पूजा-पाठ का पूर्ण लाभ मिल सके, इसके लिए आवश्यक है कि पूजाघर वास्तु नियमों के अनुसार होना चाहिए अन्यथा गलत दिशा में की गई पूजा से लाभ होने की बजाय आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। मानसिक स्पष्टता और प्रज्ञा की दिशा उत्तर-पूर्व (ईशान) पूजा करने के लिए आदर्श स्थान है, क्योंकि यह कोण पूर्व एवं उत्तर दिशा के शुभ प्रभावों से युक्त होता है। घर के इसी क्षेत्र में सत्व ऊर्जा का प्रभाव शत-प्रतिशत होता है। 

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दिशाओं का हमेशा रखें ध्यान  
सामान्य तौर पर पूजा करते वक्त मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर करना चाहिए। वास्तु ग्रंथों में कहा गया है कि धन प्राप्ति के लिए उत्तर दिशा एवं ज्ञान प्राप्ति के लिए पूर्व दिशा की ओर मुख करके की गई पूजा चमत्कारिक लाभ देती है। यद्धपि प्रत्येक दिशा के अपने देवता हैं, जो उस दिशा का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसलिए उस क्षेत्र के देवता का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उस दिशा विशेष में ही पूजा करना उत्तम रहता है। 
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किस दिशा में करें किस देवता की पूजा
देवी माँ और हनुमान जी की पूजा दक्षिण दिशा में, धन की दिशा उत्तर में गणेश, लक्ष्मी जी एवं कुबेर की व उत्तर-पूर्व दिशा में शिव परिवार, राधा-कृष्ण और पूर्व दिशा में श्री राम दरबार, भगवान विष्णु की आराधना एवं सूर्य उपासना करने से परिवार में सौभाग्य की वृद्धि होती है। 
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आरोग्य के लिए 
आरोग्य की उत्तर-उत्तर-पूर्व दिशा में भगवान धनवंतरि, अश्विनी कुमार एवं नदियों की आराधना करने से उत्तम स्वास्थ्य एवं सुख की प्राप्ति होती है। 

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उत्तम शिक्षा के लिए
शिक्षा की दिशा पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में विद्यादायिनी माँ सरस्वती की पूजा करने से ज्ञान में वृद्धि होती है। पश्चिम दिशा में गुरु, महावीर स्वामी, भगवान बुद्ध की पूजा शुभ फल प्रदान करती है। 

बेहतर संबंधों और जुड़ाव के लिए
संबंधों और जुड़ाव की दिशा दक्षिण-पश्चिम में पूर्वजों की पूजा सुख-समृद्धि प्रदान करेगी। 

पूजा स्थल पर जरूर करें ये काम
पूजा स्थल में सुबह-शाम नियमित रूप से दीपक जलाना एवं शंख ज़रूर रखना चाहिए।ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होकर परिवार में सुख-सौहार्द का वातावरण बनेगा। सात्विक रंग जैसे हल्का हरा, पीला, जामुनी या क्रीम रंग का यहाँ प्रयोग करने से मन को शांति मिलती है।

इन बातों का रखें ध्यान 
— पूजाघर के नीचे या ऊपर शौचालय नहीं होना चाहिए।
— पूजाघर में महाभारत की प्रतिमाएं, प्राणी तथा पक्षियों के चित्र नहीं होने चाहिए। दिवंगतों की तस्वीरें भी यहां नहीं रखे।
— पूजाघर में धन-संपत्ति छुपाकर रखना शुभ नहीं माना गया है ।
— पूजाघर में कोई भी खंडित तस्वीर या मूर्ति नहीं होनी चाहिए।
— दक्षिण-पश्चिम की दिशा में निर्मित कमरे का प्रयोग पूजा-अर्चना के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

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