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जानिए, बिना तोड़-फोड़ के कैसे करें रसोई घर का वास्तु दोष दूर
Fri, 26 Jun 2020 07:09 AM IST
विनोद शुक्ला
अनीता जैन, वास्तुविद
अनीता जैन, वास्तुविद
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Fri, 26 Jun 2020 07:09 AM IST
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Kitchen Vaastu Remedis
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किचन के लिए घर की दक्षिण-पूर्व दिशा (आग्नेय-कोण) को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। विकल्प के रूप में आग्नेय दिशा की तरफ पूर्व में या फिर उत्तर-पश्चिम दिशा की तरफ पश्चिम दिशा में भी रसोई का निर्माण कर सकते हैं। लेकिन भूलकर भी दक्षिण-पश्चिम दिशा में किचन नहीं रखनी चाहिए,यहाँ किचन का होना एक बड़ा वास्तु दोष है। इस दिशा में किचन होने से व्यक्ति अपने कौशल का इस्तेमाल नहीं कर पाता है जिस वजह से उसे अपने करियर में अस्थायित्व और घर-परिवार में खराब रिश्तों का सामना करना पड़ सकता है,यहाँ तक की बच्चों के विवाह में देरी हो सकती है। रसोई का इस दिशा में होना घर में अनावश्यक खर्चों को बड़ा सकता है।इसके आलावा घर के सदस्यों में रोग,दुर्घटना,संतान के प्रति चिंता भी इस दिशा में किचन होने का कारण हो सकते हैं।
आंतरिक सज्जा से उपाय
अन्य जरूरी टिप्स-
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आंतरिक सज्जा से उपाय
- उपाय के तौर पर किचन को सही दिशा में ही व्यवस्थित करें और यदि ऐसा करना संभव नहीं हो पा रहा है तो आप बिना तोड़-फोड़ के रसोई की आंतरिक व्यवस्था को वास्तु के अनुरूप करके वास्तुदोष को दूर कर सकते हैं।
- रसोई घर में चूल्हा आग्नेय कोण में रखना चाहिए और खाना पकाने वाले का मुख पूर्व दिशा की ओर होना भी आवश्यक है,इससे धन की वृद्धि तथा स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
- पीने योग्य जल का भंडारण व हाथ धोने के लिए नल ईशान कोण में होना चाहिए।
- रसोई में सिंक यानि कि बर्तन धोने की दिशा के लिए उत्तर-पश्चिम दिशा शुभ मानी गई है।
- टोस्टर,गीजर या माइक्रोवेव,ओवन आग्नेय कोण में रखना आपके लिए लाभदायक होगा।
- मिक्सर,आटाचक्की,जूसर आदि आग्नेय कोण के निकट दक्षिण में रखना शुभ माना गया है।
- यदि रेफ्रीजिरेटर रसोई में रखना है तो इसे दक्षिण या पश्चिम दिशा की ओर रखें,ईशान या नैऋत्य कोण पर कदापि नहीं रखना चाहिए।
- मसाले के डिब्बे,बर्तन,चावल,दाल,आटा आदि के डिब्बे दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम में रखना वास्तु सम्मत है।
- खाली सिलेंडर नैऋत्य कोण में रखें एवं प्रयोग होने वाला सिलेंडर दक्षिण दिशा की ओर रखें।
- वास्तु के अनुसार रसोई की दीवारों का रंग हल्का नांरगी के साथ क्रीम कलर करवाना शुभता में वृद्धि करेगा।रसोईघर में काले और नीले रंग के प्रयोग से बचना चाहिए। वास्तुशास्त्र मानता है कि काले रंग के प्रयोग से किचन में नकारात्मक ऊर्जा का निवास हो जाता है साथ ही घर में आर्थिक हानि होने की भी संभावना बढ़ जाती है।अगर आप के घर में पहले से काले रंग का पत्थर लगा हुआ है तो आप इसके दुष्प्रभाव से बचने के लिए किचन में स्वास्तिक बना सकते हैं इससे वहां का वातावरण सकारात्मक हो जाएगा।
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अन्य जरूरी टिप्स-
- आपकी किचन यदि वास्तु सम्मत दिशा में नहीं है तो आप इस वास्तुदोष को दूर करने के लिए किचन की दक्षिण-पूर्व दिशा में एक लाल बल्ब लगा दें और इसको हमेशा जलने दें।
- किचन और बाथरूम कभी भी एक सीध में नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे परिवार के लोगों का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है और जीवन में अशांति है।यदि ऐसा है तो इससे बचने के लिए बाथरूम में खड़ा नमक एक कांच की कटोरी में रखें और समय-समय पर इसे बदलते रहें।
- सकारात्मक ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने के लिए रसोईघर की पूर्व या उत्तर की दीवार पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाना बहुत शुभ माना गया है।
- घर में बरकत के लिए पहली रोटी गौ माता की एवं सबसे बाद में एक रोटी कुत्ते के लिए निकालनी चाहिए।